बलौदाबाजार
Bilaspur: साप्ताहिक जनदर्शन में कलेक्टर ने सुनी जनता की समस्याएं, मौके पर किया समस्याओं का निराकरण
बिलासपुर: कलेक्टर अवनीश शरण ने साप्ताहिक जनदर्शन में दूर-दराज से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई की। कलेक्टर ने सभी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हुए, निराकरण योग्य मामलों का मौके पर ही समाधान किया और शेष आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को भेजते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनदर्शन में नगर पंचायत मल्हार के वार्ड क्रमांक 12 के वार्ड पार्षद मनमोहन कैवर्त और अन्य वार्डवासियों ने नईया तालाब से अवैध कब्जा हटवाने और पचरी निर्माण कराने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि तालाब वार्डवासियों के जीवनयापन का प्रमुख साधन है। कलेक्टर ने सीएमओ को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
लिंक रोड मित्र विहार कॉलोनी के निवासियों ने नालियों की नियमित सफाई न होने की शिकायत की, जिससे गंदा पानी घरों में घुस रहा है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को इस पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कोटा ब्लॉक के ग्राम गिरधौरी के टीकाराम सूर्यवंशी ने सड़क दुर्घटना में अपने पुत्र की मृत्यु के बाद सोलेशियम फंड योजना के तहत आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम बिलासपुर को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सेंदरी के रामू पाल और अन्य किसानों ने खेतों तक जाने के रास्ते की मांग की, जो मानसिक अस्पताल की बाउंड्रीवाल के कारण बंद हो गया है। वहीं, ग्राम पंचायत सागर की अन्नपूर्णा पांडेय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन दिया, जिसका निराकरण जिला पंचायत सीईओ द्वारा किया जाएगा।
साप्ताहिक जनदर्शन में कलेक्टर की त्वरित कार्रवाई ने लोगों को राहत प्रदान की और प्रशासन के प्रति विश्वास को बढ़ावा दिया।
छत्तीसगढ़
CG News: मूलभूत सुविधाओं से वंचित प्रदेश का बड़ा व्यापारिक केंद्र, जिम्मेदारों की अनदेखी जारी
भाटापारा: छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र भाटापारा अपनी दुर्दशा के कारण विकसित होने की दिशा से कोसो दूर है। मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे शहर की जिम्मेदारों को सुध नहीं है।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले का भाटापारा शहर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। प्रदेश का बड़ा व्यपारिक शहर होने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है। सरकारी कागजों में शहर को सँवारने के लिए बड़े- बड़े दावे तो किए जाते हैं। लेकिन हकीकत में यह सब खोखला नजर आता है। 31 वार्डों वाले यहां की नगर पालिका परिषद को व्यवस्थाओं का कोई सुध नहीं है। कई वार्डों में तो गंदगी का अम्बर लगा हुआ है।
दरअसल, दानवीर दाऊ कल्याण सिंह का यह शहर प्रदेश का सबसे बड़ा व्यपारिक केंद्र है। जहां पर लगभग तीन सौ के आसपास राईस मिल,पोहा मिल,दाल मिल है। जो अब अपनी बर्बादी के कगार पर है। प्रदेश की सबसे बड़ी कृषि उपज मंड, मुख्य शाखा नहर यहां से होकर गुजरती है। शहर विकास में नगर पालिका की एक उपलब्धि अगर मिल जाए तो बहुत बड़ी बात होगी।

मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है
शहर में बस स्टैंड, बाजार से लेकर किसी भी प्रकार की कोई व्यवस्थित सुविधा नहीं है। यहां तक की ऐसा एक भी वार्ड न हो जहां गंदगी न दिखे। शहर में स्थित दानवीर की भूमि अतिक्रमण के आगोश में समाती जा रही है। यहां के तालाब जो पुरखो का धरोहर है वह भी अब ख़त्म होने के कगार पर पहुँच चुकी है। कुछ तालाब तो लापरवाही के कारण गंदगी से भरा पड़ा है।
सरकारी कागजों में किया गया दावा धरातल पर खोखला
सरकारी कागजों में कहा जाता है कि, शहर में इंडोर स्टेडियम, ऑडिटोरियम, नगर पालिका का गर्डन है। यह केवल किताबी आंकड़े है असल में ऐसा कुछ नहीं है। कुछ साल पहले नगर पालिका ने सड़कों की सफाई करने के लिए सफाई मशीन लाया था। जिससे कुछ दिन सफाई की गई फिर मशीन का अता- पता नहीं है। यहां तक की अगर शहर में कहीं पर आगजनी हो जाए तो नगर पालिका के पास आग को काबू करने के लिए भी कोई प्रशिक्षित विशेषज्ञ नहीं है। विभिन्न विभाग के अधिकारी केवल कागज पत्र में ही उलझ कर रह गए हैं।
छत्तीसगढ़
बलौदाबाजार कांड: 185 आरोपी, 90 से ज्यादा गवाह, मड़वा सम्मेलन में रचा गया था प्लान
बलौदाबाजार कांड मामले में पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश कर दिया है मामले में 185 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
सतनामी समाज के प्रदर्शन के दौरान दशहरा मैदान बलौदाबाजार से रैली निकालने और आगजनी, तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश कर दिया है मामले में 185 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें भिलाईनगर विधायक देवेंद्र यादव भी शामिल हैं। पुलिस ने अपने पेश चालान में कहा है कि, अन्य आरोपियों के बयान और मिले अन्य साक्ष्यों के मुताबिक घटना दिनांक 10 जून 2024 को देवेंद्र यादव प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे।
वे बिन बुलाए आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने मंच में पहुंचने का भी प्रयास किया, लेकिन उन्हें समाज के लोगों ने मंच में बैठने की अनुमति नहीं दी। वे प्रदर्शनकारियों और समर्थकों के बीच बैठे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को उकसाने का प्रयास किया। चालान में कहा गया है उन्होंने अपने समर्थकों के माध्यम से कहा कि जोरदार आंदोलन करो, जिससे प्रशासन हिल जाए। जरुरत पड़े तो पैसा खर्च करके बढ़िया प्रदर्शन करना, जो पैसा लगेगा मैं दूंगा। ऐसे आश्वासन के साक्ष्य पुलिस को मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस ने उन्हें मामले में आरोपी बनाया है। बहरहाल इस मामले में कोर्ट में सुनवाई जारी है
90 से ज्यादा लोग गवाह, मेमोरी कार्ड, वीडियो क्लिप और जब्त मोबाइल भी साक्ष्य
इस मामले में पुलिस ने अपने चालान में 90 से ज्यादा गवाहों के नाम दर्शाए हैं। इसके अलावा साक्ष्य के रूप में कई वीडियो क्लिप, फोटो, मेमोरी कार्ड, मोबाइल प्रस्तुत किए हैं। बहरहाल इसके आधार पर इस मामले में ट्रायल होना है। कई आरोपियों ने न्यायालय में जमानक याचिका भी दायर की है। पुलिस और प्रशासन द्वारा कराई गई जांच के प्रतिवेदन भी पेश किए हैं। कुछ दस्तावेजों को आगामी दिनों में प्रस्तुत करने की अनुमति न्यायालय से मांगी है।
2 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को नुकसान
चालान में पुलिस ने कोर्ट को अवगत कराया है कि प्रशासन ने तय नियमों के अनुरूप केवल प्रदर्शन की अनुमति 10 जून को दशहरा मैदान बलौदाबाजार में दी थी। रैली की अनुमति नहीं थी, इसके बाद भी रैली निकाली गई। 15-16 मई की रात महकोनी गिरौदपुरी गिधौरी में जैतखाम को नुकसान पहुंचाने के विरोध में यह प्रदर्शन प्रस्तावित था। सीबीआई जांच के नाम पर प्रदर्शन की अनुमति ली गई थी। प्रदर्शन के दौरान भीड़ आक्रोशित हुई और रैली की शक्ल में नगर की ओर निकल पड़ी। इस दौरान 134 बाइक, 29 चार पहिया और 1 फायर ब्रिगेड में तोड़फोड़ की गई।
पुलिस कह रही-23 मई को मड़वा में लिखी गई घटनाक्रम की पठकथा
पुलिस ने पेश चालान में कहा कि, इस मामले में किशोर नवरंगे, दिनेश चतुर्वेदी, राजकुमार सतनामी अहम भूमिका में रहे। सभी सतनामी समाज के सदस्य हैं। जैतखाम घटना को लेकर अत्याचार के रूप में प्रसारित किया जा रहा था। 23 मई को मड़वा सम्मेलन में आंदोलन पर सम्मेलन में आंदोलन पर चर्चा की गई।
10 जून को हुई सभा में मोहन बंजारे, नितेश उर्फ निक्कू टंडन उकसाने का प्रयास किया। किशोर नवरंगे के साथ दीपक धृतलहरे, भुनेश्वर डहरिया, सुशील बंजारे, देवेंद्र पात्रे, मनीष घृतलहरे, संदीप कोशले, गोपी बंदे ने आंदोलन के लिए लोगों को एकजुट किया। मामले में पुलिस ने सेंदरी जैजेपुर के ओम प्रकाश बंजारे को भी आरोपी बनाया है। वह 31 अगस्त से न्यायिक अभिरक्षा में है।
छत्तीसगढ़
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