छत्तीसगढ़
बिलासपुर : सिम्स के स्वशासी समिति की बैठक संपन्न, सीवरेज समस्या एक माह के भीतर निराकृत करने का निर्देश दिया संभागायुक्त ने

बिलासपुर| छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान बिलासपुर के स्वशासी समिति की 22वीं बैठक संभागायुक्त डॉ. संजय अलंग की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सिम्स मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सुचारू संचालन के लिए कई निर्णय लिए गये। संभागायुक्त ने सिम्स में सीवरेज की समस्या के स्थायी निदान हेतु पीडब्लूडी और नगर निगम को मिलकर कार्य करने और एक माह के भीतर इस समस्या का निराकरण करने का निर्देश दिया।
संभागायुक्त कार्यालय बिलासपुर में आयोजित इस बैठक में गत बैठक के पालन प्रतिवेदन का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। सिम्स के भवन मरम्मत हेतु 25 करोड़ की राशि का प्रस्ताव बजट में शामिल करने हेतु भेजा गया है। इस संबंध में डीन द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि सिम्स के नव प्रवेशित छात्रो को आधार पाठ्यक्रम जिसमे स्थानीय भाषा, कम्प्यूटर, खेल कूद इत्यादि का अध्यापन कराने के लिए अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर से अनुबंध हो गया है। सिम्स के चिकित्सालय में मैक्नाईज्ड सेन्ट्रल लॉण्ड्री वाशिंग मशीन हेतु एसईसीएल द्वारा राशि स्वीकृत की गई है। सर्जिकल विभाग में लिफ्ट के लिए भी एसईसीएल द्वारा राशि प्रदान की गई है।
परिसर स्थित मंदिर की अन्यंत्र शिफ्टिंग के लिए प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश नगर निगम को दिया गया। चिकित्सालय के वार्षिक स्वशासी बजट 2020-21 के कार्यो की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी गई। चिकित्सालय में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, फ्लोर क्लीनिंग मशीन, हाईप्रेशर वॉसर, मेडिकल रिकार्ड विभाग में सर्वर एवं इनर्वटर स्थापना, आपातकालीन चिकित्सा विभाग एवं अन्य शाखाओं हेतु कम्प्यूटर सेट, चिकित्सालय के रक्त कोष, बर्न, केजुअल्टी आदि वार्डो में ए.सी. स्थापना, आपातकालीन चिकित्सा वार्ड में मल्टीपैरा मॉनिटर स्थापना की जानकारी दी गई। अस्पताल में फर्नीचर क्रय करने के पूर्व भंडार का भौतिक सत्यापन कराने के पश्चात आवश्यकतानुसार क्रय की कार्यवाही करने का निर्देश संभागायुक्त ने दिया।
बैठक में सत्र 2021-22 में स्वशासी मद से संपादित कार्यो की कार्योत्तर स्वीकृति का अनुमोदन किया गया। सिम्स चिकित्सालय में 200 केएलडी का ईटीपी स्थापित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। सिम्स महाविद्यालय के फार्माकोलॉजी विभाग में केल लैब और स्किल लैब स्थापना के लिए स्वशासी मद से प्रस्तावित कार्याें का अनुमोदन किया गया। संभागायुक्त ने निर्देशित किया कि सिम्स द्वारा छात्रों को कौशल प्रशिक्षण देने के लिए ट्रेड का पंजीयन कराया जाए। जिससे प्रशिक्षण उपरांत उन्हें प्रमाण पत्र भी दिया जा सकेगा। स्वशासी समिति द्वारा पूर्व में आरटीपीसीआर मशीन क्रय करने का निर्णय लिया गया था। वर्तमान में सीएसआर मद और सामाजिक संस्था द्वारा एक-एक आरटीपीसीआर मशीन सिम्स को उपलब्ध कराया जा चुका है। अतएव उक्त मशीन क्रय के प्रस्ताव को विलोपित करने एवं सिम्स के भवन में तड़ित चालक लगाने के लिए तात्कालिक रूप से स्वशासी मद से राशि व्यय करने का निर्णय लिया गया। कोविड-19 के तीसरे लहर की संभावना को देखते हुए चिकित्सालय के शिशु रोग वार्ड में ऑक्सीजन गैस पाईपलाइन स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए हॉस्टल, महाविद्यालय के लिए नवीन जनरेटर स्थापना, स्नाकोत्तर छात्रावास का रिनोवेशन, सीनियर रेसींडेट हॉस्टल में लिफ्ट स्थापना, छात्रावास के मरम्मत एवं विद्युतीकरण के संबंध में निर्णय लिया गया।
बैठक में सिम्स की डीन डॉ. तृप्ति नागरिया, अधीक्षक डॉ. पुनीत भारद्वाज, उपायुक्त अर्चना मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर अंशिका पाण्डेय सहित सिम्स के अधिकारी तथा संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़
केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…
बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.
ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.
इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.
जा सकती थी नवजात शिशु की जान
डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,
सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.
परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद
शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.
पहली बार आया अनोखा केस
सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.
छत्तीसगढ़
साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार
इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
कैरियर
कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा
Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।
शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।
बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।
लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार
इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।
बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट
पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।
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