देश
राष्ट्रपति इरफान अली, उप-राष्ट्रपति भारत जगदेव, भारतीयों की धरती कैसे बन चुका है गुयाना, जा रहे हैं PM मोदी

Modi Guyana visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को कैरेबियाई देश गुयाना की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर जाएंगे। मोदी की तीन दिवसीय गुयाना यात्रा में ऊर्जा सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होगी, जो कैरेबियाई क्षेत्र में भारत का प्रमुख साझेदार बनकर उभरा है।
तेल और गैस संसाधनों की खोज के बाद गुयाना एक तेजी से बढ़ता हुआ देश है। देश के साथ जुड़ाव में, भारत न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने की उम्मीद कर रहा है, बल्कि ग्लोबल साउथ देशों और कैरेबियाई क्षेत्र के बीच अपनी स्थिति को मजबूत करने की भी कोशिश कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान भारत और गुयाना के बीच कई ऊर्जा और रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।
भारत और गुयाना में हैं ऐतिहासिक संबंध
भारत, गुयाना के अनूठे इतिहास का भी लाभ उठा रहा है। देश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी भारतीय मूल की है, जिसमें राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली भी शामिल हैं, जिनके पूर्वजों को 19वीं सदी में ब्रिटिश सरकार ने गिरमिटिया मजदूरों के रूप में कैरिबियन क्षेत्र में भेजा था।
भारत और गुयाना के बीच शीर्ष स्तरीय संपर्क
प्रधानमंत्री मोदी की गुयाना यात्रा, दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय संपर्कों का लेटेस्ट उदाहरण है। पिछले साल, राष्ट्रपति इरफान अली, प्रवासी भारतीय दिवस में मुख्य अतिथि थे और उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित किया गया था, जो भारतीय मूल के व्यक्तियों के लिए सर्वोच्च सम्मान है।
मोदी की गुयाना यात्रा 1968 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की यात्रा के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली गुयाना यात्रा है। मोदी, राष्ट्रपति अली के साथ बातचीत करेंगे और गुयाना की संसद के विशेष सत्र को संबोधित करेंगे। जनवरी 2023 में इरफान अली की भारत यात्रा के बाद, गुयाना के उपराष्ट्रपति भारत जगदेव अगले महीने भारत आए थे।
वहीं, फरवरी में, गुयाना के प्रधान मंत्री मार्क फिलिप्स भी भारत आए थे, जिसके बाद मंत्री-स्तरीय और सैन्य-स्तरीय यात्रा हुई थी।
भारत की एनर्जी सिक्योरिटी
तेल और गैस की खोज के बाद, तेल की तेजी के कारण गुयाना में सालाना 40 प्रतिशत से ज्यादा की वार्षिक वृद्धि हो रही है। चूंकि गुयाना व्यापारियों और निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है, इसलिए भारत ने भी इस देश के साथ अपने संबंधों को बढ़ाया है।
द गार्जियन के अनुसार, दोनों देशों के बीच मजबूत ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों के कारण भारत और गुयाना ने कहा है, कि वे पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौतों की उम्मीद कर रहे हैं। गुयाना के विदेश सचिव रॉबर्ट पर्साड ने अखबार को बताया, कि मोदी की यात्रा द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
पर्साड ने आगे कहा, “दोनों देश अपने सहयोग के माध्यम से ऊर्जा, कृषि, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में अधिक तालमेल विकसित कर सकते हैं। हमारे बीच पहले से ही मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं, लेकिन पीएम मोदी की यात्रा के साथ, यह उम्मीद की जाती है कि गुयाना और भारत के बीच संबंध उस स्तर तक पहुंच जाएंगे, जिससे दोनों देशों को अधिक लाभ होगा।”
अर्थशास्त्री और कैरेबियन पॉलिसी कंसोर्टियम के फेलो स्कॉट मैकडोनाल्ड ने अखबार को बताया, कि मोदी की यात्रा का मकसद भारत की वैश्विक विदेश नीति प्रोफाइल को बढ़ावा देना और कैरेबियन क्षेत्र के बढ़ते ऊर्जा परिसर का दोहन करना है।
मैकडोनाल्ड ने कहा, “गुयाना एक तेल प्रांत के रूप में अपनी स्थिति में ऊपर बढ़ रहा है। यह तेल और प्राकृतिक गैस दोनों के लिए आगे बढ़ता रहेगा और, सच तो यह है कि भारत को बिजली उत्पादन की अपनी क्षमता के मामले में कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसे आयातित ऊर्जा की आवश्यकता है। गुयाना के बगल में स्थित सूरीनाम प्राकृतिक तेल और गैस में अपनी क्रांति लाने की कगार पर है… इसलिए, भारत के लिए, दक्षिणी ऊर्जा परिसर जो गुयाना, सूरीनाम, त्रिनिदाद और टोबैगो और संभवतः ग्रेनेडा है, को देखना भू-राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।”
मोदी की यात्रा से पहले एक ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार ने कहा, कि भारत ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर गुयाना के साथ साझेदारी करना चाहता है, लेकिन सहयोग का दायरा बहुत व्यापक है।
देश
‘मोदी नाम की बीमारी…’ PCC चीफ दीपक बैज का भड़काउ बयान

रायपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) देशव्यापी जनसंपर्क अभियान चला रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रायपुर पहुंचते ही उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जिस पर अब छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ा पलटवार किया है। दीपक बैज ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के नेता ‘मोदी नाम की बीमारी’ से बाहर नहीं आ पा रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने कांग्रेस पर साधा था निशाना
छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश ने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में हुआ यह विकास दिखाई नहीं देता।
सत्ता के नशे में आंखें चौंधिया गई हैं: दीपक बैज
केंद्रीय मंत्री के इस बयान पर पलटवार करने में कांग्रेस ने भी देरी नहीं की। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने मीडिया से बातचीत में कहा:
“भाजपा के लोग मोदी नामक बीमारी से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। एक तरफ देश में महंगाई आसमान छू रही है, पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर के दाम
आम जनता की पहुंच से बाहर हो रहे हैं, और दूसरी तरफ भाजपा के नेता कह रहे हैं कि विकास हो रहा है।”
‘पेट्रोल पंप जाकर जनता से पूछें विकास की हकीकत’
दीपक बैज ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें असल विकास देखना है, तो सिक्योरिटी छोड़कर किसी भी आम पेट्रोल पंप पर जाएं और वहां खड़े आम नागरिकों से पूछें कि देश में कितना विकास हुआ है। जनता खुद उन्हें सच्चाई का जवाब दे देगी। बैज ने आगे कहा कि गिरिराज सिंह को सत्ता का नशा हो गया है, जिसके कारण उनकी आंखें चौंधिया गई हैं और उन्हें जनता की तकलीफें दिखाई नहीं दे रही हैं।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
देश
पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्यों में बीजेपी का विस्तार, कई प्रदेशों में रचा नया राजनीतिक इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए लगातार चुनावी सफलताओं का नया इतिहास रचा है। एक समय जिन राज्यों में बीजेपी का प्रभाव सीमित था, वहां आज पार्टी न केवल सत्ता में पहुंची है बल्कि लगातार जीत दर्ज कर अपनी स्थिति को और मजबूत किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक में बीजेपी ने संगठन विस्तार, मजबूत नेतृत्व और प्रभावी चुनावी रणनीति के दम पर देश के विभिन्न हिस्सों में अपना जनाधार बढ़ाया है। महाराष्ट्र, हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में पार्टी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नई राजनीतिक इबारत लिखी है।
- महाराष्ट्र और हरियाणा से मिली नई दिशा
साल 2014 बीजेपी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। महाराष्ट्र में पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पहली बार पूर्ण रूप से बीजेपी सरकार का गठन हुआ। इसी वर्ष हरियाणा में भी पार्टी ने नया इतिहास रचते हुए मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया। इसके बाद दोनों राज्यों में बीजेपी ने लगातार चुनावी सफलता हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी।
- पूर्वोत्तर में मजबूत हुआ कमल
पूर्वोत्तर भारत में बीजेपी का विस्तार वर्ष 2016 से तेज़ी से शुरू हुआ। असम में पहली बार पार्टी की सरकार बनी और सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में पेमा खांडू और मणिपुर में एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की। वर्ष 2018 में त्रिपुरा में वामपंथी दलों के लंबे शासन को समाप्त कर बीजेपी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
- ओडिशा में बदला राजनीतिक समीकरण
वर्ष 2024 में ओडिशा की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लंबे समय तक सत्ता में रही क्षेत्रीय राजनीति को चुनौती देते हुए बीजेपी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाकर राज्य में नया राजनीतिक अध्याय शुरू किया।
- संगठन और रणनीति का मिला लाभ
बीजेपी की लगातार चुनावी सफलताओं को पार्टी संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी ने विभिन्न राज्यों में स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाई है।





















