छत्तीसगढ़
सिर्फ ₹10000 रूपये से खाली बैठी पत्नी को शुरू कराएं धांसू कमाई वाला ये बिज़नेस, घर से ही हर महीने होगी लाखों की कमाई

बिज़नस न्यूज़ डेस्क,अगर फेस्टिव सीजन में कम पैसे लगाकर मोटा पैसा कमाना चाहते हैं तो कई ऐसे बिजनेस हैं। जिसमें बंपर कमाई की जा सकती है। आज हम आपको एक ऐसा बिजनेस आइडिया दे रहे हैं। जिसे घर के एक कमरे में शुरू कर सकते हैं।
ये है बिंदी मेकिंग बिजनेस (Bindi Making Business) । इस बिजनेस को एक छोटी सी मशीन के जरिए शुरू किया जा सकता है। इसके लिए कोई ऑफिस या फैक्ट्री लगाने की कोई जरूरत नहीं है। बिंदी हर सुहागन औरत की पहली पहचान होती है। औरतें और लड़कियां अपने श्रृंगार के लिए बिंदी जरूर इस्तेमाल करती हैं।यह 16 श्रृंगारों में से एक है। कुछ समय पहले सिर्फ गोल आकार की बिंदी की डिमांड थी। लेकिन अब कई आकार और डिजाइन में बिंदियां मिलने लगी हैं। सबसे खास बात यह है कि बिंदी मेकिंग बिजनेस सालों भर चलने वाला कारोबार है। यही नहीं, शहर हो या गांव, हर जगह बिंदी की जबरदस्त डिमांड रहती है।
बिंदी का मार्केट है बड़ा
बिंदी का मार्केट इन दिनों का काफी बड़ा हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक, एक महिला एक साल में 12 से 14 पैकेट बिंदी यूज करती है। 10,000 रुपये लगाकर इस बिजनेस को शुरू किया जा सकता है। इसके लिए आपको कच्चे माल की जरूरत पड़ेगी। मखमल कपड़ा, चिपकने वाला गोंद, क्रिस्टल, मोती आदि की जरूरत पड़ेगी। ये सभी चीजें मार्केट में आसानी से मिल जाएंगी।
कैसे बनाएं बिंदी?
शुरुआत में बिंदी प्रिंटिंग मशीन, बिंदी कटर मशीन और गमिंग मशीन की जरूरत होगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक मोटर और हैंड टूल की आवश्यकता होती है। हालांकि शुरुआत मैनुअल मशीन की मदद से कर सकते हैं, कारोबार बढ़ने के साथ Automaton Machines ले सकते हैं।
बिंदी से कितनी होगी कमाई?
जहां तक कमाई की बात है तो इस बिजनेस में 50 फीसदी से अधिक की बचत होती है। अगर आप अपने प्रोडक्ट को सही से बेच लेते हैं तो फिर आसानी से हर महीने कम से कम 50 हजार रुपये कमा सकते हैं। इस बिजनेस का मार्केटिंग हिस्सा सबसे अहम है। इसे आप शहर के कॉस्मेटिक की दुकानों में सप्लाई कर सकते हैं। इतना ही नहीं बिंदी को आप लोकल मार्केट में और जनरल स्टोर में सप्लाई कर सकते हैं। इसके अलावा इसे मॉल, सुपर मार्केट, मंदिर की आसपास की दुकानों में भी सप्लाई कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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