छत्तीसगढ़
विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने में लोकहितकारी, छत्तीसगढ़ की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है- अमर अग्रवाल

विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने में लोकहितकारी, छत्तीसगढ़ की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है- अमर अग्रवाल
सिम्स के नए भवन हेतु 776 करोड़ की सौगात के लिए पूर्व मंत्री अमर ने जताया आभार- अमर अग्रवाल
राजस्व मामलों की पेंडिंग के निपटारे के लिए अतिरिक्त न्यायालयों की स्थापना से लोगों को मिलेगी सुविधा -अमर अग्रवाल
बिलासपुर – पूर्व वित्त मंत्री,वाणिज्यिक कर मंत्री एवं बिलासपुर के विधायक अमर अग्रवाल ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि युवा वित्त मंत्री ने आज सदन में छत्तीसगढ़ की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट दिया है।
अमर अग्रवाल ने कहा बजट मोदी जी की गारंटी को आगे बढ़ाने वाला होगा। बजटीय प्रावधानों से कृषि के साथ उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में समावेशी विकास के लिए समेकित प्रयास होंगे। उन्होंने कहा यह बजट युवाओ, बुजुर्गों, महिलाओं, किसानों एवम विविध वर्गों के कल्याण के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। अमर ने कहा राज्य में प्रतिव्यक्ति आय में 7.31 प्रतिशत की वृद्वि और जीएसडीपी अनुपात 8.93% वृद्धि अनुमानित हैं,सरकार का यह बजट विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना पर आधारित है,यह बजट अमृतकाल की नींव पर ग्रेट छत्तीसगढ़ की थीम पर आधारित है,जिसमे 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए गुड गवर्नेन्स,विकास की गारंटी, रिफॉर्म्स, इकोनामिक ग्रोथ, अचीवमेंट, टेक्नोलॉजी,कापेक्स के प्रतिमान राज्य के विजन डॉक्यूमेंट परिलक्षित होते हैं।
उन्होंने बताया बजट में छत्तीसगढ़ के आज और कल को संवारने के लिए आवश्यक प्रावधान किए गए है। अमर अग्रवाल ने कहा पांच साल के कुशासन के बाद पहली बार स्मार्ट सिटी के लिए रायपुर, बिलासपुर और नया रायपुर के लिए बजटीय प्रावधान किये गए है।रायपुर, बिलासपुर स्मार्ट सिटी के लिए 402 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा नगरों के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी फोकस किया गया है। 70% वृद्धि पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में की गई है।
18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत यूनिट के लिए वित्तीय संसाधन मुहैया कराया गया है। मनरेगा, ग्राम सड़क योजना, स्वच्छ भारत मिशन आदि के लिए बजट में पहले से ज्यादा राशि दी गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप रिसर्च इनोवेशन के लिए परिषद का गठन किया जाएगा। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र पर विशेष फोकस किया गया है। श्री अग्रवाल ने सिम्स बिलासपुर के लिए नवीन भवन हेतु 776 करोड रुपए का विशेष प्रावधान किए जाने के लिए वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री महोदय धन्यवाद किया।
अमर अग्रवाल ने बताया 2024- 25 के लिए 1 लाख 47 हजार 500 करोड़ का कुल बजट आकार है।22% की राजस्व वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।इस बजट में खास रूप से क्रियान्वन पर महत्व को सूत्र लक्ष्य बनाया गया है। प्रदेश की आर्थिक दशा और दिशा में सुधार के लिए आर्थिक सलाहकार परिषद का गठन किया जाएगा।
कृषि के साथ सेवा क्षेत्र में वृद्धि के लिए विशेष पारदर्शी ढंग से योजना बनाकर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। मोदी जी की गारंटी के परिपेक्ष में तेंदूपत्ता संग्राहकों को ₹5500 प्रति बोरा संग्रहण शुल्क देय होगी। 25 दिसंबर को सुशासन दिवस पर 3716 करोड रुपए किसानों के खाते में बोनस की राशि दी गई। दस हजार करोड रुपए कृषि उन्नति योजना हेतु प्रावधान किया गया है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए 22 स्थान पर नालंदा परिसर खोले जाएंगे। युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना शुरू की जा रही है। छत्तीसगढ़ युवारत्न सम्मान की युवाओं के लिए राज्य सम्मान की घोषणा की गई है।
अमर अग्रवाल ने कहा राजस्व व्यवस्था में सुधार की दृष्टि से भू नक्शा की जिओ रेफरेंसिंग, भू अभिलेख को सिविल न्यायालय से जोड़ना और डायवर्सन की प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ तहसीलदारों ,नायब तहसीलदार के सेटअप में वृद्धि से पेडिंग राजस्व मामलों के निराकरण में मदद मिलेगी। विधिक सेवा की दृष्टि से बीजापुर में जिला एवं सत्र न्यायालय की स्थापना होगी मुंगेली में फास्ट्रेक कोर्ट कटघोरा में परिवार न्यायालय खोला जाएगा एवं व्यवहार न्यायाधीश के सेटअप में वृद्वि से युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे।
अमर अग्रवाल ने बताया बजट में एग्रीकल्चर रिफॉर्म्स और एग्रीकल्चर डेवलपमेंट के दृष्टि से 33% की वृद्धि की गई है।सिंचाई के रकबे के विस्तार के लिए 3000 करोड़ रुपए राशि का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा भूमिहीन लोगों को भूमिहीन कृषि योजना के लिए दीनदयाल उपाध्याय भूमि कृषि मजदूर योजना हेतु 500 करोड़ रुपए का प्रावधान क्रांतिकारी कदम है ।विभिन्न क्षेत्रों में पारदर्शिता के साथ युद्ध स्तर पर नागरिक सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार हेतु बजट में आवश्यक प्रावधान किए गए हैं, सर्वांगीण विकास दृष्टि से यह बजट छत्तीसगढ़ की उम्मीदो पर खरा उतरेगा। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मार्गदर्शन में वित्त मंत्री ओ पी चौधरी द्वारा प्रस्तुत लोक हितकारी बजट विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने में बजट सहायक होगा।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















