छत्तीसगढ़
जगदलपुर : ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित प्रदेश के पहले मिलेट्स कैफे का हुआ शुभारंभ
जगदलपुर। ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित प्रदेश के पहले मिलेट कैफे का शुभारंभ गुरुवार को कोड़ेनार के रीपा में किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक राजमन बेंजाम ने कहा कि कोदो-कुटकी, रागी आदि पोषक तत्वों से भरपूर इन फसलों को देखते हुए शासन द्वारा इसके उत्पादन को बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
मिलेट्स कैफे से इन स्थानीय उत्पादों की लोकप्रियता और अधिक बढ़ेगी।उन्होंने कहा कि अपने परिश्रम से क्षेत्र को विकास के राह पर आगे ले जा रही महिलाओं को रोजगार की व्यवस्था के लिए कोड़ेनार में ग्रामीण औद्योगिक पार्क की स्थापना की गई। यहां प्रदेश के पहले मिलेट्स कैफे के खुलने से यह अंचल तथा यहां बहुतायत में उगाई जाने वाली मिलेट फसलों की प्रसिद्ध बढ़ेगी। यह स्थान मुख्य मार्ग में स्थित होने के कारण व्यापार-व्यवसाय में भी आसानी से वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि यहां महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।कलेक्टर श्री विजय दयाराम के ने बस्तरिया मिलेट्स कैफे के शुभारंभ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोगों में मिलेट की मांग अब तेजी से बढ़ रही है। बास्तानार क्षेत्र में बहुत से किसान इसकी खेती करते हैं, जिससे यह इस अंचल में आसानी से उपलब्ध है।
मिलेट्स कैफे के माध्यम से तैयार उत्पादों को बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधयों में संलग्न स्व सहायता समूहों को शासन-प्रशासन द्वारा पूरा सहयोग किया जा रहा है। बुधवार 14 जून को इसी कड़ी में जिले की 1182 समूहों को बैंक लिंकेज के माध्यम से 28 करोड़ रुपए से अधिक राशि प्रदान की गई, जिसमें बास्तानार के 140 समूहों को 3 करोड़ 20 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई। आपके व्यापार-व्यवसाय को सुगम बनाने के लिए गौठान और ग्रामीण औद्योगिक पार्क में आवश्यक अधोसंरचनाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिले के हर विकासखण्ड में दो-दो ग्रामीण औद्योगिक पार्कों का निर्माण किया गया है तथा हर ग्रामीण औद्योगिक पार्क में एक स्थानीय उत्पाद के प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसी कड़ी में आज कोड़ेनार में मिलेट कैफे का शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि स्व सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को आश्रम-छात्रावास, आंगनबाड़ी, पोषण पुनर्वास केन्द्र आदि स्थानों में भी प्रमुखता से उपयोग किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
