छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ : बलात्कार के बाद हत्या के मामले में युवक को फांसी की सजा
राजनांदगांव, 14 सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की अदालत ने साढ़े तीन वर्ष की बालिका की बलात्कार के बाद हत्या के मामले में 28 वर्षीय युवक को फांसी की सजा सुनाई है।
राजनांदगांव जिले के विशेष लोक अभियोजक परवेज अख्तर ने मंगलवार को यहां बताया कि सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो) शैलेश शर्मा की अदालत ने बालिका से बलात्कार के बाद हत्या के मामले में शेखर कोर्राम को फांसी की सजा सुनाई है।
अख्तर ने बताया कि जिले के चिखली पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव में 22 अगस्त 2020 को जब बालिका अपने घर के बाहर खेल रही थी तब शेखर वहां पहुंचा और उसे अपने घर ले गया। वहां शेखर ने बालिका के साथ बलात्कार किया और जब वह रोने लगी तो तकिया के खोल से उसका मुंह और नाक दबाकर हत्या कर दी।
लोक अभियोजक ने बताया कि जब बालिका के परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की तब उन्हें जानकारी मिली कि बालिका को शेखर कोर्राम के साथ देखा गया है।
उन्होंने बताया कि बालिका के परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने शेखर को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के दौरान शेखर ने बालिका के साथ दुष्कर्म और हत्या का अपराध स्वीकार कर लिया।
अख्तर ने बताया कि बाद में पुलिस ने अदालत में शेखर के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद शेखर को मामले का दोषी पाया और उसे भारतीय दण्ड संहिता की धारा 363 के आरोप में सात वर्ष सश्रम कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदंड, धारा 366 के तहत आरोप में 10 वर्ष सश्रम कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदंड, धारा 201 के तहत आरोप में सात वर्ष सश्रम कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदंड तथा भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302 और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा छह के तहत मृत्युदंड की सजा सुनाई है।
अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि अभियुक्त ने साढ़े तीन वर्षीय असहाय, बेबस और लाचार बालिका का अपहरण कर उसका बलात्कार किया और उसकी हत्या कर दी। यह अपराध जघन्य प्रकृति का है और अभियुक्त किसी भी प्रकार से सहानुभूति का पात्र नहीं है। अदालत ने कहा कि अभियुक्त ने ऐसा अपराध किया है जो मानवता को शर्मसार करता है। ऐसे अपराधों से आम नागरिक के मन में अपनी संतान के जीवन की सुरक्षा को लेकर आंतरिक छटपटाहट होने लगती है तथा वह सशंकित रहने लगते हैं। जब तक समाज में ऐसे अपराध करने वालों को मृत्युदंड से दण्डित नहीं किया जाएगा तब तक लोगों के मन से यह संशय मिट नहीं सकता।
अदालत ने कहा है कि इस प्रकार के कठोर दण्ड से दण्डित किए जाने पर ही समाज के लोगों और मृतक बच्ची के परिजनों की अदालत के प्रति आस्था और दृढ़ विश्वास होगा कि उनके साथ न्याय हुआ है।
भाषा सं संजीव मानसी
मानसी
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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