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Weekly Leave To Policemen: छत्तीसगढ़ में पुलिसकर्मियों को मिलेगा वीकली ऑफ, पुलिस का नाम सुनते ही अब थर्राएंगे अपराधी, मुख्यमंत्री का निर्देश

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Weekly Leave To Policemen

रायपुर। Weekly Leave To Policemen छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के पुलिसकर्मियों को बड़ी खुशखबरी दी है. गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने का निर्णय लिया है.

छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराध को देखते हुए डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पुलिस विभाग की पहली बैठक ली। उन्होंने इस बैठक में प्रदेश में बढ़ रहे अपराध को रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे कार्य करें जिसमें जनता में विश्वास और पुलिस का नाम सुनते ही अपराधी थर्राए।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस मुख्यालय,नवा रायपुर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभाग के प्रशासन शाखा, योजना, प्रबंध शाखा और अपराध शाखा सहित अन्य विभागीय कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शासन की ओर से बनाए गए कानून व्यवस्था का अच्छे तरीके से पालन करते हुए आमजनों को समय पर न्याय दिलाना सुनिश्चित करें। प्रदेश में तेजी से बढ़ते साइबर क्राइम के लिए पुलिस आधुनिकीकरण के लिए अन्य राज्यों के सफल मॉडल का अध्ययन कर कार्य योजना बनाने कहा गया है।

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बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न शाखाओं से संबंधित अद्यतन जानकारी से गृह मंत्री को अवगत कराया। डिप्टी सीएम शर्मा ने समीक्षा के दौरान नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विशेष सेल बनाने की बात कही है। पुलिस, ड्रग कंट्रोलर एवं नॉरकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के मध्य उच्च स्तरीय समन्वय स्थापित कर नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आधारभूत पुलिसिंग को मजबूत करने कहा।

उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग करने साथ ही छोटी सी छोटी घटनाओं एवं अपराधों में कम से कम समय में कार्रवाई पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में भर्ती की प्रक्रिया की पूरी समय सारिणी तय कर समय-सीमा में नियुक्ति करने कहा। शर्मा ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को जल्द से जल्द विभाग के कर्मचारियों के आवास एवं अधोसंरचना के संबंध में कार्य योजना तैयार कर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।

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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

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Surajpur Murder Case-Chhattisgarh

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।

शरीर पर मिले चोटों के निशान

Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

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पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।

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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

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अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।

अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।

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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

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Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।

Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।

क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।

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धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।

इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।

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गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।

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