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सीएम बघेल आज मुंगेली और बेमेतरा जिले को देंगे सौगात, वर्चुअल कार्यक्रम में 449 करोड़ के विकास कार्यों का होगा लोकार्पण

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रायपुर। कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमे होते ही एक बार पुनः प्रदेश के सभी जिलों में विकास की रफ्तार तेज हो गई है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 12 जून को दोपहर बारह बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित कार्यक्रम में मुंगेली और बेमेतरा जिले को 449 करोड़ रूपए के 396 विकास कार्यों की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम के दौरान दोनों जिले में 180 करोड़ के 169 कार्य का लोकार्पण और 268 करोड़ रूपए की 227 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। मुंगेली जिले में 276 करोड़ 12 लाख रूपये के विकास कार्यों में से 153 करोड़ 91 लाख रूपये के 131 कार्यों का लोकार्पण और 122 करोड़ 20 लाख 59 हजार रूपये के 93 कार्यो का भूमिपूजन शामिल है। इसी प्रकार बेमेतरा जिले में 172 करोड़ 65 लाख रूपये लागत के 172 कार्यों में 145 करोड़ 91 लाख रूपये के लागत से 134 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 26 करोड़ 74 लाख रूपये के 38 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

मुंगेली जिले में जिन प्रमुख कार्यों का लोकार्पण होगा उनमें ग्राम धरमपुरा में 9 करोड़ 11 लाख 44 हजार रूपये की पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन तथा ग्राम बंधवा में 16 करोड़ एक लाख रूपये की लागत से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शामिल है। इन शिक्षा संस्थानों के शुभारंभ से विद्यार्थियों का बेहतर भविष्य संवर सकेगा। ग्राम बधवा में 3 करोड़ 83 लाख रूपये की राशि से मल्टीयूटिलिटी कम्पलेक्स, ग्राम जमकोर में 3 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित लाईवीहुड कॉलेज भवन, जिला चिकित्सालय मुंगेली में 3 करोड़ 34 लाख रुपये लागत से स्टॉफ वाटर का लोकार्पण होगा।

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जिला मुख्यालय मुंगेली में एक करोड़ 62 लाख 97 हजार रूपये की लागत से नवनिर्मित पी. मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास, विकासखण्ड पथरिया में एक करोड़ 78 लाख 88 हजार रूपये की लागत से नवनिर्मित पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास तथा एक करोड़ 52 लाख 97 हजार रूपये की लागत से प्री. मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास, जिला मुख्यलाय मुंगेली के परमहंस वार्ड में दो करोड़ 73 लाख 37 हजार रूपये की लागत से नवनिर्मित गार्डन तथा ग्राम कुआगांव से धरमपुरा तक एक करोड़ 82 लाख 20 हजार रूपये की राशि से पहुँच मार्ग, आम लोगों को सहजता पूर्वक स्वास्थ्य सुविधाओं प्रदान करने के लिए एक करोड़ 60 लाख 49 हजार रूपये की लागत से नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खम्हरिया, उपस्वास्थ्य केंद्र सेमरसल, उपस्वास्थ्य केंद्र चेचनडीह, उपस्वास्थ्य केंद्र घानाघाट और उपस्वास्थ्य केंद्र करनकापा का लोकार्पण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इसके साथ ही मुंगेली जिले में आवागमन को सहज बनाने के लिए 2 करोड़ 72 लाख 42 हजार रूपये की लागत से निर्मित होने वाले जमकुही से नुनियाकछार पहुंच मार्ग, मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के अंतर्गत पहुँचविहीन शासकीय भवनों तक पहुंचने के लिए 8 करोड़ 47 लाख 84 हजार रूपये की लागत से बनने वाले 51 सीमेंट क्राकीट सड़क निर्माण कार्य, 6 करोड़ 93 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले तेलीखाम्ही से गोविंदपुर और फुलवारी से मोहतरा कुर्मी तक पहुँच मार्ग, 2 करोड़ 30 लाख रूपये की जूनवानी जलाशय योजना के शीर्ष कार्य का जीर्णोद्धार नहर में सीसी लाईनिंग कार्य, 2 करोड़ 36 लाख 13 हजार रूपये की धरदेई जलाशय योजना के शीर्ष कार्य का जीर्णोद्धार एवं नहर सीसी लाईनिंग कार्य भूमि पूजन किया जाएगा.

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इसी प्रकार 4 करोड़ 54 लाख रूपये की राशि से निर्मित होने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोरमी, पथरिया एवं सरगांव में स्टाफ क्वाटर, गांव में पीने के पानी की सुविधा के विस्तार के लिए जल जीवन मिशन के तहत 40 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित होने वाले जल प्रदाय योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 6 करोड़ 99 लाख 72 हजार रूपये की लागत से बनने वाले लोरमी, मुंगेली एमडीआर (परसाकापा) टू डी केनाल में निर्माण कार्य, मुंगेली एवं लालपुर में एक करोड़ 42 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले नवीन तहसील भवन तथा अतिरिक्त कक्ष निर्माण, 4 करोड़ 68 लाख रूपये की लागत से निर्मित होने वाले आदिवासी कन्या छात्रावास मुंगेली, प्री. मैट्रिक, आदिवासी कन्या छात्रावास लोरमी और प्री. मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास बरमपुर का भूमि पूजन करेंगे।

छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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