छत्तीसगढ़
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर रायपुर में आयोजित होगा श्रम सम्मेलन, मुख्य सचिव ने ली तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक
रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर श्रम के सम्मान के लिए और प्रदेश के विकास को गति देने में श्रमिकों की विशेष भूमिका को देखते हुए राजधानी रायपुर में श्रमिक सम्मेलन के आयोजन का निर्णय शासन द्वारा लिया गया। स्थानीय साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित सम्मेलन में प्रदेशभर के श्रमिक हिस्सा लेंगे।
श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं से जिन हितग्राहियों को लाभ पहुंचा है, उनका सम्मान भी सम्मेलन के माध्यम से किया जाएगा।इसके साथ ही राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में 02 मई को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा तथा 3 मई को ग्राम कोटवार, पटेल और होम गार्ड्स का सम्मेलन आयोजित होगा। इन आयोजनों की तैयारियों के सिलसिले में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और आयोजन की रूपरेखा तय करते हुए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी।
मुख्य सचिव ने कहा कि श्रम सम्मेलन हेतु जिम्मेदारी श्रम विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन सम्मेलन की जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग और ग्राम कोटवार, पटेल तथा होम गार्ड्स सम्मेलन की जिम्मेदारी राजस्व एवं गृह विभाग की होगी। सभी कार्यक्रमों का समन्वय श्रम सचिव अमृत खलखो करेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि हमेशा से हमारे प्रदेश के श्रमिक कड़ी मेहनत करते हैं और सुबह बोरे-बासी खाकर काम पर निकलते हैं। बोरे और बासी छत्तीसगढ़ का परंपरागत खाद्य पदार्थ हैं। यह हमारी मेहनतकश संस्कृति से जुड़ा खाद्य पदार्थ है और गर्मियों में कड़ी मेहनत के लिए तैयार करता है।
मुख्यमंत्री की मंशानुरूप श्रमिक दिवस के दिन हम अपने इस लोकप्रिय खाद्य परंपरा के अनुरूप जिलों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करें, जिसमें बोरे-बासी का स्वाद लेकर नागरिक श्रम के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें। आज हुई बैठक में श्रम विभाग के सचिव अमृत खलखो, राजस्व विभाग के सचिव एनएन एक्का, गृह सचिव अरुण देव गौतम, संचालक जनसंपर्क सौमिल रंजन चौबे, कलेक्टर रायपुर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, नगर निगम रायपुर आयुक्त मयंक चतुर्वेदी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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