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Iran Israel war: ईरान के खार्ग पर ताबड़तोड़ हमले, ट्रंप की डेडलाइन पूरी होने से पहले ही US-इजरायल का अटैक
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खार्ग द्वीप पर हमले के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि अब संयम खत्म हो चुका है. आईआरजीसी ने चेताते हुए कहा कि अगर हमले ऐसे ही जारी रहे तो अमेरिका और उनके सहयोगी देशों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया जा सकता है.

Iran Israel war: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. वह ईरान को लगातार अल्टीमेटम दे रहे हैं. उनके नए अल्टीमेटम की मियाद खत्म होती नजर आ रही है. इस बीच खबर है कि ईरान के खार्ग द्वीप पर ताबड़तोड़ हमले हुए हैं.
मेहर न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के ऑयल हब खार्ग द्वीप पर मंगलवार को ताबड़तोड़ हवाई हमले हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, खार्ग पर एक के बाद एक हमले किए जा रहे हैं.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खार्ग द्वीप पर हमले के बाद चेतावनी देते हुए कहा कि अब संयम खत्म हो चुका है. आईआरजीसी ने चेताते हुए कहा कि अगर हमले ऐसे ही जारी रहे तो अमेरिका और उनके सहयोगी देशों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया जा सकता है. इससे वर्षों तक इस क्षेत्र में तेल और गैस संकट बाधित हो सकता है.
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बता दें कि यह हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब एक दिन पहले ही ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईरान में फंसे अमेरिकी एयरमैन के रेस्क्यू ऑपरेशन की डिटेल जानकारी दी थी. ईरान जंग को छह हफ्ते का समय हो गया है.
इससे पहले पिछले महीने भी अमेरिका ने खार्ग द्वीप पर हमला कर ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया था. इन हमलों में ईरान के नौसेना माइन स्टोरेज और मिसाइल बंकर नष्ट कर दिए गए जबकि तेल प्रतिष्ठानों का बाल भी बांका नहीं किया.
इस द्वीप को इसके आइसोलेशन की वजह से फॉरबिडन आइलैंड भी कहा जाता है. ट्रंप ने पहले भी खार्ग द्वीप पर हमले की धमकी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर होर्मुज में जहाजों पर हमले नहीं रुके तो खार्ग में तेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा.
बता दें कि खार्ग द्वीप ईरान का मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल है. यहां से ईरान के 90 फीसदी तेल का एक्सपोर्ट होता है. इसकी स्टोरेज क्षमता लगभग तीन करोड़ बैरल है.
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03 अगस्त भस्म आरती: सावन का पहला सोमवार-भगवान महाकालेश्वर का दिव्य श्रृंगार, यहां कीजिए दर्शन

उज्जैन। Mahakal Bhasma Aarti: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि सोमवार तड़के 2.30 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। महाकाल की भस्म आरती विशेष श्रृंगार के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर भगवान का दिव्य श्रृंगार किया गया।
मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद, फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया। भांग, चंदन और आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया।
मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।सुबह भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। लोगों ने नंदी महाराज का दर्शन कर उनके कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान श्रद्धालु बाबा महाकाल की जयकारे भी लगा रहे थे। पूरा मंदिर बाबा के जयकारे से गुंजायमान हो रहा था।
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PM Fasal Bima Yojana 2026 : आखिरी तारीख 16 अगस्त तक बढ़ी, जानिए कैसे करें आवेदन

Business Desk – PM Fasal Bima Yojana 2026 : खरीफ 2026 सीजन में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PM Fasal Bima Yojana – PMFBY) के तहत फसल बीमा कराने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने फसल बीमा की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 16 अगस्त 2026 कर दी है। इससे हजारों ऐसे किसानों को अतिरिक्त समय मिल गया है, जो किसी कारणवश तय समय सीमा तक अपनी फसलों का बीमा नहीं करा सके थे।
योजना का लाभ ऋणी (Loanee), गैर-ऋणी (Non-Loanee) और बटाईदार (Sharecropper) किसान भी ले सकेंगे। प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, सूखा, ओलावृष्टि, बाढ़, आंधी, कीट एवं रोगों से फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार का उद्देश्य किसानों की आय को सुरक्षित करना और खेती के जोखिम को कम करना है।
PM Fasal Bima Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केंद्र सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं या अन्य कारणों से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है। योजना के तहत बीमित किसानों को नुकसान का आकलन होने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाता है।
किन किसानों को मिलेगा फायदा?
ऋणी किसान (Loanee Farmers)
गैर-ऋणी किसान (Non-Loanee Farmers)
बटाईदार किसान (Sharecropper Farmers)
किन फसलों का कराया जा सकता है बीमा?
खरीफ सीजन की अधिसूचित फसलों का बीमा कराया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा जिलेवार अधिसूचित फसलों को योजना में शामिल किया जाता है। इनमें सामान्य तौर पर धान, सोयाबीन, मक्का, बाजरा, ज्वार, मूंग, उड़द, कपास सहित अन्य खरीफ फसलें शामिल रहती हैं।
फसल खराब होने पर कब मिलता है क्लेम?
सूखा पड़ने पर
बाढ़ या जलभराव होने पर
अतिवृष्टि या कम बारिश होने पर
ओलावृष्टि
चक्रवात और तेज आंधी
भूस्खलन
कीट एवं रोग से फसल नुकसान
कटाई के बाद निर्धारित अवधि में प्राकृतिक आपदा से नुकसान
किसान को कितना Premium देना पड़ता है?
खरीफ फसल: बीमित राशि का 2 प्रतिशत
रबी फसल: बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत
व्यावसायिक एवं बागवानी फसल: बीमित राशि का 5 प्रतिशत
कैसे करें Online Apply?
नजदीकी बैंक शाखा
प्राथमिक कृषि साख समिति (PACS)
कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
अधिकृत बीमा कंपनी
PMFBY पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन
आवेदन के लिए जरूरी Documents
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
भूमि संबंधी दस्तावेज
बुआई का विवरण
मोबाइल नंबर
पासपोर्ट साइज फोटो
क्लेम कैसे मिलता है?
यदि प्राकृतिक आपदा से फसल खराब होती है, तो संबंधित विभाग नुकसान का सर्वे करता है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बीमा कंपनी पात्र किसानों के बैंक खाते में क्लेम राशि भेजती है। कुछ परिस्थितियों में स्थानीय नुकसान की सूचना निर्धारित समय सीमा के भीतर देना भी जरूरी होता है।
Last Date बढ़ने से किसानों को क्या फायदा होगा?
31 जुलाई तक आवेदन नहीं कर पाने वाले किसानों को अब अतिरिक्त समय मिल गया है। इससे अधिक किसान योजना में शामिल हो सकेंगे और खरीफ सीजन में प्राकृतिक आपदा की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्राप्त कर पाएंगे।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
यदि आपने अभी तक खरीफ फसल का बीमा नहीं कराया है, तो अंतिम समय का इंतजार न करें। अपने बैंक, CSC सेंटर या अधिकृत बीमा कंपनी से संपर्क कर 16 अगस्त 2026 से पहले आवेदन पूरा कर लें। आवेदन करते समय सभी दस्तावेज और फसल संबंधी जानकारी सही भरें, ताकि भविष्य में क्लेम लेने में कोई परेशानी न हो।
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लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल, विपक्ष ने किया वॉकआउट

लोकसभा से पारित होने के एक दिन बाद एंटी पेपर लीक बिल अब राजयसभा से भी पास हो गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में यह बिल पेश किया था. इस बिल के कुछ क्लॉज में विपक्षी सदस्य जॉन ब्रिटास, एए रहीम, हरीश बीरान, संतोष कुमार पी ने संशोधन के नोटिस किए थे, लेकिन वोटिंग के समय सदन में मौजूद नहीं थे. पी विल्सन और तिरुचि शिवा ने संशोधन प्रस्तावित किए, जो संशोधन में गिर गए. यह बिल राज्यसभा में ध्वनिमत से पास हो गया.
इस बिल के पारित हो जाने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार, 31 जुलाई को 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है. सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा कर दी.
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