देश
Vedanta Power Plant Sakti Update: सक्ती वेदांता प्लांट हादसे में 20 मौतें, एक मजदूर लापता, घायलों का इलाज जारी, जानें पूरा अपडेट
Vedanta Power Plant Sakti Update: वेदांता पावर प्लांट दुर्घटना.. मजदूर दिलीप कुमार हादसे के बाद से लापता.. उसी बॉयलर की टेस्टिंग करने पहुंचा था जहां हुआ भीषण ब्लास्ट.. जानें मौतों का आंकड़ा

सक्ती: बीते मंगलवार को सक्ती के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद कई घायलों की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। इस हादसे में घायल 11 श्रमिकों का रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। (Vedanta Power Plant Sakti Update) अब तक मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। इनमें से 18 श्रमिकों की मौत रायगढ़ में इलाज के दौरान हुई, जबकि दो श्रमिकों ने राजधानी रायपुर में दम तोड़ा।
कहां गायब हुआ मजदूर दिलीप कुमार?
इस बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एक परिवार ने दावा किया है कि दिलीप कुमार नाम का मजदूर हादसे के बाद से लापता है। परिजन आज उसकी तलाश में पावर प्लांट पहुंचे, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। बताया जा रहा है कि हादसे वाले दिन दिलीप कुमार बॉयलर टेस्ट के लिए गया था, जिसके बाद यह दुर्घटना हुई। परिजनों ने उसकी खोजबीन की गुहार लगाई है।
पीएम के बाद शवों को भेजे जायेंगे उनके घर
घटना के तीसरे दिन भी मृत श्रमिकों के शवों की शिनाख्त और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है। अधिकांश मृतक पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले बताए जा रहे हैं। परिजनों के समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण बुधवार को पांच शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। आज सुबह से परिजनों के पहुंचने के बाद शिनाख्त और पोस्टमार्टम की कार्रवाई तेज कर दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके गृह राज्यों के लिए रवाना किया जाएगा। (Vedanta Power Plant Sakti Update) जिला प्रशासन के अनुसार, घायलों के बेहतर इलाज के लिए अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घायलों से श्रममंत्री ने भेंट, जाना हालचाल
हादसे के बाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन गुरुवार को रायगढ़ पहुंचे। उन्होंने मेट्रो हॉस्पिटल, जिंदल हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और उनके उपचार की जानकारी ली। मंत्री ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने भी हादसे पर चिंता जताई है, वहीं मुख्यमंत्री ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और श्रम कानूनों के तहत भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल प्लांट को सील कर दिया गया है और जांच पूरी होने तक इसे दोबारा शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
‘गंभीर लापरवाही की आशंका, कराई जा रही है जांच’ : श्रममंत्री
मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और घायलों को 15 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री की ओर से 2 लाख रुपये और मुख्यमंत्री की ओर से 5 लाख रुपये की सहायता राशि भी घोषित की गई है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर लापरवाही का मामला प्रतीत होता है और इसकी गहन जांच कराई जाएगी। (Vedanta Power Plant Sakti Update) पिछले दो वर्षों में औद्योगिक इकाइयों में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए सरकार ऐसे हादसों की रोकथाम के लिए ठोस उपाय करने पर भी विचार कर रही है।
कांग्रेस की टीम भी पहुंची सक्ती
इस हादसे के बाद प्रदेश की मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर मजदूरों और औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा की अनदेखी के आरोप लगाए थी। इसके साथ ही कांग्रेस ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की अगुवाई में एक जाँच दल का भी गठन किया था। आज कांग्रेस की यह जाँच दल सक्ती पहुँच चुकी है। वे घायलों के परिजनों से भेंट करने के साथ ही घटनास्थल का भी जायजा लेंगे। इसके बाद तैयार रिपोर्ट पीसीसी को भेजी जाएगी.
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।
देश
राम मंदिर के चंदे पर सियासत तेज: अखिलेश यादव के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार

नई दिल्ली अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे को लेकर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा मंदिर के चंदे में कथित गबन और हेराफेरी के आरोपों पर अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है।
केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने विपक्ष और इंडिया (INDIA) गठबंधन पर देश का माहौल खराब करने का आरोप लगाया है।
- केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी का बड़ा बयान: इस पूरे विवाद पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने साफ किया कि राम मंदिर से जुड़े मामलों की देखरेख के लिए ट्रस्ट मौजूद है। उन्होंने कहा:
“देखिए, यह ट्रस्ट का काम है। ट्रस्ट ने इसके लिए एक जांच कमेटी बनाई हुई है और मामले की जांच चल रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे सख्त सजा दी जाएगी।”
- ‘विपक्ष का नैरेटिव अब नहीं चलेगा’ पंकज चौधरी ने अखिलेश यादव और विपक्षी गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा और पूरा एनडी अलायंस (विपक्ष) केवल देश में एक गलत नैरेटिव (माहौल) तैयार करना चाहता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसी गलत नैरेटिव के दम पर चुनाव जीतना चाहता है, लेकिन देश की जनता अब उनकी इस राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है। बंगाल, बिहार, हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र के चुनावी नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि जनता अब इनके झांसे में आने वाली नहीं है।
- अखिलेश के ‘PDA’ पर साधा निशाना: अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर तंज कसते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सपा का पीडीए सिर्फ कागजों और बयानों में है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव कई बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उन्होंने कभी किसी ‘पीडीए’ वर्ग का भला नहीं किया, बल्कि सिर्फ अपने परिवार का विकास किया।
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