Connect with us

छत्तीसगढ़

सूरजपुर : समय-सीमा की बैठक संपन्न

Published

on

सूरजपुर : समय-सीमा की बैठक संपन्न

सूरजपुर| कलेक्टर इफ्फत आरा ने समय-सीमा की बैठक में रामायण मंडली प्रतियोगिता आयोजन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने राज्य शासन द्वारा पूर्व की भांति ही प्रथम चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर जितने भी रामायण मंडलिया है उनके मध्य प्रतियोगिता आयोजित कर चयनित दलों को विकासखंड स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित कर विजेता रामायण मंडली दल को जिला स्तरीय प्रतियोगिता शासन के निर्देशानुसार आयोजित करने के निर्देश दिए। संस्कृति विभाग के चिन्हारी पोर्टल में पंजीकृत मानस मंडली को वाद्य यंत्र क्रय किए जाने हेतु सम्मान राशि 5 हजार रुपए प्रदान किया जाएगा। विकासखंड एवं नगरीय  स्तर के मानस मंडलीयों को पंजीयन करने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग को सभी आवश्यक तैयारियां करने निर्देशित किया।

कलेक्टर आरा ने जिले में सघन टीबी एवं कुष्ठ खोज अभियान 1 दिसम्बर से 21 दिसम्बर 2022 तक समस्त विकास खण्डों में चलाया जायेगा जिसकी पूर्व तैयारी हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी आवश्यक व्यवस्थाएं रखने निर्देशित किया। सीएमएचओ डॉ. आर एस सिंह ने बताया कि इस अभियान के दौरान प्रत्येक सम्भावित मरीजो की पहचान कर उनका जॉच एवं उपचार किया जायेगा, जिससे टीबी एवं कुष्ठ संक्रमण को रोका जा सके। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु नियमित मॉनिटरिंग व दिशा निर्देश अनुसार कार्य करने को कहा। सघन टीबी एवं कुष्ठ अभियान में मितानिनों के द्वारा अपने कार्य क्षेत्र में 1 दिसम्बर से 21 दिसम्बर 2022 तक घर घर जाकर टीबी एवं कुष्ठ रोग के लक्षण के अधार पर सम्भावित मरीजों की पहचान की जावेगी। 16 से 21 दिसम्बर तक मितानिनों के द्वारा खोजे गये सम्भावित टीबी एवं कुष्ठ मरोजों का पुनः निरीक्षण सम्बन्धित क्षेत्र के आर एच ओ एवं एमटी के द्वारा किया जायेगा। सम्भावित टीबी एवं कुष्ठ मरीजों का सूची बनाकर पीएचसी एवं सीएचसी स्तर पर भेजा जायेगा। जहॉ पर भेजे गये सम्भावित मरीजों का सत्यापन कर पाये गये टीबी एवं कुष्ठ मरीजों का उपचार किया जावेगा।

यह भी पढ़ें   लद्दाख में शहीद छत्तीसगढ़ के जवान गणेश कुंजाम की बहन को मिला अनुकंपा नियुक्ति


कलेक्टर ने जाति प्रमाण पत्र के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी ली तथा जिन बच्चों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बने हैं उन्हें जाति प्रमाण पत्र बना कर लाभान्वित करें। जिससे शासन मिलने वाली सुविधा का लाभ मिल सके। उन्हाने जाति प्रमाण पत्र के लिए शिविर लगाने निर्देशित किया। उन्होंने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को ध्यान मे रखते हुए यातायात नियमों एवं संकेतिक चिन्ह लगाने संबंधित विभाग को निर्देशित किया। उन्होंने धान खरीदी के अद्यतन की स्थिति की जानकारी ली एवं अवैध परिवहन पर निरंतर निगरानी रखने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया।

उन्होंने समय अवधि में धान की उठाव सुनिश्चित करने निर्देशित किया। कलेक्टर ने  सड़क निर्माण कार्य, मरम्मत   कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से समयावधि में पूर्ण करने पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई सहित सड़क निर्माण विभाग को निर्देशित किया। उन्होंने  खराब हुए सभी सड़कों और गड्ढो के हिस्सों को पेचवर्क के माध्यम से सुधारा जा रहा है सड़क निर्माण कार्य को नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें   छत्तीसगढ़ की बेटी अंकिता ने यूरोप के सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस पर फहराया तिरंगा

कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो जनजाति को शासन द्वारा मिलने वाले सभी सुविधाओं एवं योजनाओं की जानकारी ली तथा उचित सर्वे कर राशन, बिजली पानी, सड़क आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जाति प्रमाण पत्र जिनका अभी तक बना नहीं है समय अवधि में बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को विभाग से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों का समय अवधि में निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मतदाता पुनरीक्षणकी जानकारी ली तथा कार्य योजना बनाकर जागरूकता फैलाने स्कूल एवं कालेज में कार्यक्रम आयोजित करने निर्वाचन शाखा को निर्देशित किया। जल जीवन मिशन के प्रगति की जानकारी ली तथा संबंधित विभाग को शासन की मंशा अनुसार कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए तथा बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने  कहा।

 बैठक में जिला पंचायत सीईओ लीना कोसम, संयुक्त कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा, डॉक्टर प्रियंका वर्मा, डिप्टी कलेक्टर नंदजी पांडे, एसडीएम ,उत्तम प्रसाद रजक, दीपिका नेताम, एसपी कार्यालय पुलिस निरीक्षक धर्मानंद शुक्ला एवं विभाग के समस्त अधिकारी उपस्थित थे।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

Published

on

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प

पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।

  • बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
यह भी पढ़ें   सारंगढ़ बिलाईगढ़ : कलेक्टर डॉ सिद्दीकी ने मिलेट्स कैफे का किया शुभारंभ

नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:

  • परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।

  • भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।

  • खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।

“सुशासन सरकार का संकल्प”

सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

news

छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

Published

on

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।

पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढ़ें   कारोबारी पति और दो बच्चों की हत्या कर पत्नी फांसी पर झूली! पोस्टमार्टम में हुआ हत्या का खुलासा

शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।

खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं

यह भी पढ़ें   12 August 2023 Rashifal: आज इन राशियों को आर्थिक क्षेत्र में मिलेगा भाग्य का साथ

सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है

नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है

Continue Reading

छत्तीसगढ़

तीसरा बड़ा मंगलवार आज : अपनी मनोकामना के अनुसार हनुमान जी को इन चीजों का लगाए भोग …

Published

on

Dharm Desk- ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इन्हें बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है. आज 19 मई को तीसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है. जो पुरुषोत्तम मास के साथ पड़ने से और अधिक खास बन गया है. इस दिन हनुमान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है. पूजा-अर्चना का विशेष क्रम जारी है. धार्मिक परंपराओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को भगवान राम और हनुमानजी के मिलन हुआ था. इसी कारण इस दिन हनुमानजी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है. तीसरे बड़े मंगल के अवसर पर मंदिरों में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया है.

 

1.गुड़-चना चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग अर्पित करना अत्यंत प्रिया है. यह उपाय विशेष रूप से मंगल दोष से जुड़े कष्टों को शांत करने के लिए किया जाता है. नियमित रूप से यह भोग चढ़ाने से जीवन में स्थिरता आती है और बाधाओं में कमी देखने को मिलती है. ऐसे में बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को गुड़ चने भोग लगाकर प्रार्थना करना चाहिए.

यह भी पढ़ें   नशे के विरुद्ध बिलासपुर पुलिस का अभियान जारी, चेकिंग के दौरान मस्तूरी में पकड़ाई भारी मात्रा में नशीली दवाइयां

 

2.नारियल अर्पित करने से क्या होता है

 

इस दिन को लेकर मानता है कि साबुत नारियल पर सिंदूर लगाकर और कलावा बांधकर हनुमान जी को अर्पित करने से आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है. इस उपाय को करने से घर में सुख-समृद्धि और धन संबंधी समस्याओं में सुधार आता हैं.

 

3.पान का बीड़ा चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करना खास तौर पर उन लोगों द्वारा किया जाता है. जिनके काम अटक रहे होते हैं. पूजा के बाद पान चढ़ाकर कार्य सिद्धि की कामना की जाती है. इससे कठिन और रुके हुए कार्यों में गति आने लगती है और हनुमान जी से प्रार्थना की जाती है कि आप मेरा इस कष्ट या पीड़ा को हारने का बीड़ा आपको मैं सोचता हूं.

यह भी पढ़ें   जशपुरनगर : फरसाकानी महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क में मिलेट प्रसंस्करण कार्य प्रारंभ

 

4.इमरती और लड्डू चढ़ाने से क्या होता है

 

हनुमान जी को इमरती और बूंदी के लड्डू अत्यंत प्रिय है. इनका भोग लगाने से भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति की कामना करते हैं. यह प्रसाद चढ़ाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में खुशहाली का वातावरण बनता है.

 

5.केसर भात अर्पित करने से क्या होता है

 

केसर भात का भोग हनुमान जी को अर्पित करने से कुंडली के दोषों को शांत करने का प्रयास किया जाता है. यह भोग विशेष रूप से बड़े मंगल के दिन किया जाता है. इससे जीवन में आने वाले संकटों का प्रभाव कम होता है और मानसिक शांति मिलती है. इससे हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है.

 

 

Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending