छत्तीसगढ़
बिलासपुर पुलिस द्वारा जिले में संचालित किया जा रहा है चेतना विरूद्ध नशा कार्यक्रम

थाना सीपत द्वारा किए गए कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उदयन बेहार द्वारा नशे के दुष्परिणामों के संबंध में दी गई जानकारी
चेतना अभियान अंतर्गत नशे के विरुद्ध ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया गया
आज दिनांक 14.11.2024 को पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के द्वारा जिले में चलाये जा रहे चेतना विरूद्ध नशा अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत थाना सीपत क्षेत्र स्थित वीरानी पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे प्रमुख रुप से अति.पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार उपस्थित होकर के छात्र, छात्राओं को नशे से होने वाले दुष्परिणाम को बताते हुए कहा कि नशा एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है ।
जहरीले नशीले पदार्थों के सेवन से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हानि पहुँचने के साथ ही सामाजिक वातावरण प्रदूषित होता है। अपनी और परिवार की सामाजिक तथा आर्थिक स्थिति को भारी नुकसान होता है तथा युवाओं से इनसे दूर रहने की अपील की।
इसके अलावा विभिन्न सुरक्षा मुद्दों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने साइबर फ्रॉड एवं उनसे बचाव, महिला सम्बन्धित अपराध एव उनके विधिक प्रावधानो की जानकारी दी ,उन्होंने स्पष्ट किया कि यौन शोषण या किसी भी प्रकार के अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। समय पर निडरता से इसकी जानकारी पुलिस को देने की बात कही। बाल दिवस के अवसर पर चेतना अभियान अंतर्गत नशे के विरुद्ध ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया |
नशे के विरुद्ध ड्राइंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रियांशु महिलांगे द्वितीय स्थान विंध्याआनंद तृतीय स्थान प्रीति पटेल को मिला एवं अन्य प्रतिभागियों को भी अतिथियों के द्वारा उन्हें उपहार प्रदान की गई |
बच्चों ने अपनी अद्भुत आर्ट कला का प्रदर्शन करते हुए ड्राइंग प्रतियोगिता में विभिन्न प्रकार के नशा से मुक्ति समाज की विभिन्न चित्रण को अपनी अपनी अद्भुत परिकल्पना को चित्रों के माध्यम से उकेरी |
कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि सीएसपी सिद्धार्थ बघेल सीपत थाना प्रभारी निलेश कुमार पांडेय एनटीपीसी इंटक यूनियन अध्यक्ष सलीम विरानी एवं शाला के प्राचार्य श्रीमती तारा गिरी छात्र छात्राये और अभिभावक उपस्थित रहे। सभी आम जन ने बिलासपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे चेतना अभियान की सराहना किया।
नशा मुक्त समाज की परिकल्पना करना आवश्यक है ,जिंदगी में जीवन को सार्थकता प्रदान करने के लिए नशा मुक्त समाज में हमें अपनी महत्वपूर्ण भूमिका देनी होगी |
आज युवा महिला पुरुष सभी नशे से ग्रसित है इसे दूर रहने से ही हमारी जिंदगी , परिवार, समाज व देश खुशहाल हो सकती है |
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















