Connect with us

देश

Video: पानी से निकल बाहर आया मगरमच्छ, घबराया शहर, पर हुआ कुछ ऐसा कि लाइमलाइट चुरा ले गया कुत्ता

Published

on

नई दिल्ली| सोचिए कभी ऐसा हो कि आप अपनी सोसाइटी में वॉक करने निकले और सामने मगरमच्छ (Crocodile) आ जाए तो क्या हाल होगा. जाहिर सी बात है रिहायशी इलाकों में मगरमच्छ घूमता दिखे तो हर किसी को डर लगेगा ही. ऐसा ही हुआ है कर्नाटक में जहां सड़कों पर घूमते हुए मगरमच्छ का वीडियो कैप्चर हुआ है, जोकि सोशल मीडिया पर भी लोगों में दहशत फैला रहा है. लेकिन इस मगरमच्छ से ज्यादा लोगों की नजर एक कुत्ते पर पड़ रही है जोकि मगरमच्छ के सामने भी बहादुरी से खड़ा हुआ है.

घटना कर्नाटक के दांदेली गांव की है जहां कोगिलबन गांव में एक मगरमच्छ टहलता हुआ मिला. बाद में वन अधिकारियों ने मगरमच्छ को पकड़ा और नदी में छोड़ दिया. वायरल हो रहे वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे खुलेआम सड़क पर मगरमच्छ घूम रहा है, जिसे देखकर लोग डर रहे हैं. पर इस सबसे अलग एक कुत्ता है जो मगरमच्छ के सामने भी निडर होकर खड़ा है. उसे मगरमच्छ से कोई डर ही नहीं. ऐसे में ये निडर कुत्ता मगरमच्छ के सामने सारी लाइमलाइट ले गया. लोग कह रहे हैं कि उन्हें भी लाइफ में इतना ही कॉन्फिडेंस चाहिए जितना इस कुत्ते में है. तो वहीं कुछ लोग मगरमच्छ का भी मजाक उड़ा रहे हैं कि उसे देखकर कुत्ता भी नहीं डर रहा. कई लोग उसे शाकाहारी मगरमच्छ भी कह रहे हैं.

यह भी पढ़ें   CG Breaking: अख्तर ढेबर और छत्तीसगढ़ के आबकारी अधिकारी निरंजन दास ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली याचिका

देखें वीडियो-

#WATCH Karnataka | A crocodile found strolling through Kogilban village in Dandeli. Later, forest officials rescued the crocodile & released it into the river. pic.twitter.com/2DDk7JuOB8

— ANI (@ANI) July 1, 2021

मगरमच्छ का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. लोग इसे देखकर डरे हुए हैं. सोशल मीडिया पर यूजर्स मगरमच्छ के कई वीडियो क्लिप शेयर कर रहे हैं और एक दूसरे को उससे बचने की वॉर्निंग दे रहे हैं. लोग ना सिर्फ इस वीडियो को देखकर खौफ में हैं बल्कि इस पर तरह-तरह के कमेंट और रिएक्शन दे रहे हैं.

मैं भौंक लेता हूं-

The dog: Aight! Everyone’s watching so lemme bark for a formality

यह भी पढ़ें   IPS जीपी सिंह की गिरफ्तारी के लिए भूपेश सरकार ने कसी कमर

— Neha Biswal (@NehaBiswal4) July 1, 2021

डर के आगे जीत है-

Dog : Dar ke aage jeet hai

— Manichand (@Desi_7Gladiator) July 1, 2021

वेजीटेरियन मगरमच्छ-

Bichara vegetarian crocodile sirf daal chawal hi toh maangne aaya tha.

— ً (@TheSaktMemer) July 1, 2021

आलसी-

Vegan plus alsi hain yeh

— dead (@d_sarthak_) July 1, 2021

छिपकली है-

Dog be like ” naah, it’s not the regular lizard. I’m out” pic.twitter.com/Ap1bULlixG

— (@Lame_Bajrangi) July 1, 2021

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

Published

on

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।

यह भी पढ़ें   तीसरी बार BJP 370 पार, और NDA 400 के पारः लोकसभा में बोले प्रधानमंत्री मोदी

सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम

आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”

‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’

दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   शुध्द योग केंद्र की नयी शाखा जांजगीर का हुआ उद्घाटन

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

देश

पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

Published

on

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।

  • महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
यह भी पढ़ें   राष्ट्रपति इरफान अली, उप-राष्ट्रपति भारत जगदेव, भारतीयों की धरती कैसे बन चुका है गुयाना, जा रहे हैं PM मोदी

साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।

  • पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
यह भी पढ़ें   नीता अंबानी ने रोहित शर्मा को दिया वापस कप्तान बनने का ऑफर, हिटमैन ने मालिकन को दिया ये जवाब

वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।

  • संगठन और रणनीति का मिला लाभ

बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending