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Chhattisgarh News: बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता 20 जिलों में औसत से कम गिरा पानी

Chhattisgarh Weather Updates जुलाई तक छत्तीसगढ़ में 260.8 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी, जबकि प्रदेश में अब तक 214.4 मिलीमीटर (8.44 इंच) बारिश हुई, जो औसत से 28 फीसदी कम है.
Rain in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में अब तक औसतन से कम बारिश हुई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में इतनी कम बारिश हुई कि जिससे धान की रोपाई भी नहीं हो सकती. यानी कि अब तक खेती-किसानी के लिए पर्याप्त बारिश नहीं हुई.
छत्तीसगढ़ के 20 जिलों में कम हुई बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के 13 जिलों में अब तक औसत बारिश हो चुकी है, जबकि 20 जिलों में औसत से कम पानी गिरा. हालांकि इस बार प्रदेश में सामान्य से 106 फीसदी अधिक बारिश होने का अनुमान था, लेकिन अब तक औसतन से 28 फीसदी कम बरसात हुई.
9 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में 214.4 मिलीमीटर (8.44 इंच) हुई, जो औसत से 28 फीसदी कम है, जबकि 1 जून से अब तक प्रदेश में 260.8 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी.
बस्तर में रोपाई भर भी नहीं हुई बारिश
छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक बारिश सुकमा जिले में दर्ज की गई. यहां अब तक 314.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सबसे कम बारिश सरगुजा में रिकॉर्ड किया गया. यहां अब 103.6 मिलीमीटर ही बारिश हुई है. इधर, छत्तीसगढ़ के बस्तर में मानसून की एंट्री के बाद भी बारिश नहीं हो रही है. यहां अब तक हल्की बारिश दर्ज की गई, जो खेती-किसानी के लिए पर्याप्त नहीं.
बस्तर जिले में 9 जुलाई तक सिर्फ 244.4 MM बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से 26 फासदी कम है. मौसम विभाग की माने तो बस्तर में अब तक 331.5 MM बारिश होनी चाहिए थी.
जानें आज छत्तीसगढ़ के किन जिलों में होगी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार, 10 जुलाई को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. हालांकि 11 से 13 जुलाई तक मानसून की गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे प्रदेश में अच्छी बारिश होने के आसार हैं.
जानें कब होगी छत्तीसगढ़ में अच्छी बारिश
IMD के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 11 जुलाई से तेज बारिश होने के आसार हैं. दरअसल, मौसम विभाग ने 11 जुलाई को बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, जशपुर, कोरिया, बीजापुर, सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, पेंड्रा, रायगढ़, कोरबा और बिलासपुर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 12 जुलाई को दुर्ग, गौरेला-प्रेंड्रा-मरवाही, बालोद, बेमेतरा, बिलासपुर, बस्तर, कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर, सूरजपुर , बलरामपुर, कोरबा, राजनांदगांव, कोंडागांव, जशपुर, कोरिया में भारी बारिश के आसार हैं.
पिछले 24 घंटे के दौरान यहां हुई तेज बारिश
मंगलवार को राजधानी रायपुर, कांकेर, धमतरी, बालोद, बस्तर, नारायणपुर, दंतवाड़ा, सुकमा समेत कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई.
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















