छत्तीसगढ़
जिला अस्पताल में फर्जीवाड़ा : फर्मो के खाते पुलिस ने कराए होल्ड, हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से होगी चेक की जांच

दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में फर्जी चेक कांड की जांच शुरू हो गई है। पुलिस ने पांच साल का मांगा बैक से जुड़ा लेखा-जोखा, सीएसआर और डीएमएफ से जुड़े सभी दस्तावेजों को खंगालेगी पुलिस।
पंकज भदौरिया- दंतेवाड़ा। जिला अस्पातल में हुए 66 लाख के फर्जीवाड़ा की लिखित शिकायत थाना पहुंचने के बाद अब शिकंजा उन फर्मो पर कसना शुरु हो गया है, जिन फर्मो ने केशियर अभिजीत से गायब हुए सात चेक से राशि का आहरण किया है। उनकी मुश्किलें बढऩे जा रही है।
करवा दिया है। वहीं जिन फर्मो ने गायब चेक से पैसा आहरण किया है उन फर्मो के खातों को होल्ड करवा दिया है। इतना ही नहीं पुलिस ने पांच साल में जितना भी ट्रांजेक्शन जिला अस्पताल से हुआ, उसकी पूरी डिटेल मांगी है। वहीं चेकबुक और खरीदी से जुड़े सभी रजिस्टर को जब्त कर लिया गया है। बड़ी बारीकी से इस प्रकरण की पुलिस पड़ताल करने में लगी हुई है। खाता होल्ड होने के बाद एक बार फिर जिला अस्पताल में हडक़ंप मचा हुआ है। कई अधिकारियों के हाथ- पांव अभी से फूलना शुरू हो चुका है। जिला अस्पातल में भ्रष्टाचार बड़े पैमाने पर हुआ है।
सूक्ष्म जांच के लिए चेक भेजा जाएगा रायपुर
बैंक शाखा को अभिजीत द्वारा दिए गए सात चेक जिनमें तात्कालीन सीएस के हस्ताक्षर थे उन चेक को सूक्ष्म जांच के लिए हैंड राइटिंग एक्सपर्ट तकनीकी शाखा रायपुर भेजा जाएगा। यहां फर्जी साइन या खुद कपिलदेव कश्यप के साइन हैं, स्पष्ट हो जाएगा। पुलिस ने इन चेक को बैंक से मांगा है। पुलिस इस प्रकरण की बारीकी से पड़ताल करने में लगी हुई है। कपिलदेव कश्यप के साइन हैं तो जांच की दिशा में नया मोड़ आना तय है। क्योंकि बाबू अभिजीत कई महिनों से चुनाव शाखा में अटैच हैं। चेक गायब होने का सही से खुलासा न तो स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम कर पाई न ही अभी पुलिस की पड़ताल इस ओर गई है। चेक के गायब होने या करवाने की पीछे कौन-कौन शामिल हैं, इस बात का खुलासा होना बाकी है।
फर्मों के खाते हुए होल्ड, वैंडर बताएंगे क्या टेंडर किया था फाइट
इस मामले में सभी वैंडरों के खाते होल्ड कर दिए गए हैं। पुलिस ने इन खातों को होल्ड करवा दिया है। पुलिस जारी चेक दिनांक के आस-पास वैंडरों से दुकान के सामान के बिल देखते हुए जांच आगे बढाएगी। वैंडर ही इस बात को सही से बता पाएंगे जारी चेक की राशि क्या सामान खरीदा गया है। वैंडर ने इस सामन को कहा इस्तेमाल करवाया है। यदि किसी टेंडर प्रक्रिया में भाग लेकर काम किया है तो उससे जुड़े दस्तावेज उपलब्ध करवाने होंगे। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कहा है जिन फर्म को चेक दिया है, उन्होंने अस्पातल में कोई काम नहीं किया है।
सीएसआर, डीएमएफ से जुडी पांच साल की बैंक डिटेल भी जांची जाएगी : टीआई
वहीं इस मामले में कोतवाली थाना प्रभारी विजय पटेल ने कहा है कि, जिला अस्पताल व सभी फर्मो के खातों को होल्ड करवा दिया गया है। जारी चेक को हैंड राइटिंग एक्सपर्ट तकनीकी शाखा रायपुर भेजा जाएगा। सीएसआर और डीएमएफ से जुडी पांच साल की बैंक डिटेल की भी जांच करवाई जाएगी।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















