छत्तीसगढ़
रायपुर : छत्तीसगढ़ देश का तीसरा सबसे स्वच्छ राज्य

स्वच्छ सर्वेक्षण में राज्य के साथ ही पांच नगरीय निकायों को भी मिला पुरस्कार
राष्ट्रपति के हाथों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने ग्रहण किया पुरस्कार
छत्तीसगढ़ देश का तीसरा सबसे स्वच्छ राज्य बन गया है। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में छत्तीसगढ़ को महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बाद देश के तीसरे सबसे साफ-सुथरे राज्य का दर्जा मिला है। प्रदेश की इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम कन्वेन्शन सेंटर में आयोजित समारोह में पुरस्कृत किया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरूण साव ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी, सचिव मनोज जोशी और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की निदेशक रूपा मिश्रा भी समारोह में शामिल हुईं। स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के पांच नगरीय निकायों रायपुर, महासमुंद, कुम्हारी, आरंग और पाटन को भी समारोह में पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने प्रदेश और नगरीय निकायों की इस उपलब्धि पर संबंधित निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समन्वयकों तथा स्वच्छता दीदियों को बधाई और शभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने कहा कि इनके उत्कृष्ट कार्यों के कारण आज प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित होने का मौका मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य के शहरों को साफ-सुथरा एवं कचरामुक्त रखने के लिए ये आगे भी अपने बेहतरीन कार्यों को जारी रखेंगे और अन्य नगरीय निकायों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।
छत्तीसगढ़ ऐसे बना देश का तीसरा सबसे स्वच्छ राज्य
शहरों को स्वच्छ रखने प्रदेश में हो रहे लगातार अच्छे कार्यों के कारण छत्तीसगढ़ को देश के तीसरे सबसे स्वच्छ राज्य का दर्जा मिला है। स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणामों के मुताबिक गारबेज फ्री सिटी के अंतर्गत प्रदेश के दो शहरों को फाइव स्टार रेटिंग, 23 शहरों को थ्री स्टार रेटिंग और 47 शहरों को सिंगल स्टार रेटिंग मिला है। राज्य में ओडीफ प्लस प्लस वाले 164, ओडीफ प्लस वाला एक और ओडीएफ वाले तीन शहर हैं। प्रदेश के एक नगरीय निकाय को वाटर प्लस का दर्जा मिला है।
महासमुंद नगर पालिका को पूर्वी जोन में 50 हजार से एक लाख तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला है। देश के पूर्वी जोन में कुम्हारी नगर पालिका को 25 हजार से 50 हजार तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में और आरंग नगर पालिका को 15 हजार से 25 हजार तक की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिला है।
पाटन नगर पंचायत को एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में देश के दूसरे सर्वाधिक स्वच्छ शहर के लिए पुरस्कृत किया गया है। ओडीएफ प्लस प्लस का दर्जा प्राप्त पाटन को गारबेज फ्री सिटी में फाइव स्टार रैंकिंग मिला है। सर्वे में रायपुर नगर निगम को एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में प्रदेश का सबसे स्वच्छ शहर चुना गया है। गारबेज फ्री सिटी में रायपुर को फाइव स्टार रेंटिंग प्राप्त हुआ है।
भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा हर साल देश के सभी शहरों एवं राज्यों के मध्य स्वच्छ सर्वेक्षण का आयोजन किया जाता है। इसमें विभिन्न मापदंडों के अंतर्गत शहरी स्वच्छता का आंकलन किया जाता है। राज्यों एवं शहरों की रैंकिंग जारी कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों तथा शहरों को पुरस्कृत किया जाता है।
मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजू एस. और सूडा के अधिकारियों सहित संबंधित नगरीय निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, समन्वयक तथा स्वच्छता दीदियां भी नई दिल्ली में आयोजित पुरस्कार समारोह में शामिल हुईं।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है






















