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छत्तीसगढ़

Chhattisgarh : भगवा रंग में रंगे दिखेंगे नए राशन कार्ड, कार्डों के नवीनीकरण पर सरकार खर्च कर रही 10 करोड़ रुपये

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पिछली कांग्रेस सरकार में भी मुख्यमंत्री के साथ खाद्य मंत्री की तस्वीर प्रिंट की गई थी। करीब 77 लाख राशन कार्ड बदलने में भूपेश सरकार ने 2019 में 8 से 10 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस बार फिर राशन कार्ड का रंग और फोटो बदलने में इतनी ही रकम खर्च की जाएगी…

छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के साथ ही योजनाओं के नाम बदलने से लेकर अफसरों के तबादलों की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अब इसी क्रम में प्रदेश में राशन कार्ड बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भाजपा सरकार अब भगवा रंग में राशन कार्ड को रंगने जा रही है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तस्वीर को हटाकर अब सीएम विष्णुदेव साय और खाद्य मंत्री दयालदास बघेल की फोटो लगाई जा रही है।

पिछली कांग्रेस सरकार में भी मुख्यमंत्री के साथ खाद्य मंत्री की तस्वीर प्रिंट की गई थी। करीब 77 लाख राशन कार्ड बदलने में भूपेश सरकार ने 2019 में 8 से 10 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस बार फिर राशन कार्ड का रंग और फोटो बदलने में इतनी ही रकम खर्च की जाएगी। पिछली सरकार ने एक राशन कार्ड प्रिंट करने पर 11 रुपये खर्च किए थे। पूर्व में की गई प्रिंटिंग के अनुसार 76 लाख 62 हजार 211 राशन कार्ड छापने में इस बार 8.42 करोड़ रुपये से भी ज्यादा खर्च होंगे। राशन कार्डों की छपाई सरकारी प्रेस संवाद से होती है, तो यह खर्च आधा होने की संभावना है।

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कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि भाजपा केवल अपने प्रचार के लिए फिर से जनता को लाइन में खड़े करने की तैयारी कर रही है। हजारों-लाखों रुपये इसमें राज्य कोष का खर्च किया जाएगा। राशन कार्ड जब पुराने हो जाएं या फट जाएं तब बदले भी जाएं तो ठीक है। अभी तो दो साल पहले ही राशन कार्ड बने हैं। सभी के पास नए राशन कार्ड हैं। सिर्फ और सिर्फ अपनी फोटो लगाने के लिए इसे निरस्त कर रहे हैं।

दरअसल, छत्तीसगढ़ में कार्ड का रंग और फोटो बदलने के बाद अगले महीने से नए राशन कार्ड बांटने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। एक माह के भीतर 19 फरवरी तक 77 लाख राशन कार्ड बांटने का टारगेट तय किया गया है। लेकिन इतने कम वक्त में लाखों कार्ड कैसे छपेंगे, इसे लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। राशन कार्ड नवीनीकरण के लिए अभी केवाईसी करने का काम शुरू कर दिया गया है। अब तक 1.50 लाख से ज्यादा लोगों ने नए कार्ड के लिए आवेदन भी कर दिया है। ज्यादातर लोग राशन दुकान संचालकों से क्यूआर कोड से कार्ड का नवीनीकरण करवा रहे हैं। सरकार का कहना है कि नवीनीकरण के बाद नया कार्ड राशन दुकानों से ही लोगों तक पहुंचा दिया जाएगा।

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अंत्योदय, प्राथमिकता, निराश्रित तथा निशक्तजन श्रेणी के जारी राशन कार्ड के लिए नवीनीकरण की पूर्ण प्रक्रिया निशुल्क होगी। सामान्य श्रेणी के राशन कार्ड धारकों के लिए एप के माध्यम से नवीनीकरण के लिए 10 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। केंद्र सरकार के निर्देश पर पिछले साल ही सभी राशन कार्ड सदस्यों का केवाईसी की थी। अब फिर इस साल राशन कार्डों का नवीनीकरण होने से दुकानों में जाकर आवेदन करना होगा। यानी राशन कार्ड के सत्यापन के लिए लोग लगातार परेशान हो रहे हैं। राशन कार्ड बदले जाने के मामले में कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

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इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

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छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
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नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

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सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

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