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LIC की पॉलिसी खरीदने वालों की डूब गई जिंदगी भर की कमाई, पढ़ें पूरी जानकारी

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नई दिल्ली: LIC Fraud Alert: देश के करोड़ों LIC पॉलिसीधारकों के लिए जरूरी खबर है. दरअसल, कोरोना महामारी के बीच पॉलिसीधारकों से फ्रॉड की घटनाएं भी बढ़ी हैं.कई मामले सामने आए हैं जिसमें जालसाज LIC के पॉलिसीहोल्डर्स को फोन कर रहे हैं और खुद को इंश्योरेंस रेगुलेटर (IRDAI) का अधिकारी या LIC का कर्मचारी बता रहे हैं, ताकि ग्राहकों का भरोसा हासिल कर सके.

LIC के ग्राहकों के साथ ठगी

ये जालसाज LIC के ग्राहकों को भरोसे में लेते हैं और फिर उनसे जानकारियां हासिल कर उनके खातों से पैसे उड़ा रहे हैं. लगातार आ रहे फ्रॉड के मामलों को देखते हुए देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन LIC ने अपने ग्राहकों को इस फ्रॉड से बचाने के लिए अलर्ट जारी किया है.

LIC ने जारी किया अलर्ट

LIC ने अपने ग्राहकों से कहा है कि वो कभी किसी ग्राहक को कोई भी पॉलिसी सरेंडर करने का सुझाव नहीं देता है. कंपनी ने ग्राहकों से अपील की है कि वो ऐसी संदेह वाली कॉल्स को न उठाएं LIC का कहना है कि ग्राहक अपनी पॉलिसी को LIC की आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्टर करा लें और वहीं सभी जानकारियां हासिल करें.

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LIC India Forever #LIC @LICIndiaForever

पॉलिसी की रकम दिलाने के नाम पर ठगी: LIC

LIC ने ग्राहकों को अलर्ट करने के लिए एक ट्वीट भी किया है, जिसमें कंपनी ने कहा है कि सभी ग्राहक ऐसे फोन कॉल्स से सावधान रहें जो ग्राहकों को पॉलिसी की गलत जानकारी देकर ठगते हैं. इसके साथ ही धोखाधड़ी करने वाले ग्राहकों को LIC अधिकारी, IRDAI अधिकारी बनकर धोखा दे रहे हैं. बता दें पिछले कुछ दिनों से पॉलिसी की रकम तुरंत दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी हुई है.

फर्जी कॉल्स की कैसे करें शिकायत

अगर आपको पॉलिसी के बारे में कोई जानकारी चाहिए तो आप ऑफिशियल वेबसाइट www.licindia.in पर जाकर ही जानकारी लें. किसी भी नंबर फोन करके पॉलिसी के बारे में जानकारी न लें. अगर आपके पास कोई कॉल आती है, जिसमें आपसे जानकारी मांगी जाती है, तो संदेह होने पर आप इसकी शिकायत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन से दर्ज कराएं. इसके अलावा आप इस लिंक spuriouscalls@licindia.com पर भेजकर रिपोर्ट कर सकते हैं. इसके अलावा आप co_crm_fb@licindia पर ईमेल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं. LIC की वेबसाइट पर जाकर ग्रीवांस रिड्रेसल ऑफिसर की जानकारी निकालकर वहां भी शिकायत कर सकते हैं.

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फर्जी कॉल से कैसे बचें

  1. इसके अलावा आप किसी भी कॉल पर ज्यादा बात न करें.
  2. ग्राहक अपनी कोई भी डिटेल शेयर न करें.
  3. आप पॉलिसी सरेंडर के बारे में किसी को भी जानकारी न दें. इसके अलावा अगर कोई आपको ज्यादा फायदा दिलाने की बात करें तो उसे कोई जानकारी न दें.
  4. फोन करने वाले व्यक्ति से कभी भी अपनी पॉलिसी डिटेल्स या कोई भी दूसरी जानकारी शेयर न करें.
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Maharashtra चुनाव: इन 49 सीटों पर कांटे की टक्कर, उद्धव और शिंदे में कौन किस पर रहेगा भारी?

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Maharashtra Assembly Election 2024

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। प्रदेश में 20 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को नतीजों का ऐलान किया जाएगा। इस बार की चुनावी जंग महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच होने जा रही है, जहाँ दोनों गठबंधनों के नेता एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।

चुनावी स्थिति
शिवसेना के दो धड़ों के बीच भी मुकाबला देखने को मिल रहा है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला गुट और एकनाथ शिंदे का गुट दोनों ही खुद को असली शिवसेना बताकर लोगों से वोट मांग रहे हैं। खासकर 49 सीटों पर यह कांटे की टक्कर देखी जा रही है, जिनमें 19 सीटें मुंबई के मेट्रोपोलिटन इलाकों में आती हैं और 12 सीटें शहर की हैं।

2022 में शिवसेना का विभाजन
जून 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद, एकनाथ शिंदे ने कई विधायकों के साथ एनडीए में शामिल होकर मुख्यमंत्री बनने में सफलता प्राप्त की थी। वहीं, उद्धव ठाकरे और कुछ विधायक महा विकास अघाड़ी में बने रहे। अब कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर उद्धव सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।

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उद्धव ठाकरे पर अपने पिता बालासाहेब ठाकरे की विरासत को बचाने का दबाव भी है। शिंदे का आरोप है कि उद्धव ने कांग्रेस के साथ जाकर अपने पिता के विचारों को धोखा दिया है। इस चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसे अपना समर्थन देती है।

चुनावी रणनीतियाँ
उद्धव ठाकरे: उद्धव ने उन 40 सीटों पर जीतने की रणनीति बनाई है, जहां से विधायक जीत के बाद शिंदे के साथ चले गए थे। उनके लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने गढ़ को सुरक्षित रखें।

एकनाथ शिंदे: शिंदे का दावा है कि यदि महायुति की जीत होती है, तो मुख्यमंत्री वे ही होंगे। उन्हें अपनी पार्टी का जनाधार बढ़ाने और पिछली जीत को दोहराने की चुनौती का सामना करना होगा।

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प्रमुख मुकाबले
ठाणे की कोपरी पांचपखाड़ी सीट: यहाँ शिंदे को कड़ी टक्कर मिल रही है, जहाँ उद्धव गुट ने आनंद दिघे के भतीजे केदार को मैदान में उतारा है।
वर्ली सीट: उद्धव ने यहाँ अपने बेटे आदित्य को चुनावी मैदान में उतारा है, जो मिलिंद देवड़ा से मुकाबला कर रहे हैं।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में यह 49 सीटें न केवल उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इन सीटों पर जीत या हार दोनों ही नेताओं के भविष्य का निर्धारण करेगी। सियासी दांव-पेंच और जनता की सोच इस बार के चुनाव में निर्णायक साबित होगी।

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अवैध शराब विक्रेताओं पर थाना कोटा पुलिस की कार्यवाही

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बिलासपुर: थाना कोटा पुलिस ने अवैध शराब विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गनियारी स्थित कपूर तालाब से 1000 किलो से अधिक महुआ लहान को नष्ट कर दिया है और 10 लीटर कच्ची महुआ शराब भी जब्त की है।

गिरफ्तार आरोपियों में गौरी वर्मा, निवासी गनियारी, और जयप्रकाश रात्रे, निवासी लोकबंद शामिल हैं। जिला पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भापुसे) ने ऑपरेशन चेतना के तहत नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गनियारी में एक महिला अवैध रूप से हाथभट्ठी से कच्ची महुआ शराब बना रही है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गौरी वर्मा से 3 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी कीमत 600 रुपये थी, जब्त की और धारा 34(01) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।

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वहीं, ग्राम लोकबंद निवासी जयप्रकाश रात्रे से 7 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी कीमत 1400 रुपये थी, जब्त की गई और उन्हें धारा 34(02) आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

रेड कार्यवाही के दौरान गनियारी के कपूर तालाब में शराब बनाने के लिए रखे 1000 किलो से अधिक महुआ लहान/पाश को मौके पर ही नष्ट किया गया। बिलासपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है और आम जन से नशा उन्मूलन में सहयोग की अपील की है।

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बिलासपुर पुलिस ने नशे के सौदागरों पर किया प्रहार, 31 लाख रुपये की नशीली सामग्री बरामद

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बिलासपुर: पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के नेतृत्व में बिलासपुर पुलिस ने नशे के अवैध कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नशीले इंजेक्शन और टेबलेट सप्लाई करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से कुल 31 लाख रुपये की नशीली सामग्री बरामद की गई है।

गिरफ्तारी और बरामदगी:

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कल्पना कुर्रे, सृष्टि कुर्रे, और गोदावरी कुर्रे शामिल हैं, जो बिलासपुर की मिनीबस्ती में अपने परिवार के सदस्यों के साथ नशे का कारोबार कर रही थीं। उनके कब्जे से 2150 नग नशीले एम्पुल (कीमत लगभग 11 लाख रुपये) और 23648 नग टैबलेट (कीमत लगभग 20 लाख रुपये) बरामद किए गए हैं। इस तरह, कुल जप्त की गई सामग्री की कीमत लगभग 31 लाख रुपये है।

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आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड:

गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इनके खिलाफ नशे के कारोबार में संलिप्तता के कई मामले दर्ज हैं। इस गिरोह में शामिल कुल 09 सदस्य जेल में निरूद्ध हैं।

कार्रवाई की विस्तृत जानकारी:

पुलिस ने बताया कि 26.09.24 को अवैध रूप से नशीली सामग्री बेचने के आरोप में पहले भी कल्पना कुर्रे और एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जिसमें 896 नग नाइट्राज़ेपम टैबलेट जब्त की गई थीं। इसके बाद, 22.10.24 को सृष्टि कुर्रे के कब्जे से 150 नग बुप्रेनोर्फिन इंजेक्शन और रेक्सोजेसिक एम्पुल बरामद हुए।

आरोपियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि वे रायपुर निवासी विक्रांत सरकार और रविशंकर मरकाम के माध्यम से नशीली सामग्री का ऑर्डर देते थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर इनकी गिरफ्तारी के लिए एक रेड कार्यवाही की, जिसमें विक्रांत और रविशंकर को गिरफ्तार किया गया।

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आगे की कार्रवाई:

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से नशे की सामग्री के संबंध में पूछताछ की जा रही है, और उनके खिलाफ वित्तीय जांच भी की जाएगी ताकि नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति की जानकारी एकत्र की जा सके। नशे के कारोबार में संलिप्त अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में पुलिस की टीम को सराहा गया है, और उचित पुरस्कार की घोषणा की गई है।

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