छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में भी गहराया बिजली संकट!
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बड़ा बिजली संकट होने वाला है.. ऐसा हम नहीं बल्कि हालात बता रहे हैं.. क्योंकि बिजली संयंत्रों के पास कोयला ही नहीं हैं… जिनके पास हैं भी वो तो महज 2 या 3 दिनों के लिए ही बचा है.. ऐसे में सरकार की चिंता भी बढ़ गई है.. और बिजली अधिकारी भी परेशान हैं.. साथ ही साथ सियासत भी चरम पर हैं.. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या त्योहारी सीजन में अंधेरा छा जाएगा.?
क्या इस दिवाली छत्तीसगढ़ अंधेरे में डूब जाएगा…क्या रोशनी के इस त्यौहार में हमारे घर रोशन नहीं होंगे…ये सवाल इसलिए क्योंकि दूसरे राज्यों को जगमग करने वाला छत्तीसगढ़, खुद बिजली संकट से जूझ रहा है.. सप्लाई की तुलना में डिमांड अधिक होने से उद्योगों तक की बिजली काटने की नौबत आ गई है.. क्योंकि कोयले का संकट पावर प्लांट्स पर हावी है..
छत्तीसगढ़ में 3 मुख्य पावर प्लांट हैं, DSPM, STPS और MADWA, तीनों के पास औसत 3 दिनों का स्टॉक है। त्यौहारी सीजन में बिजली संकट को देखते हुए सीएम भूपेश बघेल ने समीक्षा के लिए हाई लेवल मीटिंग भी बुलाई…. जिसमें कोयले की आपूर्ति एवं उपलब्धता पर चर्चा की गई.. जिसमें सीएम भूपेश बघेल ने secl के अधिकारियों को पावर प्लांटो को कोयले की आपूर्ति करने के निर्देश दिए..
अब आपको पावर तीनों पावर प्लांट्स की क्षमताओं के बारे में जानकारी दे दें…
पावर प्लांट्स क्षमता मौजूदा स्थिति
DSPM 500 मेगावॉट 400 मेगावॉट उत्पादन
STPS 1340 मेगावॉट 838 मेगावॉट उत्पादन
MADWA 1000 मेगावॉट 325 मेगावॉट उत्पादन
अगर हम प्रदेश की डिमांड की बात करें तो …. तो… हालात कुछ इस तरह हैं
प्रदेश की डिमांड- 3803 मेगावॉट
बिजली उपलब्ध- 3810 मेगावॉट
पीक टाइम में डिमांड- 4123 मेगावॉट
पीक टाइम में आवश्यकतानुसार 200 से 400 मेगावाट विद्युत क्रय लगातार किया जा रहा है…वहीं अधिकारियों के मुताबिक कोयले का संकट अगर जल्द दूर नहीं होता है..तो फिर लोड शेडिंग की नौबत आ सकती है । वहीं इस पर सियासत भी हो रही है.. बीजेपी इसको सरकार का फैल्यूर बता रही है..
प्रदेश की कई यूनिट्स मेंटनेंस की वजह से बंद हैं.. जिससे 529 मेगावॉट बिजली कम कम मिल रही है… ऐसे में सरकार निजी कंपनियों से बिजली खरीद कर सप्लाई कर रही है.. बताया जा रहा है कि NTPC की लारा यूनिट 12 अक्टूबर और सीपत संयंत्र 21 अक्टूबर तक शुरू होने की संभावना है.. अगर ऐसा है तो प्रदेश की कुछ संकट कम हो सकता है..हालात चिंताजनक हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कोल कंपनियां जितनी जल्दी कोयला उपलब्ध कराएंगी, उतनी जल्दी बिजली संकट दूर होगा..
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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