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छत्तीसगढ़

CG : संभाग स्तरीय आवासीय योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 24 अप्रैल से

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रायपुर। छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा नागरिकों को योग से परिचित कराने तथा योग के लाभ को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 24 से 30 अप्रैल तक सात दिवसीय संभाग स्तरीय आवासीय योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर के प्रथम चरण में रायपुर संभाग का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 24 से 30 अप्रैल 2023 तक ‘योग भवन‘ वर्किंग वूमेन हॉस्टल, बी.आई.पी रोड रायपुर में किया जा रहा है। शिविर में लगभग 200 महिला एवं पुरूष प्रतिभागी सम्मिलित होगें।

सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन 24 अप्रैल को योग के परिचय एवं महत्व पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही अष्टांग योग और योग दर्शन पर योग विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे। 25 अप्रैल को अष्टांग योग (नियम), वैश्विक परिदृष्य में योग, षठकर्म का सैद्धांतिक विवेचन, प्रज्ञायोग के साथ शारीरिक और मानसिक भावनात्मक ऊर्जा परिवर्तन के बारे में बताया जाएगा। 26 अप्रैल को हास्य योग, अष्टांग योग (आसन), प्राकृतिक चिकित्सा, किशोरी बालिकाओं के लिए योग पर व्याख्यान होगा।

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प्रशिक्षण शिविर में 27 अप्रैल को प्रशिक्षणार्थियों को अष्टांग योग (प्राणायाम), अध्यात्मिक सशक्तीकरण, आपातकाल में एक्यूप्रेेशर द्वारा विभिन्न लोगों का इलाज, सूर्य नमस्कार एवं महत्व, योग एवं मूल्य शिक्षा के बारे में बताया जाएगा। 28 अप्रैल को विषय-विशेषज्ञ अष्टांग योग (प्रत्याहार, धारणा), योग एवं तनाव प्रबंधन, मद्यपान एवं नशीले पदार्थाें से बचाव के साथ योग एवं मूल्य शिक्षा के बारे में बताएंगे। 29 अप्रैल को प्रशिक्षणार्थियों को अष्टांग योग (ध्यान, समाधि), प्रसव के दौरान योग की भूमिका, अष्टांग योग में जीवन जीने की कला, ईसा योग के बारे में बताया जाएगा।

इसके साथ ही प्रशिक्षण के अंतिम दिन 30 अप्रैल को रोगों और तनाव प्रबंधन पर योग का प्रभाव, गर्भवती महिला हेतु विशेष योगाभ्यास के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही प्रेरक वीडियो प्रदर्शन भी किया जाएगा।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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