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छत्तीसगढ़

पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर ने प्रथम ‘ऑनलाईन संवाद’ में सुनी 26 पुलिस अधिकारी/ कर्मचारियों की समस्याएं व गुजारिशें

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बिलासपुर|    रेंज के जिले में पदस्थ पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों व उनके परिजनों की समस्याओं व गुजारिशों का त्वरित निराकरण हो सके, इस उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रतन लाल डांगी द्वारा रेंज कार्यालय स्तर पर शुक्रवार दिनांक 03.06.2022 को प्रातः 08.00 बजे से 9.30 बजे तक वर्चुअली ‘ऑनलाईन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें रेंज अंतर्गत जिले के पुलिस अधिकारी/कर्मचारी जनरल परेड के उपरांत सीधे ऑनलाईन जुड़कर अपनी निजी व कार्य क्षेत्र से संबंधित समस्याएं व गुजारिशें प्रस्तुत की गई। 

    इस ‘ऑनलाईन संवाद’ कार्यक्रम अंतर्गत जिला बिलासपुर से 07, जिला रायगढ़ से 03, जिला जांजगीर-चाम्पा से 03, जिला कोरबा से 05, जिला मुंगेली से 03 और जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही से 05 अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित हुए जिनकी समस्याएं/गुजारिशें सुनी गई, जिसमें 01 निरीक्षक, 12 सहायक उप निरीक्षक, 03 प्रधान आरक्षक, 09 आरक्षक सहित 01 अनुकंपा नियुक्ति हेतु आवेदक सहित कुल 26  गुजारिशें प्रस्तुत हुईं।  
    जिला मुंगेली से निरी. प्रभुप्रकाश लकड़ा द्वारा जिला जशपुर स्थानांतरण तथा सउनि. कृष्ण कुमार प्रधान द्वारा जिला रायगढ़ से जिला जशपुर स्थानांतरण के संबंध में गुजारिश प्रस्तुत की गई, चूंॅकि इनके द्वारा एक रेंज से दूसरे रेंज में स्थानांतरण चाहा गया है इसलिए उन्हें उचित माध्यम से अपना आवेदन पत्र रेंज कार्यालय को उपलब्ध कराने समझाईश दी गई ताकि उनका आवेदन पत्र पुलिस मुख्यालय को आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजा जा सके। 01 प्रधान आरक्षक एवं 02 आरक्षकों द्वारा अपने ही जिले में एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण किये जाने की गुजारिश प्रस्तुत की गई, जिन्हें सुना जाकर पुलिस महानिरीक्षक द्वारा संबंधित पुलिस अधीक्षकों को उनकी गुजारिशों का निराकरण करने निर्देशित किया गया। अन्य 12 पुलिस अधिकारी/कर्मचारी के द्वारा रेंज में एक जिले से अन्य जिले में स्वास्थ्यगत एवं पारिवारिक कारणों से स्थानांतरण करने की गुजारिश प्रस्तुत की गई, जिसे पुलिस महानिरीक्षक द्वारा गंभीरतापूर्वक सुना जाकर पुलिस अधीक्षकों को संबंधित अधिकारी/कर्मचारियों का स्थानांतरण हेतु आवेदन पत्र अविलंब उपलब्ध कराने निर्देशित किया गया ताकि इनके स्थानांतरण के संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जा सके। 

जिला बिलासपुर के थाना सरकण्डा में पदस्थ आरक्षक हितेश जोशी के द्वारा गुजारिश की गई कि उसके 04 माह के बच्चे का लीवर ट्रांसप्लांट होना है जिसका उपचार गंगाराम हॉस्पिटल नई दिल्ली में चल रहा है, लीवर ट्रांसप्लांट में करीब 20-22 लाख रूपये का खर्च आएगा। आरक्षक हितेश जोशी के द्वारा उपचार के लिए आर्थिक सहायता दिलाये जाने की गुहार की गई। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा आरक्षक हितेश जोशी को जल्द-से-जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने जाने का आश्वासन दिया गया तथा उमनि./वरि. पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि कार्यालय स्तर पर जिन-जिन मदों से आरक्षक को आर्थिक सहायता दी जा सकती है उसकी स्वीकृति करते हुए अन्य माध्यमों से भी आर्थिक सहायता हेतु आवश्यक कार्यवाही की जावे। 

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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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