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‘युवाओं को नहीं संभाला गया तो बोझ बन जाएंगे…’, मोहन भागवत ने चेताया

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Mohan Bhagwat on Youth: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में तिरंगा फहराया। इस अवसर लोगों को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि भारत स्वतंत्र था, स्वतंत्र है और स्वतंत्र रहेगा। हालांकि देश को सुरक्षित, समृद्ध और विश्वगुरू बनाने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना होगा। मोहन भागवत ने युवाओं को डेमोग्राफिक डिविडेंड बताया है। संघ प्रमुख ने कहा कि युवाओं को नहीं संभाला गया तो बोझ बन जाएंगे।

भागवत ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि देश को ऐसा राष्ट्र बनाना है, जो पूरी मानवता के लिए सार्थक योगदान दे। उन्होंने कहा युवा हमारी डेमोग्राफिक डिविडेंड (जनसांख्यिकीय लाभांश) हैं; अगर उन्हें सही ढंग से संभाला गया तो हमें फ़ायदा होगा, वरना वे समाज पर बोझ बन जाएंगे।

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मोहन भागवत ने कहा कि यह तो पक्का है कि हमारा देश आज़ाद हो गया है और आज़ाद ही रहेगा। हालांकि इसे खुशहाल, सुरक्षित और समृद्ध बनाने का काम अभी बाकी है। अगर हम इसे एक ऐसे देश में बदलना चाहते हैं जो दुनिया में अपना ज़रूरी योगदान दे, तो हमें यह मानना होगा कि हमारे रास्ते में कई रुकावटें और रुकावटें हैं। अपने मूल सिद्धांतों से भटके बिना, हमें दुनिया भर में इन चुनौतियों का सामना करना होगा और भारत को ‘विश्वगुरु’ का दर्जा दिलाना होगा, एक ऐसा देश जो पूरी इंसानियत की ज़िंदगी में एक सार्थक योगदान दे।

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उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग विचार होना लोकतंत्र की पहचान है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी विरोध करना भी जरूरी होता है। अगर जनता के हित से जुड़े सवाल हैं तो उन्हें मजबूती से उठाया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोध और आंदोलन लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन ऐसा करते समय अपनी जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान बनाते समय उन्होंने इन सभी बातों का ध्यान रखा था और हमें भी इसे याद रखना चाहिए।

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सस्ता डेटा, AI स्किल ट्रेनिंग, फ्री कोचिंग, ₹1 लाख करोड़ का फंड… लाल क‍िले से Gen-Z के लिए पीएम मोदी ने ‘युवा मिशन’ का किया ऐलान

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PM Modi Big Announcement for Gen-Z: 80वें स्वतंत्रता दिवस  (80th Independence day) के अवसर पर ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन दिया। पीएम मोदी के संबोधन में युवाओं यानी जेन-जी (Gen-Z) के लिए ‘युवा मिशन’ का ऐलान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से युवाओं के लिए कई बड़ी घोषनाएं की। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में साफ किया कि भारत को ‘विकसित भारत @2047’ बनाने की चाबी देश के युवाओं और छात्रों के हाथों में है।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि अब देश के छोटे शहरों और गांवों के होनहार छात्रों को महंगी कोचिंग फीस के कारण पीछे नहीं हटना पड़ेगा। सरकार एक ऐसा डिजिटल और ऑन-ग्राउंड नेटवर्क तैयार कर रही है, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए टॉप फैकल्टीज और स्टडी मैटेरियल मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा।

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‘फ्री कोचिंग नेटवर्क’ और डिजिटल लर्निंग का बड़ा तोहफा
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों और गरीब परिवार के युवाओं के लिए पीएम मोदी ने एक ऐतिहासिक ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हम देश में फ्री कोचिंग देने का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा करेंगे। हमारा लक्ष्य गरीब से गरीब तक अच्छी शिक्षा पहुंचाना है। जबकि युवाओं के लिए विभिन्न परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग और डिजिटल तैयारी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही।

रिसर्च और इनोवेशन के लिए ₹1 लाख करोड़ का फंड

भारत को केवल तकनीक का उपभोक्ता बनाने के बजाय ‘ग्लोबल इनोवेशन हब’ बनाने के लिए पीएम मोदी ने रिसर्च और R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) को लेकर बड़ा विजन पेश किया। PM मोदी ने कहा,’हमने युवाओं को रिसर्च के नए अवसर दिए हैं। इनोवेशन के लिए एक लाख करोड़ रुपये का फंड बनाया गया है। हमारे प्राइवेट स्टार्टअप्स में 28 साल की औसत उम्र के युवाओं ने अपने ट्रायल सैटेलाइट लॉन्च करके कमाल दिखाया है। देश में आज 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं।

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स्वतंत्रता दिवस पर CM साय की बड़ी घोषणा : ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ के तहत 6671 ग्रामीण स्कूलों में बनेंगे बालिकाओं के लिए नए शौचालय

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‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान प्रारंभ करने की घोषणा की. इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे.

उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ से प्रदेश में रोजगार एवं विकास का नया अध्याय प्रारंभ हुआ है. योजना के माध्यम से प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे.

बस्तर में शांति के साथ विकास का नया सूर्याेदय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साहसिक नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता मिली है. माओवाद से मुक्त बस्तर में आज तिरंगा यात्राओं के माध्यम से स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा रहा है. जो क्षेत्र कभी हिंसा और भय से प्रभावित थे, वहां आज शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह हुई है. उन्होंने कहा कि बस्तर की सर्वांगीण प्रगति डबल इंजन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है. जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन बदलते बस्तर की नई पहचान का प्रतीक है. अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करते हुए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है. नक्सल हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं. ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है.

‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ में 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है. लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है. सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं और वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू ‘सेवा डेरा’ के माध्यम से नागरिक सुविधाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में सड़क, बिजली, परिवहन और संचार की मजबूत बुनियाद तैयार की जा रही है. सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित बिजली प्रणाली से जोड़ने और 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है. ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ से बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल रही है.

अन्नदाता की समृद्धि हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं और उनका सुख, सम्मान तथा समृद्धि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है. किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है. ‘कृषक उन्नति योजना’ की राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले किया गया.

उन्होंने कहा कि सरकार फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दे रही है. धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसल लेने पर ‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है. वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की गई.

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राष्ट्रपति मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन: विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर, सिंधु जल संधि निलंबन को बताया राष्ट्रहित में

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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने नागरिकों से राष्ट्रहित और जनभागीदारी की भावना के साथ देश के विकास में योगदान देने की अपील की।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत के नागरिक देश की नियति के निर्माता हैं। विद्यार्थी, शिक्षक, वैज्ञानिक, इंजीनियर, डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी, श्रमिक और किसान समेत समाज के हर वर्ग का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाने की नीयत से कार्य करना चाहिए।

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संविधान और लोकतंत्र की ताकत
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत का संविधान जनभागीदारी की भावना पर आधारित है। देशवासियों ने इस भावना को आगे बढ़ाया है, जो भारतीय लोकतंत्र की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने नागरिकों से संविधान में निहित मूल कर्तव्यों का पालन करने और राष्ट्र के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

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