Connect with us

देश

02 मार्च राशिफल : जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन

Published

on

Rashifal
मेष राशि- मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। माता के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। माता-पिता का सानिध्य मिलेगा। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मानसिकता रहेगी। धैर्यशीलता में कमी रहेगी। स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी से नोंकझोंक हो सकती है।
वृष राशि- परिवार की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। म‍ित्रों का सहयोग मिलेगा। मान-सम्मान की प्राप्ति‍ होगी। रहन-सहन अव्यवस्थित हो सकता है। किसी मित्र के सहयोग से आय में वृद्धि हो सकती है। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा। मानसिक शान्ति रहेगी। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। आत्मविश्वास में कमी रहेगी।
मिथुन राशि- मानसिक शान्ति‍ के लिए प्रयास करें। नौकरी में अफसरों का सहयोग मिलेगा। यात्रा पर जाना पड़ सकता है। खर्चों से परेशान हो सकते हैं। परिश्रम की अधिकता रहेगी। रहन-सहन कष्टदायी रहेगा। परिवार में धार्मिक एवं मांगलिक कार्य होंगे। भवन के रखरखाव तथा साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ेंगे।
कर्क राशि- मन में निराशा एवं असन्तोष से बचें। मानसिक शान्ति‍ के लिए प्रयास करें। परिवार का साथ रहेगा। कारोबार की स्थिति सन्तोषजनक रहेगी। सेहत का ध्यान रखें। अपनी भावनाओं को वश में रखें। कुटुम्ब परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। परिश्रम अधिक होगा। कुछ पुराने मित्रों से पुनःसम्पर्क हो सकते हैं।
सिंह राशि- मन प्रसन्न रहेगा। शैक्षिक कार्यों में मन लगेगा। लेखनादि-बौद्धिक कार्यों से आय के साधन बन सकते हैं। किसी राजनेता से भेंट हो सकती है। धार्मिक संगीत के प्रति रुचि हो सकती है। पिता से धन की प्राप्ति के योग बन रहे हैं। माता का सानिध्य एवं सहयोग मिलेगा। पिता को स्वास्थ्‍य विकार हो सकते हैं।
कन्या राशि- आशा-निराशा के भाव मन में हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन कष्टमय हो सकता है। खर्चों के प्रति सचेत रहें। मित्रों का सहयोग मिल सकता है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। मन अशान्त रहेगा। परिवार की समस्याएं परेशान कर सकती हैं। सन्तान को कष्ट रहेगा।
तुला राशि- मानसिक शान्ति‍ रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। लेखनादि-बौद्धिक कार्यों से आय के साधन बन सकते हैं। पिता के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों में व्यवधान आ सकते हैं। परिवार में सुख-शान्ति रहेगी। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। कारोबार की स्थिति में सुधार होगा।
वृश्चिक राशि- कारोबार के विस्तार के लिए भाई-बहनों का सहयोग मिल सकता है। लाभ के अवसर मिलेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। माता का सानिध्य एवं सहयोग मिलेगा। वस्त्रों आदि के प्रति रुझान बढ़ेगा। आय में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे।
धनु राशि- बातचीत में सन्तुलित रहें। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। स्थान परिवर्तन के योग भी बन रहे हैं। किसी पुराने मित्र से पुनःसम्पर्क हो सकता हैं। मन में निराशा एवं असन्तोष के भाव रहेंगे। जीवनसाथी को स्वास्थ्‍य विकार रहेंगे। व्‍यर्थ के व‍िवादों से दूर रहने का प्रयास करें।
मकर राशि- आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। मानसिक शान्ति‍ के लिए प्रयास करें। नौकरी में परिवर्तन के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। परिवार की समस्या परेशान कर सकती है। कार्यक्षेत्र में कठिनाइयां आ सकती हैं। यथोचित परिश्रम के बाद भी सफलता संदिग्ध है। सुखद समाचार म‍िलेगा।
कुंभ राशि- मन में उतार-चढ़ाव रहेगा। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। नौकरी में कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। स्थान परिवर्तन भी सम्भव है। खर्च बढ़ेंगे। मानसिक शान्ति रहेगी, परन्तु अपनी भावनाओं को वश में रखें। क्रोध की तीव्रता में कमी आएगी। रुके हुए कार्य पूर्ण होने प्रारम्भ हो जाएंगे।
मीन राशि- मन परेशान हो सकता है। सन्तान के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। कारोबार में विस्तार के लिए निवेश कर सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। माता से भी धन प्राप्ति‍ हो सकती है। धन की स्थिति में सुधार होगा। मान सम्मान बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में परिश्रम की अधिकता तो रहेगी। आत्मव‍िश्वास में वृद्धि होगी|
यह भी पढ़ें   08 जुलाई रशिफल : जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन

देश

सीहोर में ब्रिज निर्माण के लिए खुदाई करते समय धंसी मिट्टी, 3 मजदूरों की दबने से मौत

Published

on

मध्य प्रदेश के सीहोर में सोमवार (23 दिसंबर) को बड़ी घटना हो गई। ब्रिज निर्माण के लिए खुदाई करते समय अचानक मिट्टी धंस गई। दबने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। एक को सुरक्षित निकाल लिया।

मध्य प्रदेश के सीहोर में सोमवार (23 दिसंबर) को बड़ी घटना हो गई। बुधनी में ब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। पुलिया के पास खुदाई करते समय अचानक मिट्टी धंस गई। मिट्‌टी में दबने से 3 मजदूरों की मौत हो गई। एक को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। घटना शाहगंज थाना क्षेत्र के सियागहन गांव की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

यह भी पढ़ें   14 सितंबर राशिफल: किसी से विवाद की स्थिति बन सकती है, इन राशि वालों को बरतनी होगी ख़ास सावधानी

रेस्क्यू कर एक को सुरक्षित बाहर निकाला
शाहगंज थाना क्षेत्र के सियागहन गांव में ब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। सोमवार को चार मजदूर निर्माण के लिए दूसरी पुलिया के पास से मिट्टी खोद रहे थे। खुदाई के समय अचानक मिट्टी धंस गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची। रेस्क्यू टीम ने एक मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। तीन की मौत हो गई।

हादसे में इनकी हुई मौत
पुलिस के मुताबिक, लटेरी (विदिशा) निवासी करण (18) पिता घनश्याम, रामकृष्ण उर्फ रामू (32) पिता मांगीलाल गौड और गुना के रहने वाले भगवान लाल पिता बरसादी गौड़ की मौत हो गई। लटेरी निवासी वीरेंद्र पिता सुखराम गौड (25) को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वीरेंद्र को नर्मदापुरम रेफर किया है।

यह भी पढ़ें   सौर सुजला योजना: तीन वर्षो में लक्ष्य से अधिक 61,334 सोलर पंप किए गए स्वीकृत

राजलक्ष्मी कंस्ट्रक्शन करवा रहा निर्माण
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, राजलक्ष्मी कंस्ट्रक्शन पुलिया का निर्माण कार्य करा रहा है। पुलिया सियागहन और मंगरोल गांव को जोड़ती है। पुलिया की रिटेनिंग वॉल बनाते समय पहले से बनी रोड की रिटेनिंग वॉल का स्लैब धंस गया। पोकलेन मशीन से मिट्टी हटाकर चारों मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन तीन की मौत हो गई। वीरेंद्र का इलाज चल रहा है।

Continue Reading

देश

इंजीनियर अतुल के बेटे की कस्टडी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, 4 साल के बच्चे की तलाश जारी

Published

on

Atul Subhash Suicide: एआई इंजीनियर का परिवार बिहार के समस्तीपुर में रहता है। निकिता और अतुल का 4 साल का एक बेटा है। अतुल के पिता पीएम मोदी से पोते की कस्टडी दिलाने की गुहार लगा चुके हैं।

Atul Subhash Suicide: बेंगलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष की मां अंजू मोदी ने अपने 4 साल के पोते की कस्टडी के लिए शुक्रवार (20 दिसंबर) को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। सुभाष ने अपने सुसाइड नोट और वीडियो में पत्नी निकिता सिंघानिया और ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। जिसके बाद बेंगलुरु पुलिस ने निकिता समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बता दें कि एआई इंजीनियर अतुल ने पिछले 9 दिसंबर को बेंगलुरु स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

पोते के ठिकाने को लेकर गहरी चिंता
अंजू मोदी ने पोते के ठिकाने का पता लगाने और उसकी कस्टडी सुनिश्चित करने के लिए हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की है। इसमें दावा है कि न तो सुभाष की अलग रह रही पत्नी निकिता सिंघानिया और न ही उनके परिवार के किसी सदस्य, जो फिलहाल हिरासत में हैं, ने बच्चे के ठिकाने की जानकारी दी है। दूसरी ओर, निकिता ने पुलिस से कहा था कि उसका बेटा फरीदाबाद के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई कर रहा है और उसके चाचा सुशील सिंघानिया की देखरेख में है। लेकिन सुशील ने बच्चे की स्थिति की जानकारी होने से इनकार किया है।

यह भी पढ़ें   23 अगस्त राशिफ़ल: जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से जवाब मांगा
जस्टिस बीवी नागरथना और जस्टिस एन कोटिस्वर सिंह की बेंच ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक की सरकारों को नोटिस जारी कर बच्चे की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी को होगी।

अतुल सुभाष की आत्महत्या से जुड़ी गिरफ्तारी
इंजीनियर सुभाष की आत्महत्या के मामले में कई गिरफ्तारियां हुई हैं। पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया और साले अनुराग सिंघानिया को बेंगलुरु पुलिस ने 16 दिसंबर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सुभाष के छोड़े गए सुसाइड नोट और वीडियो के आधार पर तीनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। अभी वे न्यायिक हिरासत में हैं।

सिंघानिया फैमिली ने जमानत याचिका लगाई
निकिता सिंघानिया के परिजनों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए अपील की है। वरिष्ठ वकील मनीष तिवारी ने सुशील सिंघानिया की उम्र (69 वर्ष) और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का दावा किया। जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव ने सुशील को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके और सख्त शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दी है, जिसमें पुलिस जांच के लिए उपलब्ध रहना और पासपोर्ट सरेंडर करना शामिल है।

यह भी पढ़ें   15 नवंबर राशिफल: जानिए कैसा होगा आपका आज का दिन

अतुल सुभाष के परिवार की क्या है मांग?

इंजीनियर अतुल सुभाष के परिवार ने आरोप लगाया कि निकिता और उनके परिवार ने झूठे कानूनी मामलों और पैसों की मांग कर अतुल को बुरी तरह प्रताड़ित किया। पिता पवन कुमार और भाई बिकास कुमार ने अतुल की अस्थियों को तब तक न बहाने की कसम खाई है जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।

भाई बिकास कुमार ने कहा- ‘जो लोग इस घटना के पीछे हैं, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। जब तक हमारे खिलाफ झूठे मामले वापस नहीं लिए जाते, हमें न्याय नहीं मिलेगा। हमारा संघर्ष जारी रहेगा।’

बिकास ने अपने भतीजे की सुरक्षा पर भी चिंता जताई और कहा- ‘मुझे अपने भतीजे (अतुल के बेटे) की सुरक्षा की चिंता है। हमने उसे हाल की तस्वीरों में नहीं देखा है। हम उसके ठिकाने की जानकारी चाहते हैं और उसकी कस्टडी जल्द से जल्द चाहते हैं।’

Continue Reading

देश

10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें निर्माणाधीन, 200 रेक का निर्माण प्रौद्योगिकी साझेदारों के जिम्मे: अश्विनी वैष्णव

Published

on

  • विश्व स्तरीय यात्रा के अनुभव के लिए भारतीय रेल अप्रैल 2018 से केवल एलएचबी कोच बना रहा है; 2004-14 की तुलना में 2014-24 के दौरान निर्मित एलएचबी कोचों की संख्या 16 गुना से अधिक है।
  • “सुगम्य भारत मिशन” के हिस्से के रूप में भारतीय रेल दिव्यांगजनों और कम गतिशीलता वाले यात्रियों को अधिकांश मेल/एक्सप्रेस रेलगाड़ियों और वंदे भारत ट्रेनों में व्यापक सुविधाएं प्रदान करता है।

वर्तमान में देश में लंबी और मध्यम दूरी की यात्रा के लिए 10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें निर्माणाधीन हैं। पहला प्रोटोटाइप निर्मित हो चुका है और इसका फील्ड ट्रायल किया जाएगा। इसके अलावा, 200 वंदे भारत स्लीपर रेक के निर्माण का काम भी प्रौद्योगिकी भागीदारों को सौंपा गया है। सभी रेलगाड़ियों के उपयोग में आने की समयसीमा उनके सफल परीक्षणों पर निर्भर है। 02 दिसंबर 2024 तक, देश भर में छोटी और मध्यम दूरी की यात्रा के लिए भारतीय रेल के ब्रॉड गेज विद्युतीकृत नेटवर्क पर 136 वंदे भारत रेलगाड़ी सेवाएं जारी हैं।

यह भी पढ़ें   दंतेवाड़ा : सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 की हुई शुरुआत, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया जा रहा निरीक्षण

रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक वक्तव्य में कहा कि विश्व स्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करने के लिए भारतीय रेल के ब्रॉड गेज विद्युतीकृत नेटवर्क पर वर्तमान में चेयर कार वाली 136 वंदे भारत रेल सेवाएं जारी हैं। अक्टूबर 2024 तक वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ियों की कुल क्षमता 100% से अधिक होगी।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल की उत्पादन इकाइयां अप्रैल 2018 से केवल एलएचबी कोच बना रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में एलएचबी कोच का उत्पादन लगातार बढ़ा है। 2014-24 के दौरान निर्मित एलएचबी कोच की संख्या 2004-14 के दौरान निर्मित (2,337) संख्या से 16 गुना (36,933) अधिक है। भारतीय रेल (आईआर) ने एलएचबी कोचों की भरमार कर दी है जो तकनीकी रूप से बेहतर हैं और इनमें एंटी क्लाइम्बिंग व्यवस्था, विफलता संकेत प्रणाली के साथ एयर सस्पेंशन और कम संक्षारक शेल जैसी विशेषताएं हैं।

यह भी पढ़ें   14 सितंबर राशिफल: किसी से विवाद की स्थिति बन सकती है, इन राशि वालों को बरतनी होगी ख़ास सावधानी

“सुगम्य भारत मिशन” (सुलभ भारत अभियान) के हिस्से के रूप में, भारतीय रेल दिव्यांगजनों और कम गतिशीलता वाले यात्रियों के लिए सुगमता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत, रैंप, सुलभ पार्किंग, ब्रेल और स्पर्शनीय संकेत, कम ऊंचाई वाले काउंटर और लिफ्ट/एस्कलेटर जैसी व्यापक सुविधाएँ प्रदान की गई हैं।

नवंबर 2024 तक भारतीय रेल ने 399 स्टेशनों पर 1,512 एस्कलेटर और 609 स्टेशनों पर 1,607 लिफ्टें स्थापित की थीं जो पिछले दशक की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है – क्रमशः 9 और 14 गुना की वृद्धि। इसके अलावा, अधिकांश मेल और एक्सप्रेस रेलगाड़ियों में चौड़े प्रवेश द्वार, सुलभ शौचालय और व्हीलचेयर पार्किंग वाले कोच उपलब्ध हैं, जबकि वंदे भारत रेलगाड़ियां दिव्यांगजनों के लिए स्वचालित दरवाजे, निर्धारित स्थान और ब्रेल साइनेज जैसी सुविधाओं के साथ बेहतर सुगमता प्रदान करती हैं।

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending