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छत्तीसगढ़

सीएम भूपेश ने आरंग विधानसभा को दी कई बड़ी सौगातें, 86 करोड़ रुपए के विकासकार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

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आरंगः मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान आज 7 फरवरी को रायपुर जिले के आरंग विधानसभा के क्षेत्रवासियों को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने आरंग विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जिले में 86 करोड़ 66 लाख से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 36 करोड़ 29 लाख 90 हजार रूपए के 24 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 50 करोड़ 36 लाख 20 हजार रूपए के 23 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं।

मुख्यमंत्री बघेल ने जिला स्वास्थ्य विभाग रायपुर के भूमिपूजन हेतु 76.13 लाख रुपए के 6 कार्य तथा 55.76 लाख रुपए के 2 कार्यों का लोकार्पण, जल संसाधन विभाग के भूमिपूजन हेतु 1502.02 लाख रुपए के 4 कार्य तथा 1835.501 लाख रुपए के 6 कार्यों का लोकार्पण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के भूमिपूजन हेतु 2027.88 लाख रुपए के 13 कार्यों तथा 2713. 58 लाख रुपए के 9 कार्यों का लोकार्पण, जल संसाधन विभाग जल प्रबंध संभाग – 1 के 415.94 लाख रुपए के 2 कार्यों का लोकार्पण और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के भूमिपूजन हेतु 23.87 लाख रुपए के 01 कार्य तथा 15.42 लाख रुपए के 4 कार्यों का लोकार्पण किया। इस तरह उन्होंने 24 विकास कार्याे का भूमिपूजन एवं 23 विकास कार्योंलोकार्पण किया।

जिला स्वास्थ्य विभाग रायपुर के कुल 8 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया जिसमें आरंग के लखौली में उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य हेतु 27 लाख 73 हजार रूपये, उप स्वास्थ्य केंद्र भंडारपुरी में ईसीआरपी के अंतर्गत छह बिस्तर वार्ड निर्माण हेतु 9 लाख 68 हजार रूपये, उप स्वास्थ्य केंद्र राखी में ईसीआरपी अंतर्गत छह बिस्तर वार्ड निर्माण कार्य हेतु 9 लाख 68 हजार रूपये, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुरूद- कुटेला में ईसीआरपी अंतर्गत छह बिस्तर वार्ड निर्माण कार्य हेतु लागत 9 लाख 68 हजार रूपये और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रीवा में ईसीआरपी अंतर्गत छह बिस्तर वार्ड निर्माण कार्य हेतु लगात 9 लाख 68 हजार रुपए शामिल हैं। आरंग के पलौद में उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य हेतु 27 लाख 73 हजार और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरंग में ब्लड स्टोरेज की स्थापना हेतु 28 लाख 03 हजार रुपए का लोकार्पण कार्य शामिल है।

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जल संसाधन विभाग रायपुर जिले के विकासखंड आरंग के अंतर्गत अमेठी तटबंद निर्माण कार्य लागत 834.96, सिवनी टार बांध का जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य लागत 146.22, पलौद स्टॉपडेम शीर्ष एवं नहर लाइनिंग कार्य लागत 132.44, ग्राम बनरसी के समीप पतलू नाला में स्टॉपडेम कार्य, लागत 388.4 सहित कुल 1502.02 का भूमिपूजन कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने 1835.501 लाख रूपये के 6 कार्याे का लोकार्पण किया जिनमें कोल्हान नाला पर टेकारी स्टॉपडेम योजना का निर्माण कार्य लागत 359.74, खुटेरी जलाशय का शीर्ष एवं नहर कार्य का जीर्णाेद्धार एवं लाइनिंग कार्य लागत कार्य 232.851, नरदहा जलाशय का जीर्णाेद्धार एवं मुख्य नहर के चौन क्रमांक 0 से 60 चौन तक लाइनिंग कार्य 147.57, गुमा जलाशय का जीर्णोद्धार एवं लाइनिंग कार्य लागत कार्य लागत 397.85, आरंग नवागांव जलाशय का जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग कार्य लागत 399.13 और आरंग के कोल्हान नाला पर सक्रिय स्टॉपडेम का निर्माण लागत 298.36 शामिल है।

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इसी तरह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जल जीवन मिशन अंतर्गत पेयजल योजनाओं हेतु 13 ग्रामों के 4314 घरेलू कनेक्शन हेतु 2027.88 लाख का शिलान्यास 9 ग्रामों के 6619 घरेलू कनेक्शन हेतु 685.7 लाख रूपये के विकाय कार्याे का लोकार्पण शामिल है। इसी तरह जल संसाधान विभाग जल प्रबंध संभाग-1 के 415.94 लाख के 2 कार्यों का लोकार्पण किया गया जिसमें महानदी मुख्य नहर के देवदा, लखौली, रीवा, डिधारी, नारा एवं कुकरा माइनरों का रिमॉडलिंग एवं लाइंनिग कार्य हेतु लागत 383.85 लाख रूपये एवं महानदी मुख्य नहर के कि.मी. 84.45 से 85.50 तक प्रोटेक्शन कार्य हेतु लागत 32.09 लाख रूपये शामिल है।

इसी तरह ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के हनुमान मंदिर चौक में बाजार शेड निर्माण पेवर ब्लॉक फ्लोरिंग सहित ग्राम पौंता ग्राम पंचायत तांदुल में 3 लाख रूपये, सामुदायिक भवन निर्माण कार्य (पाल समाज) में 5 लाख रूपये, सामुदायिक भवन निर्माण कार्य (निषाद समाज) में 3 लाख रूपये, शासकीय उच्चतर प्राथमिक शाला नवागांव (हाइवे) 1 नग अतिरिक्त कक्ष निर्माण में 4.42 लाख रूपये का लोकार्पण कार्य शामिल है। स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम उत्कृष्ट अनंत राम बर्छिया शा.उ.मा.वि. चंदखुरी में जीर्णाेद्वार कार्य में 23.87 रूपये का शिलान्यास कार्य शामिल है।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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