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रायपुर: नए टर्मिनल से बसों की नई टाइमिंग, पढ़ें पूरी खबर

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रायपुर: भाठागांव में निर्मित बस टर्मिनल से बसों का संचालन शुरू होने के बाद से प्रदेश के विभिन्न शहरों और जिलों के लिए आवागमन करने वाली बसों के परिवहन समय में परिवर्तन हुआ है। परिवहन अफसरों ने बताया, यह परिवर्तन विभिन्न मार्गों की दूरी में कमी या वृद्धि होने की वजह हुआ है। परिवहन विभाग ने दूरी एवं समय में परिवर्तन को देखते हुए संचालन समय में युक्तियुक्तकरण किया है। इससे बसों के अंतिम गंतव्य तक पहुंचने के समय में कुछ मिनटों की कमी या वृद्धि होगी। गौरतलब है, राज्य में अब तक बसों का संचालन पंडरी स्थित बस टर्मिनल से हो रहा था। राज्य सरकार ने अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित बस अड्डा का निर्माण भाठागांव, मठपुरैना में कराया है। जहां से बीते 15 नवंबर से बसों का संचालन शुरू किया गया।

बिलासपुर, सिमगा, तिल्दा, कवर्धा, अंबिकापुर इत्यादि की ओर आवागमन करने वाली बसों की दूरी में 10.40 किलोमीटर की वृद्धि हुई है। जिससे साधारण सेवा वाली बसों के समय में 18 मिनट, साधारण एक्सप्रेस सेवा में 16 मिनट, डीलक्स सेवा वाली बसों में 14 मिनट और डीलक्स एक्सप्रेस सेवा वाली बसों में 12.5 मिनट व रात्रिकालीन बस सेवा के समय में 11 मिनट की वृद्धि हुई है।

जगदलपुर, बीजापुर, बैलाडीला, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, राजिम इत्यादि रूट पर आवागमन करने वाली बसों में 3.60 किलोमीटर की कमी हुई है, जिससे साधारण सेवा वाली बसों के समय में 7 मिनट, साधारण एक्सप्रेस सेवा में 6 मिनट, डीलक्स सेवा वाली बसों में 5 मिनट एवं डीलक्स एक्सप्रेस सेवा वाली बसों में 4 मिनट व रात्रिकालीन बस सेवा के समय में 4 मिनट की कमी हुई है।

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कसडोल, लवन, बलौदाबाजार, खरोरा रूट में भी परिवर्तन हुआ है, जिससे इस रूट की बसों को 13.50 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ रही है। इससे साधारण सेवा वाली बसों के समय में 24 मिनट, साधारण एक्सप्रेस सेवा में 21 मिनट, डीलक्स सेवा वाली बसों में 18 मिनट एवं डीलक्स एक्सप्रेस सेवा वाली बसों में 16 मिनट व रात्रिकालीन बस सेवा के समय में 15 मिनट की वृदि्ध हुई।
सरायपाली, पिथौरा, महासमुंद, आरंग, मंदिर हसौद इत्यादि रूट पर चलने वाली बसों को अब 2.40 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ेगी, जिससे साधारण सेवा वाली बसों के समय में 5 मिनट, साधारण एक्सप्रेस सेवा में 4 मिनट, डीलक्स सेवा वाली बसों में 3 मिनट एवं डीलक्स एक्सप्रेस सेवा वाली बसों में 3 मिनट व रात्रिकालीन बस सेवा के समय में 3 मिनट की वृद्धि की गई।
राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई, धमधा, अहिवारा, कुम्हारी रूट की बसों को अब 9.60 किलोमीटर की दूरी कम तय करना होगा। इससे साधारण सेवा वाली बसों के समय में 17 मिनट, साधारण एक्सप्रेस सेवा में 15 मिनट, डीलक्स सेवा वाली बसों में 13 मिनट एवं डीलक्स एक्सप्रेस सेवा वाली बसों में 12 मिनट व रात्रिकालीन बस सेवा के समय में 11 मिनट की कमी हो जाएगी।
पाटन, अमलेश्वर इत्यादि रूट पर चलने वाली बसें अब 10.80 किलोमीटर की दूरी कम तय करेंगे। इस रूट पर साधारण सेवा वाली बसों के समय में 19 मिनट, साधारण एक्सप्रेस सेवा में 16 मिनट, डीलक्स सेवा वाली बसों में 15 मिनट एवं डीलक्स एक्सप्रेस सेवा वाली बसों में 13 मिनट व रात्रिकालीन बस सेवा के समय में 12 मिनट की कमी हो जाएगी।

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अब भी विधानसभा के पास उतारे जा रहे बलाैदाबाजार के यात्री

भाठागांव तक गंतव्य स्थल तय किए जाने के बाद भी बलौदाबाजार के यात्रियों को विधानसभा रोड पर आधे रास्ते में ही उतारा जा रहा है। नई टाइमिंग की व्यवस्था तय होने के दो दिन पहले तक विधानसभा ब्रिज के नीचे मनमानी देखी गई है। बता दें बस संचालकों ने यहां पर स्टापेज तय कर रखा है। मनमानी तरीके से यात्रियों को

लाने-ले जाने सिस्टम बनाए हुए हैं। हालांकि परिवहन विभाग के नए आदेश के बाद अब फर्क पड़ सकता है। विधानसभा के पास से ज्यादातर यात्रियों की शिकायतें है कि रायपुर आने वाली बसें सेमरिया से एंट्री करने के बाद विधानसभा ब्रिज के नीचे यात्रियों को उतारकर निकल रहे हैं। अगर यात्रियों को भाठागांव या रायपुरा तक जाना हो तो उनके लिए परेशानी बढ़ रही है। पचपेढ़ी नाका, रिंग रोड 01 और 02 की तरफ भी यात्रियों को अतिरिक्त गाड़ी भाड़ा देकर ऑटो के इंतजाम करने की मजबूरी है। यहां ऑटो का किराया बस के भाड़े से भी अधिक है।

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WhatsApp में बड़ा बदलाव! अब पुराने मैसेज ढूंढना होगा आसान, जानें कैसे काम करेगा नया Search Shortcut

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Technology Desk : अगर आप WhatsApp की लंबी चैट में किसी पुराने मैसेज को खोजते-खोजते परेशान हो जाते हैं, तो जल्द आपकी यह परेशानी खत्म हो सकती है। WhatsApp iPhone यूजर्स के लिए एक ऐसे नए Search Shortcut की टेस्टिंग कर रहा है, जिसकी मदद से पुराने मैसेज खोजना पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगा।

इस फीचर की खासियत यह है कि किसी मैसेज को सर्च करने के लिए बार-बार Chat Info में जाने की जरूरत नहीं होगी। चैट के अंदर ही सर्च का विकल्प मिल सकेगा।

चैट में ऊपर स्क्रॉल करते ही दिखेगा Search
WhatsApp के इस नए फीचर की जानकारी ऐप के नए अपडेट्स पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, iOS के लिए WhatsApp Messenger के वर्जन 26.36.74 में यह नया Search Shortcut कुछ चुनिंदा यूजर्स को दिखाई दिया है।

नए फीचर में जैसे ही यूजर किसी चैट में पुराने मैसेज देखने के लिए ऊपर की ओर स्क्रॉल करेगा, नेविगेशन बार के ठीक नीचे एक नया Search Control नजर आएगा।

इस पर टैप करते ही सर्च मोड खुल जाएगा। इसके बाद यूजर किसी कीवर्ड को टाइप करके चैट में मौजूद पुराने या किसी खास मैसेज को सीधे खोज सकेगा।

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Channels में भी काम आएगा नया फीचर
WhatsApp का यह शॉर्टकट सिर्फ चैट तक सीमित नहीं रहने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, इसे WhatsApp Channels में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।

किसी लंबे चैनल में पुराने अपडेट को ढूंढना फिलहाल काफी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इसके लिए यूजर्स को काफी पीछे तक स्क्रॉल करना पड़ता है। नए शॉर्टकट की मदद से पुराने अपडेट्स को सर्च करना आसान हो सकता है और इसके लिए चैनल की जानकारी वाले पेज पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

पहले नीचे टेस्ट हो रहा था Search बटन
दिलचस्प बात यह है कि WhatsApp पहले इस फीचर को एक अलग तरीके से टेस्ट कर रहा था। WABetaInfo ने अगस्त में बताया था कि कंपनी चैट के निचले हिस्से में Search बटन की टेस्टिंग कर रही है।

अब नए टेस्ट वर्जन में इस शॉर्टकट की जगह बदल दी गई है। इसे चैट के ऊपर की तरफ रखा गया है और यह खास तौर पर तब दिखाई देगा, जब यूजर पुराने मैसेज देखने के लिए ऊपर स्क्रॉल करेगा।

जैसे ही यूजर वापस चैट के सबसे नए मैसेज तक पहुंचेगा, Search Shortcut के गायब होने की बात सामने आई है।

पुराने मैसेज खोजने में कम होंगे स्टेप्स
फिलहाल किसी WhatsApp चैट में खास मैसेज खोजने के लिए पहले Chat Info खोलना पड़ता है और फिर Search विकल्प पर जाना होता है। नए शॉर्टकट के बाद यह काम सीधे चैट स्क्रीन से किया जा सकेगा।

यानी लंबी पर्सनल चैट, ग्रुप या चैनल में किसी पुराने मैसेज को ढूंढने के लिए कम स्टेप्स और कम झंझट होगा।

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RSS ने OTT के ‘सांस्कृतिक प्रदूषण’ पर रोक के लिए बनाया पैनल, जानिए कौन-कौन पैनल में है शामिल…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर “सांस्कृतिक प्रदूषण” से निपटने के तरीकों पर सुझाव देने के लिए एक अनौपचारिक समूह बनाया है। यह कदम सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा OTT (ओवर-द-टॉप) कंटेंट को “नैतिक पतन” का कारण बताए जाने के लगभग दो साल बाद उठाया गया है। इस पैनल में शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े कई सदस्य शामिल हैं, जिनमें पूर्व वाइस-चांसलर और प्रचारक भी हैं।

RSS के एक सूत्र ने बताया कि कुछ महीने पहले बनाए गए इस पैनल की पहली बैठक पिछले महीने हुई थी। “यह एक अनौपचारिक समूह है और एक प्रस्ताव तैयार किया जाएगा जिसे अंततः केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और केंद्र सरकार के अन्य संबंधित पक्षों को सौंपा जाएगा, ताकि OTT प्लेटफॉर्म पर आ रही अश्लीलता से निपटा जा सके।”

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उन्होंने कहा, “हमें इस सांस्कृतिक प्रदूषण से निपटने के लिए सेंसर बोर्ड जैसी किसी चीज़ की ज़रूरत है, जो हमारे परिवारों और खासकर युवा पीढ़ी को प्रभावित कर रहा है।”

एक अन्य सूत्र ने कहा: “समूह के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन प्रस्ताव तैयार करने से पहले हमें कानून के क्षेत्र के लोगों के साथ भी व्यापक विचार-विमर्श करने की ज़रूरत है।”

भागवत ने 12 अक्टूबर, 2024 को नागपुर में अपने सालाना विजयादशमी भाषण में OTT कंटेंट पर निशाना साधा था। RSS प्रमुख ने तब कहा था, “OTT प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाने वाली चीज़ें इतनी घिनौनी होती हैं कि उनके बारे में बात करना भी अशोभनीय होगा… इसे कानून के ज़रिए रेगुलेट करने की ज़रूरत है क्योंकि यह नैतिक पतन के बड़े कारणों में से एक है।” उन्होंने समाज में कथित “विकृति” के लिए OTT प्लेटफॉर्म को जिम्मेदार ठहराया था।

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EPF पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला: पीएफ पर बेसिक सैलरी लिमिट ₹15000 से बढ़ाकर 25 हजार की, 51 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा

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Modi Government Big Decision on EPF: कर्मचारी भविष्य निधि यानी ईपीएफ (EPF) को पर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मोदी सरकार ने PF के लिए बेसिक सेलरी लिमिट ₹15000 से बढ़ाकर ₹25 हजार कर दी है। अब कंपनियों को 25 हजार रुपए तक की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों को PF के दायरे में शामिल करना ही होगा। मोदी कैबिनेट की बैठक में पीएफ पर बेसिक सैलरी लिमिट बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इससे 51 लाख कर्मचारियों को PF बचत और पेंशन का सीधा फायदा मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि पहले 15 हजार रुपए से ज्यादा बेसिक सेलरी वाले कर्मचारियों का PF कटना या न कटना उनकी मर्जी पर डिपेंड करता था। नए आदेश से 25 हजार रुपए की लिमिट होने के बाद PF कटने से कर्मचारी की सेविंग बढ़ेगी और रिटायरमेंट पर बड़ा फंड मिलेगा। इस पर भारत सरकार का अनुमानित खर्च हर साल लगभग 11,339 करोड़ रुपये होगा।

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यहां एक बात यह भी समझना जरूरी है कि EPF में अनिवार्य योगदान की वेतन सीमा ₹15,000 ही रहेगी। यानी कंपनी और कर्मचारी का अनिवार्य EPF योगदान ₹15,000 तक की सैलरी के हिसाब से ही तय होगा। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और DA मिलाकर ₹20,000 है, तो उसे EPF में शामिल करना अनिवार्य होगा, लेकिन अनिवार्य योगदान ₹15,000 की सीमा तक ही होगा।

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