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रूस-यूक्रेन में जारी जंग के बीच आज से दिल्ली में G-20 विदेश मंत्रियों की अहम बैठक

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नई दिल्लीः भारत की अध्यक्षता में दिल्ली में आज गुरुवार से दो दिवसीय जी-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक शुरू होने जा रही है. इस अहम बैठक में अमेरिका, रूस और चीन के विदेश मंत्री समेत कई अन्य देशों के विदेश मंत्री शामिल हो रहे हैं. इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कल बुधवार को जी-20 के एजेंडे तथा अहम क्षेत्रों में दोतरफा सहयोग पर विशेष ध्यान देते हुए ब्रिटेन, रूस, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका, नीदरलैंड, अर्जेंटीना, नाइजीरिया और कोमोरोस के विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय भेंटवार्ता की.

इस बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने जी-20 देशों की अहम बैठक से एक दिन पहले बुधवार शाम को विचार-विमर्श में भाग लेने वाले विदेश मंत्रियों के स्वागत में एक रात्रिभोज की मेजबानी की, लेकिन अमेरिका, चीन, जापान और फ्रांस के उनके समकक्ष इसमें शामिल नहीं हो पाए. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक, फ्रांस की विदेश मंत्री कैथरीन कोलोना और चीनी विदेशी मंत्री किन गांग दिल्ली के एक आलीशान होटल में शाम करीब सात बजे शुरू हुए रात्रिभोज से पहले राष्ट्रीय राजधानी नहीं पहुंच सके.

बैठक के लिए दिल्ली की खास तैयारी

बहरहाल, कई देशों के विदेश मंत्री और उनके प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली, विदेश मामलों के लिए यूरोपीय संघ के उच्च प्रतिनिधि जोसेप बोरेल फोंटेल्स, कनाडा की विदेश मंत्री मिलानी जोली, दक्षिण अफ्रीका की विदेश मंत्री नालेदी पंडोर और अर्जेंटीना के विदेश मंत्री सैंटियागो कैफिएरो उन नेताओं में शामिल हैं, जो दिल्ली पहुंच चुके हैं. इस बैठक के लिए दिल्ली को खास तरीके से सजाया गया है.

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विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में शामिल होने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन भी कल रात राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गए. यह बैठक यूक्रेन में जारी युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों और रूस-चीन गठबंधन के बीच लगातार बने तनाव के बीच रही है. ब्लिंकन आज ही जी-20 की बैठक में भाग लेने के अलावा विदेश मंत्री जयशंकर से द्विपक्षीय वार्ता कर सकते हैं. उनके कल शुक्रवार को क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भाग लेने की संभावना है.

उज्बेकिस्तान से होते हुए दिल्ली पहुंचे ब्लिंकन

अमेरिकी विदेश मंत्री उज्बेकिस्तान की यात्रा के बाद दिल्ली पहुंचे हैं. उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में ब्लिंकन ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने पूरे क्षेत्र में गहरी चिंता पैदा कर दी है. उन्होंने कहा, “अगर कोई शक्तिशाली देश बल प्रयोग कर किसी संप्रभु पड़ोसी की सीमाओं को मिटाने की कोशिश करने पर आमादा है तो उसे दूसरों के साथ ऐसा करने से कैसे रोका जा सकता है.”

ब्लिंकन के अलावा रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, फ्रांस की कैथरीन कोलोना, चीन के किन गांग, जर्मनी की एनालेना बेयरबॉक और ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवर्ली भी जी-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग ले रहे हैं.

जी-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने कल रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय सहयोग, यूक्रेन संघर्ष और जी-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक से जुड़े मुद्दों पर व्यापक बातचीत की. रूस के विदेश मंत्री बैठक में शामिल होने के लिए मंगलवार रात दिल्ली पहुंचे थे. यूक्रेन में संघर्ष को लेकर रूस के पश्चिमी देशों से बढ़ते टकराव के बीच यह बैठक हो रही है.

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हम सभी पक्षों से बात कर रहेः चीन

जयशंकर ने ट्वीट किया, “जी-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ व्यापक बातचीत की. हमारे द्विपक्षीय सहयोग और जी-20 से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया.” समझा जाता है कि बातचीत में यूक्रेन का मुद्दा भी आया.

दूसरी ओर, विदेश मंत्रियों की बैठक में आम सहमति बनाने के भारत के प्रयासों के बारे में पूछे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, “हम सभी पक्षों से बातचीत कर रहे हैं और शांति के लिए वार्ता को सक्रियता से बढ़ावा दे रहे हैं.” चीन के विदेश मंत्री किन गांग नयी दिल्ली में होने वाली बैठक में भाग ले रहे हैं. माओ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तनाव कम करके और संकट का राजनीतिक समाधान तलाश कर स्थिति को सामान्य बनाने में रचनात्मक भूमिका निभाने की आवश्यकता है. उन्होंने रूस तथा यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म करने के लिए बीजिंग की 12 सूत्री योजना दोहरायी.

इनपुट- एजेंसी / भाषा

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‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

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रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।

गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना

छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।

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सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज

केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:

“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम

आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”

‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’

दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।

  • महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
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साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।

  • पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल

पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।

  • ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
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वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।

  • संगठन और रणनीति का मिला लाभ

बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।

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