छत्तीसगढ़
क्रिकेट संघ बिलासपुर द्वारा आयोजित अंपायर एवं स्कोरर वर्कशॉप का हुआ समापन

बिलासपुर | क्रिकेट संघ बिलासपुर द्वारा आयोजित चार दिवसीय अंपायर एवं स्कोरर वर्कशॉप जो कि दिनांक 16 जुलाई से प्रारंभ हुआ था जिसमें लगभग 35 प्रतिभागी ने भाग लिया उसका समापन आज प्रेक्टिकल परीक्षा के पश्चात बहतराई इंडोर स्टेडियम में हुआ । इस चार दिवसीय अंपायर स्कोरर वर्कशॉप में बीसीसीआई क्वालिफाइड प्रशिक्षकों ने अंपायर एवं स्कोरिंग के विभिन्न विधाओं के बारे में बात की जैसे कि फॉलोऑन कब दिया जाता है एक बैट्समैन कितने प्रकार से आउट होते हैं किस प्रकार के सिग्नल अंपायर द्वारा दिए जाते हैं स्कोरिंग कितनी पद्धति से होते हैं एकदिवसीय मैचों में स्कोरिंग कैसे की जाती है ट्वेंटी-20 मैचों में स्कोरिंग कैसे की जाती है टेस्ट मैचों में स्कोरिंग कैसे की जाती है साथ ही साथ उन्होंने कहा कि अब अंपायरिंग और स्कोरिंग दोनों चीजों में टेक्नोलॉजी का प्रयोग बढ़ते जा रहा है जिससे काम करने में काफी आसानी हो रही है और इसमें प्रशिक्षण देने के लिए बी ईसीआई से मान्यता प्राप्त क्वालिफाइड प्रशिक्षक गण जो कि छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ से भी मान्यता प्राप्त है इस वर्कशॉप में शिरकत कर रहे थे ।
सीएससीएस के प्रशिक्षक विकास भट्ट, मनोज तिवारी एवम सचिन टांक ने प्रतिभागियों को अंपायरिंग एवं स्कोरिंग से संबंधित विभिन्न बारीकियां जिसका ध्यान क्रिकेट मैचों के संचालन में रखा जाना है के बारे में पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया और बीसीसीआई के नियम एवं कानून के बारे में भी परिचर्चा के माध्यम से जानकारी दी गई ।
क्रिकेट संघ बिलासपुर का यह आयोजन जो कि किसी भी जिले के द्वारा छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के तत्वाधान में इतने बड़े पैमाने पर पहली बार किया जा रहा है जिसमें बिलासपुर जिले एवं आसपास के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी इच्छुक खिलाड़ी भाग ले रहे थे उक्त वर्कशॉप के अंत में प्रतिभागियों की परीक्षा भी ली गई एवं उनके परफारमेंस के बारे मैं जानकारी दी गई तथा उन्हें प्रमाण पत्र भी बांटे गए उनके परफॉमेंस के आधार पर भविष्य में उनको जिला स्तरीय राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का मौका भी मिलेगा|
क्रिकेट का खेल जो की दिनों दिन लोकप्रिय होता जा रहा है और t 20 आने के पश्चात क्रिकेट के खेल में तेज़ी भी आ रही है ऐसे समय में अंपायरों एवं स्कोरर की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है । प्रतिभागियों ने अपने फीडबैक में बताया कि वे वर्षों से क्रिकेट खेल रहे हैं लेकिन इतनी भारी जानकारियां उन्हें भी नहीं थी इस कार्यशाला के माध्यम से उनके ज्ञान में वृद्धि हुई है जिसका कि उपयोग वे आने वाले मैचों के दौरान कुशलता से कर सकेंगे जिससे कि क्रिकेट के स्तर में बढ़ोतरी होगी।
कार्यशाला के पश्चात पूरे परफॉर्मेंस के आधार पर वरीयता क्रम निकाला गया जिसमें प्रथम तीन नामों की घोषणा की गई जिसमें अंपायर के लिए सर्वप्रथम रिषभ सोनी, दूसरे स्थान पर अभिनव शर्मा एवं तीसरे स्थान पर विक्रांतसिंह ठाकुर के नाम की घोषणा की गई । वही स्कोरर के नामों की घोषणा आने वाले दिनों में की जाएगी।
उपरोक्त प्रतिभागियों के अलावा एक महिला प्रतिभागी को कुमारी सुजाता भगत, जगदीश प्रसाद यादव सौरव दुबे , मनीष सक्सेना, निश्चित शर्मा ,गुरमीत सिंह, सुदीप दत्ता, पीयूष वर्मा, अखिलेश यादव ,मिथिलेश चतुर्वेदी ,उमाशंकर लहरें, डॉक्टर देवर्षी चौबे,तिशुमचंद चौहान, तनिष्क सरोगी, गौतम कुमार श्रीवास, सिद्धांत घोष, किरण कुमार निषाद एवं स्कोरर में अजय विश्वकर्मा, अंकित केथवास, के मुरली, के शीनू, मोहम्मद ज़ाकिर ,दिवाकर के मुरली , मोईन मिर्ज़ा, आशुतोष दीक्षित , राजकुमार केवट की महिला प्रतिभागियों में कनचन धीरेही एवं कंचन अनंत है|
समापन समारोह में मुख्य रूप से श्री विकास भट्ट क्रिकेट संघ बिलासपुर के सचिव विंटेश अग्रवाल मौजूद थे जिन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया और प्रतिभागियों तथा प्रशिक्षकों को प्रमाण पत्र और स्मारक चिन्ह भेंट किए ,पूरे कार्यक्रम का संचालन आलोक श्रीवास्तव के द्वारा किया गयाl कार्यक्रम के दौरान क्रिकेट संघ बिलासपुर के अध्यक्ष नवीन जाजोदिया, रितेश शुक्ला , दिलीप सिंह शैलेश शैमुअल, अभिषेक सिंह, शेख शाहिद, रोहित ध्रुव एवं अन्य पदाधिकारी पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी मौजूद थे । उक्त जानकारी क्रिकेट संघ बिलासपुर के सचिव विंटेश अग्रवाल द्वारा दी गई ।
news
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
news
छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है


















