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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ से कौशल्या, राम और शबरी का अनूठा रिश्ता, सियासत पर गहराने लगी अयोध्या की छाया

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रायपुर, 27 जनवरी (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ की सियासत पर अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की छाया लोकसभा चुनाव से पहले ही गहराने लगी है। इसकी वजह भी है क्योंकि मां कौशल्या का मायका और राम का ननिहाल छत्तीसगढ़ को माना जाता है। इतना ही नहीं वनवास काल में राम ने शबरी के जूठे बेर भी यहीं खाए थे।

राज्य में भाजपा ने विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल कर सत्ता में वापसी की और अब पार्टी की पूरी नजर लोकसभा की 11 सीटों पर है। वर्तमान में इन 11 सीटों में से र भाजपा और 2 कांग्रेस के पास है।

अब भाजपा की रणनीति सभी 11 सीटों पर जीत दर्ज करने की है। चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का राज्य की सियासत पर गहरा असर नजर आ रहा है।

राज्य में जब कांग्रेस की भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार थी तो राम वन गमन पथ के विकास की योजना बनी, उस पर काम भी हुआ और भगवान राम की प्रतिमाएं भी स्थापित हुईं।

अब राज्य में भाजपा की सरकार है और अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। लिहाजा भाजपा राम गमन पथ के विकास के साथ भगवान राम से जुड़े अन्य स्थलों के विकास पर जोर देना शुरू कर दिया है।

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भाजपा की विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर राज्य से चावल और सब्जियों की खेप भेजी, जिसका वहां प्रसाद लगाया गया, साथ ही चिकित्सकों का दल भी गया है। इसके अलावा वहां राज्य सरकार की ओर से भंडारा भी शुरू किया गया है।

गणतंत्र दिवस समारोह में भी मुख्यमंत्री साय ने भगवान राम और छत्तीसगढ़ के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा हमारी पहचान है और हम ‘रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाए’ का अनुसरण करते हैं। जो वादे किए गए हैं, उन्हें पूरा किया जा रहा है।

कांग्रेस की ओर से राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाने से इनकार करने पर भी भाजपा ने जमकर हमले बोले और कहा कि कांग्रेस शुरू से ही राम जन्मभूमि पर मंदिर का विरोध कर रही है और उसने रास्ते में रोड़ा अटकाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। उसके पास अपने पाप और अपराध को धोने का मौका था, लेकिन, वह भी उसने गंवा दिया।

दूसरी ओर कांग्रेस लगातार भाजपा पर राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाती रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने तो यहां तक कहा कि भाजपा हमेशा से भगवान राम के नाम पर राजनीति करती आई है और वोट मांगती आई है लेकिन कांग्रेस पार्टी ने कभी भगवान राम के नाम पर राजनीति नहीं की। भगवान राम हमारी आस्था से जुड़े हैं, वह हमारे दिल में हैं। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का तो शंकराचार्य तक ने विरोध किया, मगर, उनकी बातों को भी अनसुना कर दिया गया। यह धर्म गुरुओं का अपमान है।

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कांग्रेस लगातार भाजपा पर आरोप लगाती है। मगर वह भी इस बात को लेकर चिंतित है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को एक बड़ा मुद्दा बन सकती है। कांग्रेस के पास सीधे तौर पर इसकी कोई काट नहीं है।

छत्तीसगढ़ के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा के पास एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा रहेगा, उनकी योजनाओं की चर्चा होगी तो दूसरी ओर भाजपा राम मंदिर को भी मुद्दा बनाने में पीछे नहीं रहेगी।

राज्य में कांग्रेस की सरकार थी तो उसने भी राम से जुड़े स्थलों के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी। मगर, प्रचार के मामले में कांग्रेस पीछे रह गई। अब अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई है और भाजपा राम मंदिर को लेकर पूरे राज्य में सक्रिय है। चुनाव में भाजपा इसके जरिए अपने पक्ष में माहौल भी बना सकती है।

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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