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यात्रीगण कृपया ध्यान दे : बिलासपुर रेल मंडल की 18 ट्रेनें रद्द
बिलासपुर। रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर जाने वाली 18 यात्री ट्रेनों को एक बार फिर से रद्द कर दी गई है। जिसमें एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। रेलवे ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के नागपुर रेल मंडल के राजनांदगांव-कलमना रेल खंड में तीसरी लाइन के काम के चलते लिया है। ऑटो सिग्नलिंग के साथ ही नॉन इंटरलॉकिंग के काम के चलते ट्रेनें 29 जून से 1 जुलाई तक नहीं चलेंगी। बता दे कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली और यहां से होकर गुजरने वाली ज्यादातर ट्रेनें कैंसिल हैं। यह स्थिति पिछले चार माह से है। ट्रेने से रोजाना आना-जाना करने वाले यात्री खासे परेशान हैं। वहीं, ग्रीष्मकालीन अवकाश में टूर पर जाने वाले यात्रियों को टिकट कैंसिल कराना पड़ा। ट्रेनों को कैंसिल करने का सिलसिला अब भी जारी है।
इन ट्रेनों को किया गया है रद्द-
29 एवं 30 जून को दुर्ग से छूटने वाली 08741 दुर्ग-गोंदिया स्पेशल रद्द रहेगी।
• 29 एवं 30 जून को गोंदिया से छूटने वाली 08742 गोंदिया-दुर्ग स्पेशल रद्द रहेगी।
• 29 एवं 30 जून को गोंदिया से छूटने वाली 08743 गोंदिया-इतवारी मेमू रद्द रहेगी।
• 29 एवं 30 जून को इतवारी से छूटने वाली 08744 इतवारी-गोंदिया मेमू रद्द रहेगी।
• 29 एवं 30 जून को कोरबा से छूटने वाली 18239 कोरबा-इतवारी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 29 एवं 30 जून को इतवारी से छूटने वाली 18240 इतवारी-कोरबा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 29 एवं 30 जून को बिलासपुर से छूटने वाली 12855 बिलासपुर-इतवारी इंटरसिटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 30 जून एवं 1 जुलाई को इतवारी से छूटने वाली 12856 इतवारी-बिलासपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 29 जून को रीवा से छूटने वाली 11754 रीवा-इतवारी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 30 जून को इतवारी से छूटने वाली 11753 इतवारी-रीवा एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 29 जून को सिकंदराबाद से छूटने वाली 12771 सिकंदराबाद-रायपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 30 जून को रायपुर से छूटने वाली 12772 रायपुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 28 एवं 29 जून निज़ामुद्दीन से छूटने वाली 12410 निज़ामुद्दीन-रायगढ़ एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 29 एवं 30 जून को रायगढ़ से छूटने वाली 12409 रायगढ़-निज़ामुद्दीन एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 28 जून को बीकानेर से छूटने वाली 20846 बीकानेर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 30 जून को बीकानेर से छूटने वाली 20845 बिलासपुर-बीकानेर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 28, 29 एवं 30 जून को टाटानगर से छूटने वाली 18109 टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
• 30 जून, 1 व 2 जुलाई को इतवारी से छूटने वाली 18110 इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस रद्द रहेगी।
बीच में समाप्त होने वाली गाड़ियां
• 29 एवं 30 जून को मुंबई से छूटने वाली 12105 मुंबई-गोंदिया विदर्भ एक्सप्रेस नागपुर में ही समाप्त होगी।
• 29 एवं 30 जून को गोंदिया से छूटने वाली 12106 गोंदिया-मुंबई विदर्भ एक्सप्रेस नागपुर से ही मुंबई के लिए रवाना होगी।
• 29 एवं 30 जून को कुर्ला से छूटने वाली 11039 कुर्ला-गोंदिया महाराष्ट्र एक्सप्रेस नागपुर में ही समाप्त होगी।
• 30 जून एवं 1 जुलाई को गोंदिया से छूटने वाली 11040 गोंदिया-कुर्ला महाराष्ट्र एक्सप्रेस नागपुर से ही कुर्ला के लिए रवाना होगी।
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हरेली तिहार : माटी पूजन, कृषि औजारों की पूजा और गेड़ी की परंपरा का पर्व

छत्तीसगढ़ में हरेली त्यौहार का विशेष महत्व है। हरेली छत्तीसगढ़ का पहला त्यौहार है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह त्यौहार परंपरागत रूप से उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा करते हैं और घरों में माटी पूजन होता है। गांव में बच्चे और युवा गेड़ी का आनंद लेते हैं। इस त्यौहार से छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता भी बढ़ गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में गेड़ी के बिना हरेली तिहार अधूरा है। परंपरा के अनुसार वर्षों से छत्तीसगढ़ के गांव में अक्सर हरेली तिहार के पहले बढ़ई के घर में गेड़ी का ऑर्डर रहता था और बच्चों की जिद पर अभिभावक जैसे-तैसे गेड़ी भी बनाया करते थे। हरेली तिहार के दिन सुबह से तालाब के पनघट में किसान परिवार, बड़े बजुर्ग बच्चे सभी अपने गाय, बैल, बछड़े को नहलाते हैं और खेती-किसानी, औजार, हल (नांगर), कुदाली, फावड़ा, गैंती को साफ कर घर के आंगन में मुरूम बिछाकर पूजा के लिए सजाते हैं। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं।
कृषि औजारों को धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ के चीला का भोग लगाया जाता है। अपने-अपने घरों में अराध्य देवी-देवताओं के साथ पूजा करते हैं। गांवों के ठाकुरदेव की पूजा की जाती है। हरेली पर्व के दिन पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधियुक्त आटे की लोंदी खिलाई जाती है। गांव में यादव समाज के लोग वनांचल जाकर कंदमूल लाकर हरेली के दिन किसानों को पशुओं के लिए वनौषधि उपलब्ध कराते हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास यादव समाज के लोग जंगल से लाई गई जड़ी-बूटी उबाल कर किसानों को देते हैं। इसके बदले किसानों द्वारा चावल, दाल आदि उपहार में देने की परंपरा रही हैं।
सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली पर्व मनाया जाता है। हरेली का आशय हरियाली ही है। वर्षा ऋतु में धरती हरा चादर ओड़ लेती है। वातावरण चारों ओर हरा-भरा नजर आने लगता है। हरेली पर्व आते तक खरीफ फसल आदि की खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। माताएं गुड़ का चीला बनाती हैं। कृषि औजारों को धोकर, धूप-दीप से पूजा के बाद नारियल, गुड़ का चीला भोग लगाया जाता है। गांव के ठाकुर देव की पूजा की जाती है और उनको नारियल अर्पण किया जाता है।
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राजधानी में निकली तिरंगा यात्रा, CM साय ने भरी हुंकार, कहा- आसानी से नहीं मिली आजादी, वीरों ने दिया बलिदान…

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने आज राजधानी रायपुर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली. ‘मोर तिरंगा, मोर अभिमान-हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत आयोजित इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत प्रदेश के कई मंत्री, विधायक के साथ बड़ी संख्या में आम लोग शामिल हुए.
रायपुर के इंडोर स्टेडियम से भव्य तिरंगा यात्रा की कार्यक्रम का आगाज हुआ. देशभक्ति के रंग से सराबोर इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत तमाम कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे, डिप्टी सीएम अरुण साव, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, मंत्री राजेश अग्रवाल, मंत्री ओपी चौधरी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक राजेश मूणत और विधायक सुनील सोनी समेत बीजेपी के अनेक नेता-कार्यकर्ता के साथ स्काउट एंड गाइड्स, NCC कैडेट्स, स्कूली छात्र-छात्राएं समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए.
इंडोर स्टेडियम में बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे. इस दौरान मौजूद युवाओं और स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला. तिरंगा यात्रा इंडोर स्टेडियम से निकलकर गणेश मंदिर तिराहा, बूढ़ापारा बिजली ऑफिस, नगर निगम भवन, महिला थाना चौक और फायर ब्रिगेड चौक होते हुए सुभाष स्टेडियम पहुंची.
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धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा के बाद पहली बार तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘जेन Z हमारे बच्चे’, गुमराह किए गए

धर्मेंद्र प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद पर शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान जेन जी को गुमराह करने की कोशिशें की गईं. लेकिन पद उनके लिए कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा. उन्होंने कहा कि खुद पीएम से अपने इस्तीफे की पेशकश की थी.
कॉकरोच पार्टी प्रोटेस्ट के बाद इस्तीफा देने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि जेन जी हमारे ही बच्चे हैं. कुछ लोगों के द्वारा वे लोग गुमराह हो रहे है.
दिल्ली के जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे को लेकर हुए भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच पद छोड़ने के करीब दो हफ्ते बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी. प्रधान ने शनिवार को भुवनेश्वर की GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे पर बात की.
आपको याद दिल दे कि NEET पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बीच उन्होंने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था.
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