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संरक्षा के सजग प्रहरी को महाप्रबंधक सुश्री नीनु इटियेरा द्वारा सम्मानित किया गया

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 रेल परिचालन में संरक्षा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है । सजगता एवं बेहतर संरक्षा कार्य में सहभागिता निभाने वाले रेल संरक्षा के सजग प्रहरी कर्मचारियों का सम्मान महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के द्वारा हर माह आयोजित संरक्षा बैठक के दौरान किया जाता है । इसी कड़ी में आज दिनांक 03 सितम्बर’2024 को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कार्यरत संरक्षा कोटि के 05 कर्मचारियो को उनके उत्कृष्ट एवं सराहनीय संरक्षा सबंधी कार्य निष्पादन के लिए महाप्रबंधक सुश्री नीनु इटियेरा के द्वारा सम्मानित किया गया ।

          
नागपुर रेल मण्डल के श्री उमेश श्रीवास्तव, लोको पायलट (गूड्स) नैनपुर एवं श्री शिरीष कुमार कोष्टा, सहा. लोको पायलट/ नैनपुर दिनांक 18 अगस्त, 2024 को 05706 नैनपुर-जबलपुर पैसेंजर में ड्यूटि के दौरान कछपुरा होम सिंग्रल के पास इन्होने देखा कि किलो मीटर 983/7 के पास रेलवे ट्रैक पर लोहे के 5-7 सरिया जंजीर से बांधकर रेलवे ट्रैक के दोनों पटरी पर रखी हुई है । इस स्थिति मे उन्होंने तुरंत आपातकालीन ब्रेक लगा कर गाड़ी को रोक दिया और नीचे उतर कर देखा कि सभी सरिया इंजन में फंसी  हुई है,  जिसे इन्होने सावधानीपूर्वक खींचकर बाहर निकाला और ट्रैक को सुरक्षित किया । उन्होने त्वरित कार्यवाई करते हुए इसकी सूचना लोको पायलट ने इसकी जानकारी कर्षण लोको नियंत्रक/जबलपुर, स्टेशन मास्टर/कछपुरा एवं संबन्धित मुख्य लोको निरिक्षक को दी । और कंट्रोल कर के आवश्यक सुधार कार्य करने के बाद ट्रेन को सुरक्षित रूप से रवाना किया गया । दोनों लोको पायलटो की  सजगता एवं सतर्कता से ट्रेन परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित हुई ।

              
हरिश्चंद्र, ट्रैक मेंटेनर -IV / परमालकसा,  नागपुर  मंडल दिनांक  04 अगस्त, 2024 को रेलवे ट्रैक किलो मीटर 887/23-25 के बीच श्री हरिश्चंद्र ने चाबिदार की ड्यूटी करते समय,  पाया कि यार्ड से ट्रेन गुजरने के दौरान रेलवे ट्रैक से एक असामान्य आवाज आ रही थी और जब वहाँ पहुँचकर इन्होने ट्रैक की जांच की तो पता चला कि रेलवे ट्रैक मे वेल्ड- फ्रैक्चर है । इन्होने इसकी सूचना तुरंत परमालकसा के स्टेशन अधीक्षक एवं संबन्धित विभाग को दिया । उसके उपरांत ट्रैक की सुरक्षा की गयी और आवश्यक मरम्मत कार्य करने के बाद उस ट्रैक पर रेल यातायात सुरक्षित रूप से परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित हुई ।

 संतोष रामकृष्ण इंगले, टीएम-II /तारसा, नागपुर  मंडल ने  दिनांक 29 जुलाई, 2024 को चाबीदार की ड्यूटी के दौरान रेलवे ट्रैक पर किलोमीटर 1100/17-19 के बीच पाया कि एक जॉगल्ड फिश प्लेट से असामान्य आवाज आ रही है । स्थिति की गंभीरता को भांप कर आवश्यक सावधानियां बरतते हुए उन्होंने तुरंत जॉगल्ड फिशप्लेट को खोला और देखा कि रेल पटरी मे दरार आ चुका है, जिसे कि आम तौर पर खुली आँखों से नहीं देखा जा सकता था । इस घटना के पता चलते ही तुरंत उस रेलवे ट्रैक की सुरक्षा की गई और संबन्धित एस.एस.ई./ पी.वडब्लू. इंचार्ज को सूचित कर पटरी की मरम्मत कार्य पूर्ण करने के उपरांत रेल यातायात को सुरक्षित गया । इस प्रकार संतोष रामकृष्ण इंगले  की  सजगता एवं सतर्कता से ट्रेन परिचालन  में  संरक्षा सुनिश्चित हुई ।

इसी प्रकार श्री अनुराग कुमार गुप्ता, ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-IV / बिरसिंगपुर बिलासपुर मंडल दिनांक 30 जुलाई, 2024 को श्री अनुराग कुमार गुप्ता, ट्रैकमेंटेनर-IV/बिरसिंगपुर लेवल क्रॉसिंग गेट बी.के.-82 में गेटमेन की ड्यूटि के दौरान गुजरते हुए एक मालगाड़ी में देखा कि इंजन से 9वें वैगन में हॉट एक्सल है और उसके चक्के एवं एक्सल में आग की लपटें दिखाई दे रही है । इन्होने तत्काल इसकी सूचना नौरोजाबाद के स्टेशन मास्टर एवं संबंधित विभाग को दिया, जिसके उपरांत गाड़ी को नौरोजाबाद स्टेशन मे रोक कर वहाँ कार्यरत  ट्रैफिक असिस्टेंट के द्वारा अग्निशामक की सहायता से आग को तत्काल बुझाया गया और एक संभावित दुर्घटना से रेल यातायात को बाधित होने से बचाया जा सका । इस प्रकार श्री अनुराग कुमार गुप्ता की  सजगता एवं सतर्कता से ट्रेन परिचालन  में  संरक्षा सुनिश्चित हुई ।

संरक्षा कोटि के कर्मचारी को सम्मानित किए जाने के अवसर पर प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी, अन्य विभागाध्यक्ष सहित अधिकारीगण उपस्थित थे ।
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छत्तीसगढ़

केले के पत्तों पर 25 दिनों तक रखकर किया गया नवजात शिशु का इलाज, जानिए किस दुर्लभ बीमारी से था ग्रसित…

बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

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बीजापुर। बीजापुर जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु को 25 दिनों तक केले के स्टरलाइज पत्तों में रखकर सफलतापूर्वक उपचार किया गया.

ग्राम कोरसागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल को गंभीर अवस्था में बीजापुर हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. जाँच उपरांत शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है. यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है.

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की. उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं. शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया.

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इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे. साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके.

जा सकती थी नवजात शिशु की जान

डॉ. नेहा चव्हाण ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा कि नवजात शिशु का यह बेहद ही रियर केस था. इसमें शरीर का ऊपरी चमड़ी का इंपैक्सन रहता है, संक्रमण बहुत ज्यादा रहता है. और इसकी वजह से शिशु को जान खतरे में जा सकती हैं, इसको डॉक्टर को टाइम से दिखाना रहता है, तभी उसका इलाज संभव हो पाता है,

सही समय पर बच्चे को हमारे पास लाया गया. उसको तुरंत हमने एंटीबायोटिक का थेरेपी लगाकर इलाज शुरू किया. इस बीमारी में केले के पत्ते में रखना और ड्रेसिंग करना होता है, वही हमने किया. पूरी तरह से हाइजीनिक इलाज किया, और अब बच्चा पूरी तरह से स्वास्थ्य हैं.

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परिजनों ने दिया दिल से धन्यवाद

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया. उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया.

पहली बार आया अनोखा केस

सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ने लल्लूराम से कहा कि मैं डॉ. नेहा चव्हाण और उनकी टीम को बधाई देती हूं. इस तरह का केस हमारे हॉस्पिटल में पहली बार आया था, और हमारे डॉक्टरों की टीम ने सही तरीके इलाज कर एक नवजात शिशु को को नई जिंदगी दी है. अगर इस तरह ग्रामीण स्तर पर कोई भी केस आए तो निश्चित ही जिला हॉस्पिटल का लाभ लें.

 

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छत्तीसगढ़

साय कैबिनेट की बैठक कल, विधानसभा के विशेष सत्र समेत अन्य मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक , 29 अप्रैल को सुबह 11:30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में विधानसभा सचिवालय ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। इसमें बताया गया है कि छठवीं विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल को आयोजित होगा। इस सत्र में कुल एक ही बैठक होगी, जिसमें शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

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महिला आरक्षण पर सियासी घमासान के आसार

इस विशेष सत्र का सबसे बड़ा मुद्दा महिला आरक्षण को लेकर संभावित सियासी टकराव माना जा रहा है। सत्ता पक्ष भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव ला सकती है। वहीं कांग्रेस इस विषय पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

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कैरियर

कल आएंगे 10वीं-12वीं बोर्ड के रिजल्ट, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की घोषणा

Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि लल्लूराम डॉट कॉम ने पहले ही 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

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Chhattisgarh Board Result : सत्या राजपूत,रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम 29 अप्रैल बुधवार को जारी होगा। इसकी घोषणा शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की है। बता दें कि 29 या 30 अप्रैल को 10वीं-12वीं के रिजल्ट आने की खबर प्रकाशित की थी, जिस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने मुहर लगा दी है।

शिक्षा मंत्री यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि इंतजार की घड़ियां अब समाप्ति की ओर है। बुधवार दोपहर 2:30 बजे माध्यमिक शिक्षा मंडल के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे। यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और अभिभावकों व शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन का प्रतिफल है। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को धैर्य बनाए रखने, परिणाम को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करने और भविष्य की दिशा में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की शुभकामनाएं। प्रत्येक परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं निहित हैं।

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बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 18 मार्च तक चलीं। पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की योजना बनाई थी। हिंदी पेपर लीक होने का मामला सामने आने के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई।

लाखों छात्र कर रहे रिजल्ट का इंतजार

इस वर्ष हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा में कुल 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जबकि हायर सेकेंडरी (कक्षा 12वीं) में 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल होने के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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बेहतर रहा थापिछले साल का रिजल्ट

पिछले वर्ष 7 मई 2025 को बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था। उस समय कक्षा 10वीं में 68.76% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए थे, जबकि कक्षा 12वीं का रिजल्ट 82.25% रहा था। अब सभी की नजरें बोर्ड की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म हो सके।

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