क्राइम
परिवारिक जमीन विवाद पर बहु का गला दबा कर हत्या करने वाले आरोपी सांस, ससुर गिरप्तार

चौकी बेलगहना थाना कोटा जिला बिलासपुर अपराध क 60/2024 धारा 302,34 मा.द.वि.
आरोपी :- भवन सिंह मरकाम पिता इतवारी मरकाम उम्र 45 वर्ष सा. बंधियापारा खोंगसरा चौकी बेलगहना
जेठिया बाई पति भवन सिंह मरकाम उम्र 48 वर्ष
सा. बंधियापारा खोंगसरा चौकी बेलगहना थाना कोटा
जिला-बिलासपुर
मृतिका – खुशबू यादव उर्फ हीना पति रोहित मरकाम उम्र 19 वर्ष साकिन बंधियापारा खोंगसरा चौकी बेलगहना थाना कोटा जिला-बिलासपुर
विवरण- मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार से है कि चौकी बेलगहना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम खोंगसरा बंधियापारा में दिनांक 13-14.01.2024 की दरम्यानी रात सूचक भवन सिंह मरकाम की बहू खुशबू यादव उर्फ हीना यादव की कमरा अन्दर बिस्तर में अज्ञात कारण से मृत्यु हो गयी थी, सूचक भवन सिंह मरकाम निवासी बंधियापारा खोगसरा की रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर मृतिका नवविवाहिता होने से कार्यपालिक दण्डाधिकारी महोदय के समक्ष शव पंचनामा कर घटना के संबंध में पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर संतोष कुमार सिंह को अवगत कराया गया, चूकि मृतिका खुशबू यादव उर्फ हीना नवविवाहिता होने से मामले को गंभीरता से जांच करने की निर्देशित किया।
के परिपालन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय ग्रामीण अर्चना झा एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कोटा सिद्धार्थ बघेल के दिशानिर्देश पर पुलिस चौकी बेलगहना द्वारा विशेष टीम गठित कर मामले में घटना स्थल बारीकी से निरीक्षण किया गया तथा प्राप्त पीएम रिपोर्ट का बारीकी अवलोकन कर गवाहों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर से मृतिका के ससुर भवन सिंह मरकाम एवं सास जेठिया बाई मरकाम के द्वारा घटना दिनांक 13.01.2024 के रात्रि लगभग 10:30 बजे मृतिका खुशबू यादव उर्फ हीना के ससुर भवन सिंह मरकाम एवं सास जेठिया बाई के द्वारा मिलकर जमीन घर बटवारा की बात को लेकर मृतिका खुशबू उर्फ हीना यादव का गला और मुंह दबा कर हत्या करना पाये जाने से धारा 302,34 भादवि का अपराध घटित होना पाये जाने अपराध कायम कर आरोपियों का मेमोरडम कथन लेखकर घटना में मुँह दबाने प्रयुक्त गमछा को जप्त कर आरोपियों 1- भवन सिंह मरकाम पिता इतवारी मरकाम उम्र 45 वर्ष सा. बंधियापारा खोंगसरा चौकी बेलगहना थाना कोटा जिला-बिलासपुर 2 जेठिया बाई पति भवन सिंह मरकाम उम्र 48 वर्ष सा. बंधीयापारा खोंगसरा चौकी बेलगहना थाना कोटा जिला-विलासपुर को आज दिनांक 18.01.2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
उक्त मामले मे चौकी प्रभारी निरीक्षक विवेक पाण्डेय, प्रआर भुनेश्वर मरावी, आर सत्येंद्र राजपूत, विजेंद्र कोल, कौशल बिंझवार का विशेष योगदान रहा.
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Murder Case: छत्तीसगढ़ में सनसनी, बोरे के अंदर मिला शव, मचा हड़कंप

Surajpur Murder Case: छत्तीसगढ़ में अपराधियों के हौसलें इस कदर बुलंद है कि उन्हें अब पुलिस का भी डर नहीं रहा, प्रदेश में आए दिन मर्डर, रेप, मारपीट जैसी घटनाएं आते रहते है। इसी बीच सूरजपुर में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। यहां एक सफेद बोरे के अंदर बंद युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की स्थिति को देखकर हत्या के बाद उसे ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।
शरीर पर मिले चोटों के निशान
Surajpur Murder Case दरअसल, रामानुजनगर थाना के तिवरागुड़ी में सुबह जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो गांव के समीप एक संदिग्ध सफेद बोरा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर बोरे से तेज दुर्गंध आ रही थी। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी गांव के सरपंच को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रामानुजनगर पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंची। जब बोरे को खोला गया तो सभी के होश उड़ गए। भीतर एक युवक का शव मिला। जिसे रस्सियों से बांधा गया था। मृतक के सिर, चेहरे और गले सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतक की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
पुलिस आसपास के इलाकों (Surajpur Murder Case) में गुमशुदगी की जानकारी खंगाल रही है और घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। शव जिस तरह बोरे में बंद मिला है, उससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी शव को किसी बांध या सुनसान स्थान पर ठिकाने लगाने की फिराक में थे, लेकिन किसी वजह से अपने मंसूबे में सफल नहीं हो सके। फिलहाल फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वॉयड और पुलिस इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी अपने अपने स्तर पर सुलझाने में जुटी हुई है।
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CG News: भतीजे-भतीजी ने की बड़ी मां की हत्या, मुर्गा-दारु पार्टी में विवाद के बाद जलाकर मारा

अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भतीजा और भतीजी ने मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। घर में मुर्गा और दारु की पार्टी चल रही थी, इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों ने मिलकर चूल्हे में जल रही लकड़ी से पहले हमला करते हुए आग से जलाकर मौत के घाट उतार दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत चटकपुर में यह घटना घटी है। मृतिका अपनी भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को लड़कों के साथ घूमने से मना करती थी। जिससे नाराज होकर भतीजी ने अपने भाई के साथ मिलकर अपनी बड़ी मां की हत्या कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपी भतीजा अमृत विश्वकर्मा और भतीजी प्रभा विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
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Digital Arrest Scam: CBI अफसर बनकर बुजुर्ग से ₹1 करोड़ की ठगी,15 दिन तक घर में किया ‘डिजिटल अरेस्ट’

Digital Arrest Scam: गुजरात के सूरत से एक 90 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ डिजिटल अरेस्ट का मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित ने अपने जीवनभर की जमापूंजी कुल ₹1.15 करोड़ गंवा दिए।
Digital Arrest Scam: देशभर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest ) स्कैम के मामले बढ़ते ही जा रहे है। आए दिन किसी न किसी के साथ डिजिटल अरेस्ट स्कैम की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस स्कैम का शिकार बनकर अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी को गवां चुके हैं। इसी बीच, डिजिटल अरेस्ट का एक नया मामला सामने आया है। जिसके चलते ठगों ने गुजरात के एक 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम का शिकार बनाया और उन्हें उनके ही घर में 15 दिनों तक वर्चुअली रूप से डिजिटली अरेस्ट किया। जिसमें बुजुर्ग ने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा पैसे गंवा दिए।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, साइबर अपराधियों ने गुजरात के 90 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से ठगी की शुरुआत की। धोखेबाजों ने पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल करके सबसे पहले खुदको एक CBI अधिकारी बताया और उन्होंने कॉल पर कहा कि उनके नाम से एक पार्सल मुंबई से चीन भेजा गया है, जिसमें कथित तौर पर 400 ग्राम MD ड्रग्स थे। फिर गिरोह ने बुजुर्ग को जेल भेजने की धमकी दी और दवाव बनाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने का खेल शुरू किया।
धोखेबाजी का यह सिलसिला पीड़ित के साथ यही तक नहीं रुका बल्कि बुजुर्ग को पूरे 15 दिनों तक उनके ही घर में वर्चुअली तौर पर डिजिटल अरेस्ट पर रखा गया। फिर ठगों ने पीड़ित की बैंक डिटेल निकालकर ₹1.15 करोड़ की राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली।
इस पूरी घटना के बारें में जब बुजुर्ग के परिजनों को पता लगा तो उन्होंने 29 अक्टूबर को सूरत की साइबर सेल में धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट की शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 46 डेबिट कार्ड, 23 चेकबुक, 28 सिम कार्ड, 9 मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए। धोखेबाजों ने कई बैंक खातों और कंपनियों के रबर स्टांप का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़ा किया था।
गिरोह का मास्टरमाइंड फरार
सूरत की क्राइमब्रांच ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में अभी तक उन्होंने 5 अपराधियों- रमेश सुराना, उमेश जिंजाला, नरेश सुराना, राजेश देवड़ा और गौरांग राखोलिया को पकड़ लिया है। हालांकि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड पार्थ गोपानी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस कहना है कि यह अपराधी कंबोडिया में है। पुलिस ने इस रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि यह पूरा रैकेट चीन की एक गैंग की मदद से चलाया जा रहा था। बता दें, गिरोह ने बुजुर्ग व्यक्ति को मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट का शिकार बनाया और डरा-धमकाकर करोड़ों रुपए ऐठ लिए गए।





















