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छत्तीसगढ़

कोरिया : शिशु संरक्षण माह का आयोजन 24 अगस्त से 28 सितम्बर तक

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कोरिया| जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा 24 अगस्त से 28 सितम्बर तक शिशु संरक्षण माह विटामिन ए अनुपूरक कार्यक्रम का आयोजन जिले में किया जाएगा। जिसके अंतर्गत 06 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए तथा आयरन फोलिक एसिड के सिरप पिलाये जाएंगे। कलेक्टर श्याम धावड़े ने संबंधित विभागों आपसी समन्वय से काम करते हुए दवाईयों का वितरण हेतु गठित दल, दवाईयों के रखरखाव, बच्चों को दी जाने वाली दवाईयों के मात्रा आदि के बारे में आवश्यक निर्देश देकर अभियान को सफल बनाने हेतु निर्देशित किया है।कलेक्टर धावड़े के मार्गदर्शन में आज से शुरू हो रहे शिशु संरक्षण माह के प्रथम दिन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कुणाल दुदावत ने जिला कलेक्टोरेट परिसर में बच्चों को विटामिन ए और आयरन फोलिक एसिड सिरप पिलाई और स्वास्थ्य विभाग को शिशु संरक्षण माह के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा ने बताया कि जिले में 1 लाख 43 हजार 338 बच्चों को कुपोषण से बचाने विटामिन ए तथा आयरन फोलिक एसिड सिरप पिलाये जायेंगे। इनमें विटामिन ए पीने वाले बच्चों की संख्या 68 हजार 487 है। इनमें 34 हजार 698 बालक एवं 33 हजार 789 बालिकाएं शामिल हैं। इसी तरह जिले में 74 हजार 851 बच्चों को आयरन फोलिक एसिड सिरप की खुराक दी जायेगी। इनमें 37 हजार 804 बालक एवं 37 हजार 47 बालिकाएं शामिल हैं।
शिशु संरक्षण माह विटामिन ए अनुपूरक अभियान के तहत 24 अगस्त से 28 सितम्बर तक आयोजित शिशु संरक्षण माह के दौरान निर्धारित तिथियों में टीकाकरण की सेवाएं भी दी जायेंगी। इसी तरह अति गंभीर कुपोषित बच्चे को चिन्हाकिंत कर उन्हे सुपोषित करने के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती किया जायेगा। यह दवा कोविड-19 प्रोटोकाल के पालन करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों के द्वारा गृह भ्रमण के दौरान दी जाएगी। मॉनिटरिंग के रूप में एएनएम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।  

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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