छत्तीसगढ़
“दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में स्टेशन पुनर्विकास और अमृत भारत स्टेशन योजना”

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत द्रूतगति से किया जा रहा स्टेशनों का पुनर्विकास ।
तीन प्रमुख रेलवे स्टेशन बिलासपुर, रायपुर एवं दुर्ग का पुनर्विकास
बिलासपुर – 08 अक्टूबर’ 2024
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रमुख स्टेशनों का पुनर्विकास:-
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीन स्टेशनों को अमृत स्टेशन योजना के तहत लिया गया है, ये हैं बिलासपुर (कार्य की लागत 469 करोड़ रुपये), रायपुर (कार्य की लागत 463 करोड़ रुपये) और दुर्ग (कार्य की लागत 441 करोड़ रुपये) । तीनों स्टेशनों के लिए इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) मोड के तहत अनुबंध दिए गए हैं । प्रारंभिक कार्य प्रगति पर हैं ।

स्टेशनों का उन्नयन:-
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा अमृत स्टेशनों के विकास के लिए कार्य शुरू कर दिए गए हैं । इस योजना के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 46 स्टेशनों का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कार्य किया जा रहा है ।

ये स्टेशन है:-
1.रायगढ़, 2.बाराद्वार, 3.चांपा, 4.नैला, 5.अकलतरा, 6.कोरबा, 7.उसलापुर, 8.पेंड्रा रोड, 9.बैकुंठपुर रोड, 10.अंबिकापुर, 11.भाटापारा, 12.भिलाई पावर हाउस, 13.तिल्दा-नेओरा, 14.बेल्हा, 15.भिलाई, 16 .बालोद, 17.दल्लीराजहरा, 18.भानुप्रतापपुर, 19.हथबंध, 20.सरोना, 21.मरौदा, 22.मंदिर हसौद, 23.उरकुरा, 24.निपनिया, 25.भिलाई नगर, 26.राजनांदगांव, 27.डोंगरगढ़, 28. बेलपहाड़, 29.ब्रजराजनगर 30.अनूपपुर, 31.शहडोल, 32.उमरिया, 33.बिजुरी, 34.मंडलाफोर्ट, 35.बालाघाट, 36.नैनपुर, 37.छिंदवाड़ा, 38.सिवनी 39.गोंदिया, 40.इतवारी, 41.कैम्पटी, 42.आमगांव, 43.भंडारा रोड, 44.तुमसर रोड, 45.वड़सा, 46.चांदाफोर्ट ।

इन सभी 46 स्टेशनों के लिए लगभग 567 करोड़ रुपए की लागत से टेंडर जारी किये जा चुके हैं । सभी स्टेशनों पर कार्य तेजी से चल रहा है एवं इन्हें निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है ।
इन स्टेशनों के उन्नयन हेतु निम्नलिखित विकास कार्य किए जा रहे हैं:-
स्टेशन परिसर:-
विशाल प्रवेश/निकास द्वार और पोर्च, सड़क और परिसंचारी क्षेत्र का विकास, अतिरिक्त/नवीनीकृत पार्किंग, सुंदर उद्यान और भूनिर्माण, अग्रभाग, स्थानीय संस्कृति के भित्ति चित्र/पेंटिंग, हाई मास्ट लाइट और चमकदार प्रकाश व्यवस्था, वाणिज्यिक स्थान ।
स्टेशन भवन के अंदर:-
एक विशाल कॉनकोर्स, अतिरिक्त प्लेटफ़ॉर्म शेल्टर, कोच और ट्रेन इंडिकेशन बोर्ड, एसी और नॉन एसी पुनर्निर्मित प्रतीक्षालय, प्रतीक्षालय में नया फ़र्नीचर, नए शौचालय ब्लॉक, सीसीटीवी, साइनेज 👇🏻
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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