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रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का दिया निर्देश

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  • ना सिर्फ रेलवे स्टेशनों पर बल्कि ट्रेनों, रेलवे कॉलोनियों और प्रोडक्शन यूनिट्स (उत्पादन इकाइयों) में भी सफाई के स्तर में उल्लेखनीय सुधार करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा।
  • स्वच्छता के लिए स्वैच्छिकता और सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करने पर दिया जोर।

13 सितंबर 2024

रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सतीश कुमार ने रेलवे के सभी जोन, रेलवे की प्रोडक्शन यूनिट्स और रेलवे के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि ना सिर्फ रेलवे स्टेशनों पर बल्कि ट्रेनों, रेलवे कॉलोनियों और प्रोडक्शन यूनिट्स (उत्पादन इकाइयों) में भी सफाई के स्तर में उल्लेखनीय सुधार करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

रेलवे और नोडल कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में सतीश कुमार ने कहा कि 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती को स्वच्छ भारत दिवस के रूप में मनाया जाता है। रेलवे द्वारा वर्ष 2017 से ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा अभियान मनाया जा रहा है। ‘स्वच्छता ही सेवा’ स्वच्छ भारत मिशन के तहत आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (जल शक्ति मंत्रालय) की एक संयुक्त पहल है।

इस वर्ष भी रेलवे ‘स्वच्छता ही सेवा’ समारोह का आयोजन कर रहा है। हमें स्वच्छता के लिए स्वैच्छिकता और सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष ‘स्वच्छता ही सेवा’-2023 अभियान के दौरान रेलवे ने लगभग 6,823 रेलवे स्टेशनों पर 70,0000 से अधिक मानव-घंटों के श्रमदान के साथ लगभग 2.5 लाख लोगों को अभियान में शामिल किया था। रेलवे ने स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की थीं। जिसमें बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान, कचरे की सफाई के साथ सेल्फी प्वाइंट बनाना, रेलवे की वेबसाइट पर ‘स्वच्छता ही सेवा’ लोगो/बैनर लगाना, ट्रेनों/स्टेशनों में कचरे के उचित निपटान के संबंध में यात्रियों को जागरूक करने के लिए नियमित घोषणा करना, जागरूकता बढ़ाने के लिए “स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत” के नारे के साथ प्रभात फेरी निकालना, यात्रियों को जागरूक करने के लिए रेलवे स्टेशनों पर गैर सरकारी संगठनों, धार्मिक निकायों और स्कूली बच्चों की मदद से नुक्कड़ नाटक आयोजित करना आदि शामिल है।

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इस वर्ष भी स्वच्छ भारत मिशन के शुभारंभ की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘स्वच्छता ही सेवा’ 2024 अभियान 17 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक ‘स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता’ थीम के साथ मनाया जाएगा तथा 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस मनाया जाएगा। स्वच्छता ही सेवा 2024 की थीम “स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता” पूरे भारत में स्वच्छता के प्रयासों में सामूहिक कार्रवाई और नागरिक भागीदारी की रेलवे की भावना को फिर से जागृत करने का प्रयास करती है।

‘स्वच्छता ही सेवा’ के लिए कुछ मुख्य बिंदुओं की पहचान की गई है जो इस प्रकार हैं:

  • स्वच्छता लक्ष्य इकाई (सीटीयू)
  • स्वच्छता में जन भागीदारी
  • सफ़ाईमित्र सुरक्षा शिवभारतीय रेलवे।

स्वच्छता ही सेवा 2024 अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा, जिसका समापन स्वच्छ भारत दिवस पर होगा। यह सभी नागरिकों, भागीदारों और हितधारकों को सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर प्रदान करता है। आइए हम सामूहिक रूप से स्वच्छता बनाए रखने, महात्मा गांधी की विरासत का सम्मान करने और स्वच्छता को जीवन में आत्मसात करने की अपनी प्रतिज्ञा को नवीनीकृत करें। इस वर्ष भी भारतीय रेलवे स्वच्छता ही सेवा अभियान के लिए तैयार है। अब तक 3857 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (सीटीयू) की पहचान की गई है और ‘स्वच्छता ही सेवा’ पोर्टल पर 4666 कार्यक्रम की रूपरेख तैयार की गई है। मिशन एक पेड़ मां के नाम के तहत बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाने का लक्ष्य दिया गया है।

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सभी रेलवे जोनल इकाइयों को ‘स्वच्छता ही सेवा’-2024 मनाने के लिए एक दैनिक गतिविधि कार्यक्रम भी दिया गया है। स्टेशनों के आस-पास के इलाकों में स्थित रेलवे ट्रैक और शहरी/अर्ध शहरी क्षेत्रों में आने वाले ट्रैक के आसपास के इलाकों की सफाई पर ध्यान दिया जाएगा। प्रतीक्षा कक्षों और अन्य स्टेशन परिसरों, कॉलोनियों, रेलवे भवनों/प्रतिष्ठानों आदि में पे एंड यूज शौचालयों सहित नालियों और शौचालयों की सफाई की जाएगी। रेलवे इस अभियान को ‘समग्र समाज दृष्टिकोण’ के साथ चलाने का प्रयास करेग्, जिसमें लोगों की भागीदारी पर जोर दिया जाएगा ताकि ‘स्वच्छता सभी का काम’ बन सके। ‘स्वच्छता ही सेवा’ पोर्टल पर दैनिक आधार पर और भी बहुत कुछ अपलोड किया जा रहा है।


छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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