छत्तीसगढ़
Road Accident: जांजगीर-चांपा, NH-49 पर हादसों का सिलसिला 1 की मौत, बेटी घायल, मां की हालत गंभीर

Accident In CG: जांजगीर-चांपा हाइवे स्थित ब्लैक स्पॉट अमरताल गांव में 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग सड़क दुर्घटना में एक की मौत हो गई तो वहीं 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
Road Accident: जांजगीर-चांपा हाइवे स्थित ब्लैक स्पॉट अमरताल गांव में 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग सड़क दुर्घटना में एक की मौत हो गई तो वहीं 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पहली घटना देर रात हुई। जहां एक कार अनियंत्रित होकर ट्रक में जा घुसी तो दूसरी घटना मंगलवार की शाम को हुई। जिसमें तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को जबरदस्त टक्कर मार दी। इससे एक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अन्य तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एक 5 वर्षीय बच्ची की पैर टूट गया। वह अस्पताल में जिंदगी व मौत से जूझ रही है।
लिस के अनुसार अकलतरा थाना के एनएच 49 में बसे गांव अमरताल निवासी मंजू दिवाकर पति सुभाष दिवाकर अपनी बेटी के साथ मायके जेवरा गई हुई थी। कुछ दिन के बाद कमाने खाने बाहर जाने वाले थे। इसके पहले महिला अपने पति से बोली कि कुछ दिन अपने मायके होकर चली आती हूं। इसलिए तीन दिन पहले मायके चली गई थी। मंजू अपने पति सुभाष को बोली की लेने आ जाओ, तब सुभाष बोला कि अपने किसी परिजन के साथ आ जाओ, मुझे आते नहीं बन रहा है। जिस पर मंजू दिवाकर भतीजा संदीप खुराना, उसका दोस्त संजू व 5 वर्षीय बेटी सुहानी के साथ बाइक से ससुराल अमरताल जाने के लिए निकले।
इसी दौरान गांव अमरताल पहुंच गए थे। हाइवे में सामने से आ रही तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इससे चारों बाइक से दूर छिटक गए। संदीप खुराना की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। साथ ही मंजू, सुहानी व संजू को गंभीर चोटे आई। सुहानी की तो पैर ही टूट गया। साथ ही संजू को भी हाथ व पैर में गंभीर चोटे आई। इसके अलावा मंजू भी गंभीर हालात में है। आसपास लोगों की मदद से तीनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। 5 वर्षीय बेटी सुहानी जिंदगी व मौत से जूझ रही है।
इधर आक्रोशित ग्रामीणों ने परिजनों के आए बगैर शव नहीं उठाने की मांग को लेकर मेन रोड में चक्काजाम कर दिया। हाइवे होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर तत्काल एसडीओपी, थाना प्रभारी अकलतरा सदलबल मौके पर पहुंचे। ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद मुआवजा देने के बाद चक्काजाम समाप्त किया गया। दो घंटे हाइवे जाम होने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। इधर कुछ देर बाद मृतक की मां मौके पर पहुंची। अपने जवान पुत्र का शव देखकर उससे लिपट-लिपटकर रोती रही। जिसे देख लोगों के आंख से आंसू निकल गया।
घर पहुंचने से 100 मीटर पहले हुआ हादसा
मंजू दिवाकर ने बताई कि कुछ दिन बाद हम लोग बाहर कमाने खाने जाने वाले थे। इसके पहले मायके जेवरा गई थी। भतीजा के साथ वापस ससुराल आ रही थी। अमरताल स्थित घर से महज 100 मीटर दूर पहुंच गए थे। इसी दौरान अनियंत्रित ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। जिससे बड़ा हादसा हो गया।
Road Accident: लगातार हादसे के बाद भी अकलतरा पुलिस को नहीं सरोकार
नेशनल हाइवे स्थित अमरताल में हर दूसरे दिन हादसे हो रहे हैं। मोड़ होने के कारण स्पीड में वाहन संभाल नहीं पाते और भारी वाहन एक्सीडेंट कर बैठते है। अमरताल गांव में ही सोमवार की रात दूसरे हादसे में दो लोग जिंदगी व मौत से जूझ रहे हैं। साथ ही 4 लोग गंभीर रूप से घायल है। मुंगेली जिले के लोरमी से 7 लोग कार में सवार होकर लखुर्री बारात आए थे। अमरताल गांव में कार ट्रक से टकरा गई। हादसे में दो लोगों को गंभीर व 5 लोगों को सामान्य चोटें आई है। सभी को अस्पताल में भर्ती किया गया है।
चालक नशे में था
ट्रक चालक हादसे के बाद भागने के फिराक में था। इसी दौरान ग्रामीणों ने उसे धर दबोचा। इसके बाद उसकी धुनाई शुरू हुई। फिर वह बेहोश होने का नाटक करने लगा। इसके बाद ग्रामीण शांत हो गए। फिर पुलिस पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि वह शराब के नशे में था। नशा ही हादसे की वजह बनी। अमरताल के पास दो अलग अलग सड़क दुर्घटना में एक की मौत हुई है। वहीं 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनका इलाज किया जा रहा है।
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CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट; आंधी-तूफान के साथ गिर सकती है बिजली

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में मानसून का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले 5 दिनों तक तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में दस्तक दे सकता है। बीते गुरुवार की रात राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है।
इस वजह से हुई मानसून में देरी
सामान्य तौर पर छत्तीसगढ़ में मानसून 13 जून के आसपास प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण इसकी रफ्तार धीमी हो गई थी। हालांकि, अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक:
सर्वाधिक तापमान: गुरुवार को रायपुर में सबसे ज्यादा $38.5^\circ\text{C}$ तापमान दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान: दुर्ग में सबसे कम $24.2^\circ\text{C}$ तापमान रिकॉर्ड किया गया।
इन जिलों में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
दुर्ग: सबसे ज्यादा 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
जशपुर: 2 सेमी बारिश दर्ज हुई।
मनोरा (जशपुर): 1 सेमी बारिश।
केल्हारी (मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर – MCB): 1 सेमी बारिश।
वाड्रफनगर (बलरामपुर): 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग की चेतावनी: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने आज के लिए विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ (हवाएं) चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
छत्तीसगढ़
कम लागत, ज़्यादा मुनाफ़ा: छत्तीसगढ़ में नैनो उर्वरक लिख रहे हैं किसानों की समृद्धि की नई इबारत

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुशासन सरकार किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आय दोगुनी करने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में नैनो उर्वरकों (नैनो यूरिया और नैनो डीएपी) के उपयोग और उपलब्धता को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीक और किसान-हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- कम लागत में बेहतर उत्पादन का बेहतरीन विकल्प
पारंपरिक खाद के मुकाबले नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किसानों के लिए बेहद किफायती और असरदार साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, नैनो उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों का उत्पादन बेहतर होता है, बल्कि किसानों की जेब पर पड़ने वाला बोझ भी कम होता है।
- बचेंगे पैसे, घटेगी मेहनत
नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी खासियत इनकी सुगमता है। जहां पहले भारी-भरकम खाद की बोरियों को लाने-ले जाने और भंडारण (Storage) में काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब नैनो तकनीक के कारण:
परिवहन (Transportation) का खर्च बेहद कम हो गया है।
भंडारण की समस्या से मुक्ति मिली है।
खेतों में छिड़काव के लिए लगने वाली मजदूरी की लागत में भारी कमी आई है।
“सुशासन सरकार का संकल्प”
सरकार का मुख्य उद्देश्य आधुनिक तकनीक को सीधे किसानों के खेतों तक पहुँचाना है, ताकि लागत कम हो और मुनाफा ज़्यादा। आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के किसान अब समृद्धि और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ में खाद संकट और सुशासन पर सवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री Shiv Dahariya ने राज्य सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और सरकार किसानों से धान खरीदी को लेकर गंभीर नहीं है, जिससे किसान और आम जनता दोनों परेशान हैं। डहरिया ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में सुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है और मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
पूर्व मंत्री ने राज्य में प्रशासनिक अराजकता और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, अधिकारी जनता की समस्याओं के समाधान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक आतंकवाद जैसा माहौल बन गया है, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिव डहरिया ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को भी निशाना बनाकर काम किया जा रहा है। उनके मुताबिक, सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और राजनीतिक आधार पर फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं, खाद उपलब्धता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की मांग की।
खाद की कमी और धान खरीदी पर हमला: पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में खाद की भारी कमी है और वर्तमान सरकार किसानों से धान नहीं खरीदना चाहती है, जिससे किसान और आम जनता बेहद परेशान हैं
सुशासन का अभाव: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन नाम की कोई चीज़ नहीं रह गई है। उनके अनुसार आदरणीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है
नेताओं को टारगेट करने का आरोप: डहरिया ने यह भी दावा किया कि सत्ता पक्ष के ही कुछ नेताओं को टारगेट करके काम किया जा रहा है





















