छत्तीसगढ़
गरियाबंद : टास्कफोर्स की बैठक में अवैध रेत उत्खनन के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अवैध रेत उत्खनन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में आज जिला स्तरीय टास्कफोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। जिसमें कलेक्टर नम्रता गांधी ने कहा कि जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं अवैध भण्डारण पाये जाने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि राजस्व, पुलिस, माईनिंग और फॉरेस्ट द्वारा संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की जाए। ऐसे संभावित क्षेत्रों की पहचान की जाए, जहां अवैध रेत उत्खनन और भण्डारण की संभावना हो। मशीनों और जेसीबी से उत्खनन पर कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यो में लगे वाहनों में विभाग का नाम और वर्क ऑर्डर चस्पा किया जाए। बिना सूचना और वर्क ऑर्डर के परिवहन करने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई की जायेगी। जिले में चिन्हांकित स्थानों पर माईनिंग चेकपोस्ट बनाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि रात्रि में गश्त करने के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था हो। अवैध उत्खनन पर कार्रवाई नही होने पर जिले के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि इन कार्यों में संलिप्त लोगों के विरूद्ध राजस्व, पुलिस, माईनिंग द्वारा अलग-अलग प्रकरण तैयार किए जाए। परिवहन के लिए प्रयुक्त वाहनों को जप्त करने की कार्रवाई भी की जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक जे.आर.ठाकुर ने कहा कि रात्रि गश्त के दौरान पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल टीम मेें शामिल रहेगी। एसडीओ एवं टी.आई भी टीम का हिस्सा रहेंगे। जिला पंचायत के सीईओ रोक्तिमा यादव ने कहा कि जिन पंचायतों में निर्माण कार्य जारी है। उनकी लिस्ट बनाकर टीम को दी जायेगी। ताकि शासकीय कार्यो में रूकावट न आये।
बैठक में सभी अनुविभागीय अधिकारियों को अनिवार्यतः प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिये गये है। बैठक में सहायक खनि अधिकारी फागू लाल नागेश ने बताया कि जिले में फर्शी पत्थर के 41, साधारण पत्थर के 3 और चिमनी भट्ठा के 01 खदान स्वीकृत है। साथ ही वर्तमान में 11 क्रियाशील रेत खदान है। वहीं वर्ष 2021-22 में विभाग द्वारा अवैध परिवहन के 141 प्रकरण, अवैध उत्खनन के 13 एवं अवैध भण्डारण के 01 प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई है। जिससे कुल 39 लाख 4 हजार 780 रूपये राजस्व वसूली की गई है। बैठक में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेश आयुष जैन, अपर कलेक्टर जे.आर. चौरसिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रेश ठाकुर, एसडीएम विश्वदीप, डिप्टी कलेक्टर चांदनी कंवर, सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ मौजूद थे।
छत्तीसगढ़
‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ : सीएम साय ने कहा – गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन

गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। ये बातें मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
इस अवसर पर सीएम ने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।
छत्तीसगढ़
“सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सुनेगी…”, सर्वदलीय बैठक खत्म होते ही किरण रिजिजू का पहला बयान, कल पेश होगा वंदे मातरम् बिल

संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक ख़त्म हो गई है। इस बैठक के ख़त्म होते ही केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, अच्छे माहौल में यह बैठक हुई। सभी ने इस बैठक में अपनी बात रखी। संसदीय कार्य मंत्री ने बैठक के बाद मिडिया को दिए अपने पहले बयान में कहा कि, सरकार विपक्ष के सभी मुद्दों को सत्र के दौरान सुनेगी। इसके अलावा बागी सांसदों को बैठक में बुलाये जाने को लेकर उन्होंने कहा कि, नियमों के मुताबिक़ ही उन्हें बुलाया गया है।
बता दें कि, रविवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान किरण रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में व्यवधान पैदा करने से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता, बल्कि इससे जनता के पैसे और समय की बर्बादी होती है।
छत्तीसगढ़
सीएम साय ने अधिकारियों को किया अलर्ट, बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज करने के निर्देश…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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