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छत्तीसगढ़

भुइयां के विरोध में पटवारियों का आंदोलन खत्म

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रायपुर: प्रदेशभर के पटवारियों ने 12 से 16 दिसंबर तक भुइयां साॅफ्टवेयर का बहिष्कार करते हुए ऑनलाइन काम करना बंद कर दिया था। इसके बाद पटवारी संघ आंदोलन को बड़ा रूप देने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से मुलाकात की। इस मुलाकात में मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि जल्द ही विभागीय बैठक कर उनकी मांगों के संबंध में विचार-विमर्श कर निर्णय लेंगे। मंत्री के आश्वासन के बाद पटवारी संघ ने आंदोलन को बड़ा रूप न देते हुए फिलहाल इसे स्थगित कर दिया है। हालांकि संघ के पदाधिकारियों का यह भी कहना है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे फिर आंदोलन करेंगे।

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ऑनलाइन ठप, मैनुअल काम जारी रहा

पटवारियों के पांच दिन के आंदोलन के दौरान भुइयां सॉफ्टवेयर लॉगइन नहीं किया गया, जिसके कारण नामांतरण, रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण सहित भू-राजस्व संबंधित काम नहीं हो पाया। हालांकि आंदोलन के दौरान सभी पटवारियों ने ड्यूटी पर रहकर मैनुअल तरीके से काम जारी रखा, जिससे सीमांकन, प्रमाणपत्र बनाने समेत अन्य कामकाज होते रहे।

पटवारियों की मांगें

पटवारियों ने अपनी मांग में भुइयां साॅफ्टवेयर में कई तकनीकी खामियां गिनाई हैं। धान खरीदी के दौरान पटवारी आईडी में किसी भी खसरे का मूल रकबा बनाने संबंधी ऑप्शन नहीं है। धान खरीदी के समय हर साल सॉफ्टवेयर में बदलाव करने के कारण भुइयां में मौजूद डाटा बदल जाता है या हट जाता है। खसरा नंबर में क, ख, ग अक्षर वाले खसरा नंबर त्रुटिपूर्ण खसरे में गिने जाते हैं, जो भुइयां सॉफ्टवेयर की सबसे बड़ी खामी है, क्योंकि ऐसे खसरा नंबर पूर्व से ही अभिलेखों में दर्ज चले आ रहे हैं। इसके साथ पटवारियों ने जिलास्तर पर सहायक प्रोग्रामरों की पदस्थापना किए जाने और कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, स्कैनर, इंटरनेट की सुविधा की भी मांग की है।

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राजस्व मंत्री जल्द लेंगे बैठक

राजस्व पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने आंदोलन के अंतिम दिन शुक्रवार को राजस्व मंत्री से मुलाकात की। इस दौरान मंत्री ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही विभागीय बैठक कर उनकी मांगों पर चर्चा कर निर्णय लेंगे।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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