Connect with us

छत्तीसगढ़

कलेक्टर ने बाल संप्रेक्षण गृह, बालिका गृह और सखी वन स्टॉप सेंटर का किया निरीक्षण

Published

on

रसोई में बन रहे भोजन की गुणवत्ता परखी, डीएमएफ मद से कम्प्यूटर सेट की दी स्वीकृति

बालिका गृह भवन के तत्काल मरम्मत के दिए निर्देश
बिलासपुर 24 जनवरी 2024/कलेक्टर अवनीश शरण ने आज सरकंडा स्थित बाल संप्रेक्षण गृह, प्लेस आफ सेफ्टी, विशेष गृह, बालिका गृह और सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इन संस्थाओं में निवासरत बच्चों से चर्चा कर रहन-सहन, खान-पान की जानकारी ली। रसोई में बन रहे भोजन की गुणवत्ता भी परखी। उन्होंने बच्चों के अनुरोध पर डीएमएफ मद से कम्प्यूटर सेट की स्वीकृति भी दी।

कलेक्टर ने सबसे पहले बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यहां 29 बच्चे निवासरत है। कलेक्टर ने इत्मीनान से बच्चों से चर्चा की और उन्हें दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उनके अनुरोध पर 5 कम्पयूटर सेट प्रिंटर सहित एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उनसे चर्चा के दौरान कहा कि अपने भविष्य के लिए कुछ मकसद बनाएं और उसे पूरा करने में जुट जाएं। बच्चों ने इस दौरान देश भक्ति से ओत-प्रोत गानों पर प्रस्तुति भी दी। कलेक्टर ने कार्यक्रम के लिए उनकी प्रशंसा करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। कलेक्टर ने यहां बच्चों के शयन कक्ष, भोजन कक्ष, भंडार कक्ष, रसोई कक्ष का बारीकी से निरीक्षण किया।

यह भी पढ़ें   विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने हरतालिका तीज की बधाई दी

उन्होंने भोजन की गुणवत्ता भी परखी। मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन दिया जा रहा है अथवा नहीं इसकी भी कलेक्टर ने जांच की। अधीक्षिका श्रीमती अर्चना चौहान ने बताया कि नाश्ते में पूरी और छोले की सब्जी दी गयी और दोपहर को खाने में दाल, चावल और आलू बैगन, सलाद दिया जाएगा। इसके बाद कलेक्टर ने प्लेस ऑफ सेफ्टी और विशेष गृह का जायजा लिया। इस संस्थान में 15 बच्चे निवासरत है। यहां बच्चों ने अपने हाथों से बनाया बुके और अन्य सामग्रियां कलेक्टर को दी। कलेक्टर ने इन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी को दिए।

कलेक्टर ने इन किशोरों को भी 5 कम्प्यूटर सेट डीएमएफ मद से दिलाने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर ने शासकीय बालिका संप्रेक्षण गृह का जायजा लिया। यहां 6 से 18 वर्ष की 35 बालिकाएं है। ये बालिकाएं मुंगेली, बेमेतरा, गौरेला पेंड्रा और बिलासपुर जिले की हैं। कलेक्टर ने अधीक्षिका ज्योति तिवारी से बच्चों को दी रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बालिकाओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखने कहा।

कलेक्टर ने कहा कि बाहरी व्यक्तियों को किसी भी हाल में प्रवेश न दिया जाए। बिल्डिंग की मरम्मत के लिए तत्काल प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बालिकाओं से चर्चा कर उन्हें प्रोत्साहित किया। 5 कम्प्यूटर सेट प्रिंटर सहित एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें   Bhanupratappur By Election : 11वें राउंड की गिनती पूरी, 16 हजार मतों से आगे कांग्रेस, भाजपा दूसरे नंबर पर

सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण –
कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित महिला सहायता केन्द्र सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। सखी केन्द्र में महिलाओं को एक ही छत के नीचे कानूनी सहायता, पुलिस सहायता, मेडिकल सुविधा के साथ अल्पकालीन आश्रय की सुविधा है। केंद्र का उद्देश्य घरेलू हिंसाओं से पीड़ित महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान करना है। कलेक्टर अवनीश शरण ने सखी वन स्टॉप सेंटर में परामर्श से जुड़े दस्तावेजों के उचित संधारण के निर्देश दिए। सखी केंद्र में सभी कर्मचारी महिलाएं है, जो पीड़ित महिला को केंद्र में आवश्यक सहायता प्रदान करती है।

केंद्र में विगत वर्ष कुल 160 प्रकरण आए जिनमें 149 का निराकरण किया गया। 28 महिलाओं को आश्रय प्रदान किया गया। सखी केंद्र प्रभारी श्रीमती मीनाक्षी पाण्डेय ने बताया कि केंद्र में आने वाले अधिकतर प्रकरण घरेलू हिंसा के होते है, जिनमें परामर्श के माध्यम से सुलह का प्रयास किया जाता है।

निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री तारकेश्वर सिन्हा व जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री उमाशंकर गुप्ता सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

news

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

Published

on

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।

यह भी पढ़ें   श्री कृष्णजन्मोत्सव के अवसर पर होगा यादव समाज प्रतिभावन छात्रो व कर्मचारियों का सम्मान

इस वजह से हुई मानसून में देरी

सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:

  • सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।

  • न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

  • जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।

  • मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।

  • केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।

  • वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

यह भी पढ़ें   अटल बिहारी बाजपेई विश्वविद्यालय के 13वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   श्री कृष्णजन्मोत्सव के अवसर पर होगा यादव समाज प्रतिभावन छात्रो व कर्मचारियों का सम्मान

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   श्री कृष्णजन्मोत्सव के अवसर पर होगा यादव समाज प्रतिभावन छात्रो व कर्मचारियों का सम्मान

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   Bilaspur: अवैध रूप से शराब बिक्री करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending