क्राइम
Murder In Raipur: रायपुर में एक युवक, की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, रायपुर पुलिस ने 24 घंटे के अंदर किया गिरफ्तार,

रायपुर : रायपुर में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक का नाम आशीष बंजारे है। पुरानी रंजिश में एक दिन पहले ही मृतक का आरोपियों से बहस हुई थी। दोनों की ओर से एक दूसरे को देख लेने की धमकी दी गई थी।
Murder In Raipur: राजधानी रायपुर के डीडीनगर थाना क्षेत्र में 18 साल के आशीष बंजारे की हत्या मामले में पुलिस ने 24 घंटे के अंदर चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
रायपुर। Murder in Raipur: राजधानी रायपुर के डीडीनगर थाना क्षेत्र में 18 साल के आशीष बंजारे की हत्या मामले में पुलिस ने 24 घंटे के अंदर चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपितों में बिट्टू यादव, मुकेश, रवि ठाकुर और छोटू यादव है।
बतादें कि बदमाशों ने रविवार को शाम चार बजे दिनदहाड़े चाकू मारकर आशीष बंजारे की हत्या कर दी। इस हमले में दूसरा साथी उमेश मसकोले गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। जेल से छूटे दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ हमला किया। स्थानीय लोगों ने एक बदमाश को मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रवि ठाकुर, बिट्टू यादव, मुकेश तथा अन्य दो के खिलाफ आशीष बंजारे की हत्या करने का आरोप है। महादेव घाट चौक के पास जहां से भाठागांव और शनि मंदिर के लिए रास्ता कटा है, वहीं आशीष तथा उसके साथी उमेश मसकोले उर्फ चांटी को चाकू मारा। आशीष के शरीर में कई बार चाकू से हमला किया गया। इससे उसकी मौत हो गई।
आरोपित के खिलाफ दर्ज हैं कई अपराध
मृतक आशीष बंजारे और उसके साथी उमेश के खिलाफ भी थाने में पूर्व में मारपीट तथा अन्य अपराध को लेकर मामले दर्ज हैं। इसके साथ ही जिन लोगों के ऊपर हत्या करने के आरोप लगे हैं, उन पर भी अपराध दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक रवि ठाकूर तथा बिट्टू हत्या के आरोप में जेल में बंद थे।
उमेश को मारने आए थे, आशीष की मौत
आरोपित उमेश से बदला लेने के लिए पहुंचे थे। उसके साथ उसका दोस्त आशीष भी था। इसके चलते बदमाशों ने उमेश को जब मारने के लिए दौड़ाया, तब आशीष बदमाशों से भिड़ गया। इस पर बदमाशों ने आशीष के ऊपर भी चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
रविवार को शाम चार बजे बदमाशों ने दिनदहाड़े चाकू मारकर
2018 में हुई थी वारदात यह था मामला 2018 में आपसी रंजिश के चलते रवि और बिट्टू पंडरी बस स्टैंड में उमेश के दोस्त रजत पाठक की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के आरोप में जेल में बंद दोनों बमदाश 15 दिन पूर्व जेल से छूटकर बाहर आए थे।
शनिवार को उमेश से बिट्टू की मुलाकात हुई। उमेश ने पूछा- तूने मेरे दोस्त को क्यों मारा था? इसके बाद उसने आठ-दस तमाचे जड़ दिए। इस बात का बदला लेने के लिए बदमाशों ने उमेश की हत्या करने की योजना बनाई और रविवार को योजना बनाकर महादेव घाट पहुंचे और चाकू से हमला कर दिया।
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।
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