Connect with us

छत्तीसगढ़

लग चुकी है कोरोना वैक्सीन की पहली डोज, अब दूसरा टीका कब लगेगा? यहां जानिए

Published

on

रायपुर। कोरोना की रोकथाम के लिए केंद्र के साथ राज्य सरकार भी तेजी से टीकाकरण में जुट गई है। एक मई से टीकाकरण का तीसरा चरण देश में शुरू हुआ है और ऐसे में कई सवाल भी सामने आए हैं। लोग जो वैक्सीन की दूसरी डोज लेना चाहते हैं, वे अपना अपॉइंटमेंट बुक नहीं करा पा रहे, ऐसे में उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि अगर समय पर वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं मिली, तो क्या होगा? क्या देरी से वैक्सीन मिलने पर शरीर में एंटीबॉडी विकसित होगी?

विशेषज्ञों के मुताबिक सरकार और वैक्सीन कंपनियों के अनुसार कोवैक्सिन की दो खुराक के बीच 42 दिन और कोविशील्ड के लिए 56 दिनों की अधिकतम समयसीमा तय की गई है। हालांकि उन्होंने बताया कि दूसरे डोज की अधिकतम सीमा इस बात पर भी निर्भर करेगी कि यह आपको कब उपलब्ध होती है और इसकी कोई सीमा नहीं है।

यह भी पढ़ें   जनपद सदस्य के बेटे का अपहरण...

यह अधिकतम 6 माह भी हो सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि एक साल बाद दूसरी खुराक लेने चले जाएं। इसका कोई असर नहीं होगा। कोवैक्सीन के मामले में दूसरा डोज 28 से 42 दिन के बीच ले सकते हैं, जबकि कोविशील्ड में यह समय 42 से 56 दिन है। कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों का असर दूसरे डोज के 14 दिन बाद ही प्रभावी होगा।

कितने दिन का हो दो वैक्सीन के बीच गैप

पहली खुराक लेने के बाद अगर 21 दिनों के अंदर संक्रमण हुआ, तो इसका मतलब यह है कि वैक्सीन ने अपना असर दिखाना शुरू नहीं किया और व्यक्ति संक्रमित हो गया। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार संक्रमण से ठीक होने के 28 से 56 दिनों के बीच में दूसरी खुराक लेनी चाहिए। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक स्वस्थ होने के बाद व्यक्ति 60 से 180 दिनों के बीच वैक्सीन की दूसरी खुराक ले सकते है।

यह भी पढ़ें   बालोद: पेड़ से लटका मिला दंपति का शव, दोनों ने किया था प्रेम विवाह...

अगर पहली खुराक लेने के 21 दिनों के बाद संक्रमण हुआ, तो इस हालत में यह बूस्टर डोज का काम करेगा। ऐसे में लक्षण ज्यादा गंभीर नहीं होते और व्यक्ति आसानी से स्वस्थ हो जाता है। ऐसे लोगों को 6 महीने के बाद ही वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने की सलाह दी जाती है।

विशेषज्ञ ने बताया कि कोरोना संक्रमण वैक्सीन की दोनों खुराक लेने के बाद भी हो सकता है, लेकिन वैसी स्थिति में वैक्सीन कोरोना के लक्षणों को ज्यादा गंभीर नहीं होने देता है। यह ज्यादा से ज्यादा माइल्ड से मॉडरेट हो सकता है। लहारिया के अनुसार पहली खुराक के बाद संक्रमण होने के दो हालात बन सकते हैं:

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव पीडब्लूडी, पीएचई और नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की करेंगे समीक्षा

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   मुंगेली : जिले में कक्षा 10वीं से लेकर स्नातक तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए संचालित होगा कैरियर-व्यावसायिक मार्गदर्शन कार्यक्रम

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   रायपुर: शीतकालीन छुट्टी का आदेश जारी, ऑनलाइन क्लासेस रहेंगी जारी

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   जनपद सदस्य के बेटे का अपहरण...

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   जशपुर: प्राचीन शिव मंदिर से हुई शिवलिंग और नागराज की चोरी

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending