Connect with us

छत्तीसगढ़

Trauma Fracture Injury: रोड एक्सीडेंट और इंडस्ट्रियल एक्सीडेंट में बॉडी पार्ट फ्रेक्चर हों तो क्या करें? : Dr. Kedar Agarwal

Published

on

भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा ऑटोमोटिव मार्केट (automotive market) है. वहीं इसके अलावा देश में सबसे ज्यादा रोड एक्सीडेंट्स (road accidents) भी होते हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार हर साल 1.50 लाख सिर्फ रोड एक्सीडेंट्स में ही अपनी जान गंवा देते हैं. ज्यादातर रोड एक्सीडेंट्स ऐसे होते हैं जिनमें लोगों को फर्स्ट ऐड (first aid) न मिलने के कारण उनकी जान चली जाती है.

क्या होता हैं ट्रामा सेंटर(TRAUMA CENTER)?
Fracture Trauma Cases: सड़क हादसा या फैक्ट्री दुर्घटना में टूट जाए आपकी हड्डियाँ तो क्या करें? जानिए क्या कहते हैं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. केदार अग्रवाल
Fracture Trauma Cases: सड़क हादसा या फैक्ट्री दुर्घटना में टूट जाए आपकी हड्डियाँ तो क्या करें? जानिए क्या कहते हैं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. केदार अग्रवाल

अस्पताल के अंदर एक वार्ड (ward) होता है, जिसे ट्रामा सेंटर कहा जाता है , जो मुख्य रूप से अस्पताल(Hospital) के रूप में सुसज्जित है |

ट्रामा केस ((TRAUMA Fracture Cases) इमरजेंसी केस होते हैं, जिसमें घायल होने वाले मरीजों को व्यापक आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं (emergency medical services) प्रदान करता है क्योंकि, आघात के केंद्रों की प्राप्ति से बाहर अस्तित्व में वृद्धि हुई है कि दर्दनाक चोट (traumatic injury) एक बीमारी की प्रक्रिया बन चुकी है, जिसे स्वयं ही विशेष और अनुभवी बहुआयामी उपचार और विशेष संसाधनों की जरूरत पड़ती है।

देश के अधिकतर लोगों के साथ मोटर वाहन दुर्घटनाएं (motor vehicle accidents), आदि हो जाती है, जिससे वो बहुत ही बुरी तरह से घायल (Injured) हो जाते है और घायल होने की वजह से शरीर में और भी कई तरह की परेशानियां उत्पन्न हो जाती है, जिससे लोग हमेशा ग्रसित रहता है |

सड़क दुर्घटना में अगर टूट जाए आपकी हड्डियाँ
Fracture Trauma Cases: सड़क हादसा या फैक्ट्री दुर्घटना में टूट जाए आपकी हड्डियाँ तो क्या करें? जानिए क्या कहते हैं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. केदार अग्रवाल
Fracture Trauma Cases: सड़क हादसा या फैक्ट्री दुर्घटना में टूट जाए आपकी हड्डियाँ तो क्या करें? जानिए क्या कहते हैं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. केदार अग्रवाल

छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर केदार अग्रवाल (Dr. Kedar Agrawal, Top Orthpedic Surgeon in Raipur, Chhattisgarh) कहते हैं कि किसी सड़क दुर्घटना में हड्डियों का टूटना (broken bones) सबसे आम कारणों में से एक है। कार/बाइक दुर्घटना (car/bike accident) जैसी दर्दनाक घटना के दौरान, आपका शरीर अत्यधिक तनाव में आ जाता है, जिससे महत्वपूर्ण चोटें लग सकती हैं।

यह भी पढ़ें   ड्राय डे पर अवैध शराब बिक्री करने वाला गिरफ्तार

यदि आप एक कार दुर्घटना में हड्डियों के फ्रैक्चर (Bone fractures in accident) का शिकार होते हैं, तो आपको चिकित्सा देखभाल और उपचार खोजने के लिए तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता है।टूटी हुई हड्डियों(broken bones) के प्राथमिक लक्षणों और लक्षणों को जानने के लिए आपको यह जानना बेहद जरूरी है की आपको चिकित्सा देखभाल (of medical care) की आवश्यकता क्यों है?

कार/बाइक दुर्घटनाएं (Car/Bike Accidents) बड़ी संख्या में फ्रैक्चर के लिए जिम्मेदार होती हैं, क्योंकि टक्कर के दौरान आपका शरीर कार में आगे या पीछे की ओर मूव करता है और टक्कर के दौरान कार (car during a collision) के बॉडी या कठोर वस्तुओं (जैसे डैश या विंडशील्ड) को बहुत जोर से टक्कर लग सकती है।

इस दौरान आपके शरीर के अंगों को असामान्य तरीके से गहरी चोट(deep hurt), हड्डियों में मोच या आपके शरीर की कोई भी हड्डी कार दुर्घटना से टूट सकती है। सामान्य कार दुर्घटना (common car accident) फ्रैक्चर में निचले पैर और फीमर, हाथ और कलाई, हंसली, कूल्हे, पसलियां और चेहरे या खोपड़ी शामिल हैं। रीढ़ और गर्दन के फ्रैक्चर (spine and neck fractures) और सिर पर चोट भी लग सकती है।

आपको बता दें की सड़क दुर्घटना में होने के बाद (after being in a road accident), आप महसूस कर सकते हैं कि आपकी हड्डियों में फ्रैक्चर हो गया है या किसी खास जगह पर चोट से गंभीर दर्द (severe pain from injury ) है। तेज दर्द के साथ-साथ टूटी हड्डियों के हिलने-डुलने या छूने से यह दर्द और अधिक बढ़ जाता है।

घायल हिस्से पर भार सहन करने में असमर्थता, लाल हो जाना, सूजन जैसी विकृति एक बहुत ही गंभीर (High Accident) वाली दुर्घटना में शामिल हैं, तो आपको कई फ्रैक्चर हो सकते हैं।
ऐसी परिस्थिति में आपको तत्काल चिकित्सा देखभाल की जरूरत होती है। इसलिए किसी दुर्घटना के बाद आपको चोट लगे या नहीं, इस पर ध्यान दिए बिना चिकित्सा देखभाल की तलाश करना महत्वपूर्ण है।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ : कोविशील्ड वैक्सीन के प्रथम टीका लगने के बाद 84 दिनों के पश्चात् ही लगेगा दूसरा टीका

यदि आपको लगता है कि आपको फ्रैक्चर (fracture) है, तो चिकित्सा देखभाल की तलाश करना और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हड्डियों के फ्रैक्चर चिकित्सा (Treatment) के बिना ठीक नहीं होगा। इसलिए ऐसी परिस्थिति में सबसे पहले नजदीकी या हड्डी विशेषज्ञ के पास तुरंत पहुंचे और अपना ईलाज करवाएं।

डॉ. केदार अग्रवाल

ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर केदार अग्रवाल (नंबर-1 ऑर्थोपेडिक/जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन) छत्तीसगढ़ में लगभग पिछले 30 साल से अपनी सेवाएँ दे रहें हैं| उन्होंने अब तक हजारों सफल सर्जरी (Knee Replacement Surgery) किये हैं| फिलहाल छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के समता कॉलोनी स्थित अग्रसेन अस्पताल के चेयरपर्सन (Chairman) हैं|

हड्डियों से जुड़ी तमाम समस्यायों के लिए, आज ही पधारें अग्रसेन अस्पताल

जानिए अग्रसेन अस्पताल की प्रमुख सेवाओं के बारे में :
• 24 घंटे आपात चकित्सा सुविधा उपलब्ध
• आधुनिक विदेशी उपकरणों से सुसज्जित
• इमेज इटेंसीफायर (C-Arms)
(फ्रेक्चर को सीधे टी.टी. स्क्रीन में देखकर सेट करने की मशीन)
• जॉइंट-रिप्लेसमेंट, एलिजारों जैसे पोलियों आदि
• कम्पाऊन्ड फ्रेक्चर
• इन्फेक्टेड फ्रेक्चर
• एक्सीडेंट एंजुरी
• हैण्ड सर्जरी एवं सभी प्रकार के हड्डी से सम्बंधित ओपरेशन की सुविधा
• इंटरलॉकिंग
• वात की सर्जरी
• एक्स-रे
• पैथोलॉजी लैब, फिजियोथैरेपी
• वातानुकूलित प्राइवेट रूम
• लिफ्ट
• टोटल हिप रिप्लेसमेंट एंड टोटल नी रिप्लेसमेंट
• मेडिकल स्टोर
• खाना बनाने एवं रहने की सुविधा

सही लाइफस्टाइल से अपनी हड्डियों को ऐसे रखें सलामत: Dr. Kedar Agrawal, Orthpedic

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

Published

on

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

यह भी पढ़ें   CG Job Update: कलेक्ट्रेट सारंगढ़ में इन पदों पर निकली भर्ती, जल्द करें आवेदन

इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

यह भी पढ़ें   दुर्ग : नगर निगम के पूर्व कमिश्नर समेत 4 के खिलाफ FIR...

परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

Continue Reading

छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

Published

on

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें   भूपेश कैबिनेट की बैठक समाप्त, लिए गए हैं अहम फैसले

महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

Continue Reading

कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Published

on

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

यह भी पढ़ें   कोरोना ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ में आज मिले कोरोना वायरस के 37 नए पॉजिटिव मरीज, 25 हुए स्वस्थ

बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें   सीएम भूपेश ने डोंगरगढ़ विधानसभा में लगाई चौपाल, क्षेत्र को दी ये सौगात

बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending