Connect with us

छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: बेटियों के विवाह के लिए सहायता राशि 25 हजार से बढ़कर हुई 50 हजार

Published

on

राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सहायता राशि 25 हजार रूपए से बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दी गई है। इस वर्ष 2023-24 के लिए प्रस्तुत बजट में इस योजना के लिए 38 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। इससे कई परिवारों का अपनी बेटियों का धूम-धाम से विवाह का सपना पूरा हो सकेगा। 


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने योजना के तहत राशि में दो बार वृद्धि की है। मुख्यमंत्री बघेल ने मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद प्रस्तुत पहले बजट में ही बेटियों के विवाह को प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2019 में विवाह अंतर्गत दी जाने वाली अनुदान राशि को 15 हजार रूपए से बढ़ाकर 25 हजार रूपए कर दिया था। अब यह राशि बढ़ाकर 50 हजार रूपए कर दी गई है। वर्ष 2019 की तुलना में निर्धारित बजट राशि भी 19 करोड़ रूपए से बढ़ाकर 38 करोड़ रूपए कर दी गई है। इससे कई परिवारों में बेटियों के विवाह को लेकर चिंता दूर हुई है।

यह भी पढ़ें   बड़ी खबर: फिल्म इंडस्ट्री में पसरा मातम, मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार का निधन


गौरतलब है कि कई परिवारों में आर्थिक परेशानियों के चलते बेटी का विवाह कठिन हो जाता है। इन परिस्थितियों में राज्य सरकार मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बेटियों के विवाह के लिए सहायता करती है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को कन्या के विवाह में होने वाली आर्थिक कठिनाईयों का निवारण, विवाह में होने वाली फिजूलखर्ची को रोकना और सादगीपूर्ण विवाहों को बढ़ावा देना, सामूहिक विवाहों के आयोजन के माध्यम से गरीब परिवार के आत्मसम्मान में वृद्धि के साथ उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार तथा विवाहों में दहेज के लेन-देन की रोकथाम करना है।


योजना तहत देय लाभ
योजनान्तर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवार और मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना अंतर्गत कार्डधारी परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की अधिकतम दो कन्याओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें वर-वधु की श्रृंगार सामग्री और अन्य दैनिक उपयोग के सामान उपहार स्वरूप प्रदान करने के साथ बैंक ड्रॉफ्ट के माध्यम से रूपए भी दिए जाते हैं। सामूहिक विवाह आयोजन व्यवस्था के लिए भी कुछ राशि व्यय की जाती है। योजनांतर्गत विधवा, अनाथ, निराश्रित कन्याओं को भी शामिल किया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी/जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। विकास खंड स्तर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी या एकीकृत बाल विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। योजना के संबंध में  अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भी जानकारी ली सकती है।

यह भी पढ़ें   क्या अतीक अहमद की हत्या में है लॉरेंस बिश्वोई का हाथ?

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

Published

on

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

यह भी पढ़ें   धान खरीदी की अंतिम तारीख बढ़ सकती है आगे
Continue Reading

छत्तीसगढ़

“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

Published

on

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।

बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

यह भी पढ़ें   बड़ी खबर: फिल्म इंडस्ट्री में पसरा मातम, मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार का निधन
Continue Reading

छत्तीसगढ़

सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

Published

on

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

यह भी पढ़ें   CG: साल के अंतिम दिन पुलिस ने चलाया धरपकड़ अभियान
Continue Reading
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

Trending