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छत्तीसगढ़

धमतरी : शिशु संरक्षण माह का आयोजन आज से 28 सितम्बर तक

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धमतरी| छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शिशु संरक्षण माह का आयोजन आज से 28 सितम्बर तक आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत जिले में स्थित सभी स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधि अथवा स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों के द्वारा नौ माह से पांच साल तक के बच्चों को विटामिन ए का घोल पिलाया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुर्रे ने बताया कि जिले के ग्राम, मजरा, टोला, स्लम, झुग्गी बस्ती आदि स्थानों को चिन्हांकित कर सूक्ष्म कार्ययोजना तैयार कर 9 माह से 5 वर्ष के सभी बच्चों को विटामिन ए की खुराक, नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों का टीकाकरण के साथ गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को आयरन फोलिक एसिड की गोली, जरूरी स्वास्थ्य परामर्श दिया जायेगा, साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर पोषण पुनर्वास केन्द्र भेजने की सलाह दी जायेगी। उन्होंने बताया कि विटामिन ए की कमी से बच्चों में रतौंधी, त्वचा का रुखापन, रोग प्रतिरोधी क्षमता में कमी हो जाती है। विटामिन ए बच्चों में बार-बार होने वाले डायरिया से भी बचाता है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बिरेन्द्र साहू ने बताया कि जिला के चारों ब्लॉक एवं धमतरी शहर में कुल 54 हजार 230 बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी तथा यह कार्य लगभग 5 हजार गर्भवती माताओं की जांच, टीका, स्वास्थ्य परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सूक्ष्म कार्ययोजना के तहत निर्धारित तिथि अनुसार गांव के उप स्वास्थ्य केन्द्र या आंगनबाड़ी केन्द्र या पंचायत भवन में प्रत्येक सप्ताह के मंगलवार एवं शुक्रवार को कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें 1100 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, 1 हजार 795 मितानिनें सहयोग करेंगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जनप्रतिनिधि एवं जनसामान्य को अपील की है कि शिशु संरक्षण माह के दौरान अपने व आसपास के बच्चों को स्थल तक ले जाने में सहयोग व प्रेरित करें।

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छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

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गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

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छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

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संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

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छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

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